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Atal Bihari Vajpayee Death | Great Depression for Indians

Atal Bihari Vajpayee Death | Great Depression for Indians

In : Politics By storytimes About :-1 year ago

Atal Bihari Vajpayee Death

Atal Bihari Vajpayee was Born on 25 December 1924, he was an Indian government official who thrice filled in as the Prime Minister of India, first for a term of 13 days in 1996, for a time of eleven months from 1998 to 1999, and afterward for a full term from 1999 to 2004.

There, his oratorical abilities so awed Prime Minister Jawaharlal Nehru that he anticipated that Atal Bihari Vajpayee would some time or another turn into India's Prime Minister. 

On 13 October 1999, Atal Bihari Vajpayee accepting promise as Prime Minister of India for the third time. 

On 17 January 2000, there were reports of the RSS and some BJP hard-liners debilitating to restart the Jan Sangh, the antecedent to the BJP, as a result of their discontent over Atal Bihari Vajpayee run the show. 

On 29 June 2002 Atal Bihari Vajpayee while devoting his gathering of sonnets deciphered in Tamil, reviewed his companionship with C. N. Annadurai and guaranteed that he was not restricted to Hindi and valued Vajpayee's dialect aptitudes. 

Atal Bihari Vajpayee Death

Image Source: www.firstpost.com

Atal Bihari Vajpayee resigned as Prime Minister and guaranteed co-activity to the new government.

As well as a good politician, Atal Bihari Vajpayee was also a great poet. Here are some of his poems - 

Atal Bihari Vajpayee Death

Image Source: YouTube

1. क़दम मिला कर चलना होगा

"बाधाएँ आती हैं आएँ
घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,
पावों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,
निज हाथों में हँसते-हँसते,
आग लगाकर जलना होगा।
क़दम मिलाकर चलना होगा।

हास्य-रूदन में, तूफ़ानों में,
अगर असंख्यक बलिदानों में,
उद्यानों में, वीरानों में,
अपमानों में, सम्मानों में,
उन्नत मस्तक, उभरा सीना,
पीड़ाओं में पलना होगा।
क़दम मिलाकर चलना होगा।"

 

"उजियारे में, अंधकार में,
कल कहार में, बीच धार में,
घोर घृणा में, पूत प्यार में,
क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में,
जीवन के शत-शत आकर्षक,
अरमानों को ढलना होगा।
क़दम मिलाकर चलना होगा।

सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ,
प्रगति चिरंतन कैसा इति अब,
सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ,
असफल, सफल समान मनोरथ,
सब कुछ देकर कुछ न मांगते,
पावस बनकर ढ़लना होगा।
क़दम मिलाकर चलना होगा।

कुछ काँटों से सज्जित जीवन,
प्रखर प्यार से वंचित यौवन,
नीरवता से मुखरित मधुबन,
परहित अर्पित अपना तन-मन,
जीवन को शत-शत आहुति में,
जलना होगा, गलना होगा।
क़दम मिलाकर चलना होगा।"

- अटल बिहारी वाजपेयी

Atal Bihari Vajpayee Death

Image Source: Lets-Inspire.com

2. हरी हरी दूब पर

"हरी हरी दूब पर 
ओस की बूंदे 
अभी थी, 
अभी नहीं हैं| 
ऐसी खुशियाँ 
जो हमेशा हमारा साथ दें 
कभी नहीं थी, 
कहीं नहीं हैं| 

क्काँयर की कोख से 
फूटा बाल सूर्य, 
जब पूरब की गोद में 
पाँव फैलाने लगा, 
तो मेरी बगीची का 
पत्ता-पत्ता जगमगाने लगा, 
मैं उगते सूर्य को नमस्कार करूँ 
या उसके ताप से भाप बनी, 
ओस की बुँदों को ढूंढूँ? 

सूर्य एक सत्य है 
जिसे झुठलाया नहीं जा सकता 
मगर ओस भी तो एक सच्चाई है 
यह बात अलग है कि ओस क्षणिक है 
क्यों न मैं क्षण क्षण को जिऊँ? 
कण-कण मेँ बिखरे सौन्दर्य को पिऊँ? 

सूर्य तो फिर भी उगेगा, 
धूप तो फिर भी खिलेगी, 
लेकिन मेरी बगीची की 
हरी-हरी दूब पर, 
ओस की बूंद 
हर मौसम में नहीं मिलेगी।"

- अटल बिहारी वाजपेयी

Atal Bihari Vajpayee Death

Image Source: YouTube

3. दूध में दरार पड़ गई

"ख़ून क्यों सफ़ेद हो गया?
भेद में अभेद खो गया।
बँट गये शहीद, गीत कट गए,
कलेजे में कटार दड़ गई।
दूध में दरार पड़ गई।

खेतों में बारूदी गंध,
टूट गये नानक के छंद
सतलुज सहम उठी, व्यथित सी बितस्ता है।
वसंत से बहार झड़ गई
दूध में दरार पड़ गई।

अपनी ही छाया से बैर,
गले लगने लगे हैं ग़ैर,
ख़ुदकुशी का रास्ता, तुम्हें वतन का वास्ता।
बात बनाएँ, बिगड़ गई।
दूध में दरार पड़ गई।"

- अटल बिहारी वाजपेयी

Atal Bihari Vajpayee Death

Image Source: Zee News

Atal Bihari Vajpayee underwent knee replacement surgery at Breach Candy Hospital in Mumbai in 2001. He suffered a stroke in 2009 which impaired his speech. His health was been a major source of concern and those in the know say he is often confined to a wheelchair and fails to recognize people. He was said to be suffering from dementia and long-term diabetes. He was not known to have attended any public event in recent years. He rarely ventured out of the house, except for checkups at the All India Institutes of Medical Sciences. On 11 June 2018, Atal Bihari Vajpayee was admitted to a hospital in critical condition. 

Atal Bihari Vajpayee expired on 16 August 2018 at an age of 93. Such a sad moment for us Indians that just after the celebration of 72nd Independence Day, we lost a precious gem of our country.

Atal Bihari Vajpayee was The man India required as the most suitable pioneer for the twenty-first century.

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