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30 साल 3 सरकारी नौकरी की इस शख्श ने पकड़ी गई चोरी | 30 Years 3 Government Job Story In Hindi

30 साल 3 सरकारी नौकरी की इस शख्श ने पकड़ी गई चोरी | 30 Years 3 Government Job Story In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-5 months ago
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सरकारी नौकारी जिसे पाने के लिए आज लोग क्या-क्या नही करते बस एक सरकारी नौकरी मिल जाए लाइफ सेट हो जाती है। लेकिन इस महंगाई और बेरोजगारी के दौर में सरकारी नौकरी पाने के लिए कितने पापड़ बेलने पड़ते है। इस बात को हम सभी अच्छीं तरह जानते है। लेकिन दोस्तों आज हम बिहार के रहने एक ऐसे इंजीनियर की बात करने वाले है। जिसने सरकारी नौकरी को मजाक बना कर रख दिया । यह इंजीनियर पिछले 30 साल से 3 सरकारी नौकरीयां एक साथ कर रहा है।

सरकारी नियमों के अनुसार इस बात को हम सभी जानते है की। एक समय एक से अधिक व्यक्ति सरकारी नौकरी में कार्यरत नही रह सकता। यदि कोई शख्स दुसरी नौकरी लग भी जाता है तो उसे पहली नौकरी से इस्तीफा देना पड़ता है। लेकिन दोस्तो इस नियम की पालना बिहार के किशनगंज के निवासी सुरेश राम ने बिलकुल नही की। दोस्तो आपको बता दे की सुरेश कुमार बीते 30 साल से एक नही पुरी 3 सरकारी नौकरीयां कर रहा था। सुरेश तीनो नौकरीयों से सैलरी भी ले रहा था। जो बिलकुल कानून के खिलाफ था।

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एक रिपोर्ट के अनुसार बिहार का रहने वाला सुरेश कुमार बीते 30 साल से किशनगंज के “ऑफिस ऑफ बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन, व बांका ज़िले के बेलहर में “जल विभाग में, सुरेश कुमार तीसरी नौकरी कर रहा था । भीम नगर पूर्व तटबंध बतौर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था।

बिहार के रहने वाले सुरेश राम ने साल 1998 में अपने करियर की शुरुआत “बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट” मे बतौर जूनियर इंजीनियर के साथ की। सुरेश राम को साल 1989 में  “ जल विभाग” से नियुक्ति पत्र मिला। सुरेश कुमार को कुछ ही समय बाद तीसरी सरकारी नौकारी मिल गई। पहली से दुसरी, दुसरी से तीसरी सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी सुरेश कुमार ने अपनी पहली दो नौाकरीयों से त्याग पत्र नही दिया था।

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सुरेश ने तीनो सरकारी पदों का लाभ पुरे 30 साल तक उठाया और इस दौरान उसका  प्रमोशन भी हुआ। लेकिन पुरे 30 साल 3 सरकारी पदो पर काम करने वाले सुरेश कुमार का व्यापक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली ले खुलासा कर दिया.

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बिहार सरकार ने हाल में राज्य में सीएफएमएस का निमार्ण किया। जिसका प्रमुख कार्य था राज्य सरकार के राजकोष प्रबंधन की सम्पूर्ण जानकारी एकत्रित करना। तब सरकार ने फैसला लिया की अब से सभी वित्तीय निर्णय ऑनलाइन होंगे। इस प्रक्रिया के तहत बिहार राज्य के सभी सरकारी कर्मचारीयों से उनकी डिटेल्स मांगी गई आधार नंबर, पेन कार्ड नंबर यह सब जानकारी सीएफएमएस को भेजी गई। जब सीएफएमएस ने जांच शुरु की तब सुरेश राम की यह चालाकी पकड़ मे आ गई क्योंकि सुरेश कुमार का पेन व आधार कार्ड तीनो डिर्पाटमेंट के साथ जुड़ा हुआ था।

जब से मामले का खुलासा हुआ है । तीन-तीन सरकारी नौकारीयां करने वाले सुरेश राम अभी फरार चल रह है।

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