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क्या आर्टिकल 35-ए पर 15 अगस्त से पहले कुछ बड़ा होने वाला है? | Article 35-A Jammu Kashmir New Update

क्या आर्टिकल 35-ए पर 15 अगस्त से पहले कुछ बड़ा होने वाला है? | Article 35-A Jammu Kashmir New Update

In : Meri kalam se By storytimes About :-4 months ago
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क्या देश में आर्टिकल 35-ए को लेकर कोई बड़ी खबर आने वाली है? |  Article 35-A Remove Update In Hindi

पिछलें बीतें कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में राजनेताओं, अफसरों और सोशल मीडिया पर जम्मू कश्मीर को लेकर कई बातें हो रही है. इन सब बातों के बीच कुछ सवाल है जो सभी के मन में उठ रहें है. क्या भारत के गृहमंत्री आर्टिकल 35- ए को समाप्त करने जा रहे है? क्या जम्मू कश्मीर में सेना की तैनाती में बढोतरी हो रही है? क्या देश में आर्टिकल 35-ए को लेकर कोई बड़ी खबर आने वाली है? इन सब बातों की उलझन को सुलझानें के लिए आज हम इस लेख में इस खबर से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों की चर्चा करने वाले है.

इस पुरी खबर की शुरूआत हुई थी जम्मू कश्मीर की पूर्व सी.एम और भारतीय जनता पार्टी की साथी रही चुकी महबूबा मुफ्ती के आए एक विडियो और ट्वीट से इस विडियो में महबूबा मुफ्ती ने कहा था की जो हाथ आर्टीकल 35-ए के साथ छेडछाड़ करने के लिए उठेगा तो जिस्म जला दिया जाएगा साथ ही दुसरी और एक ट्वीट आया दिल्ली विधायक और बीजेपी के करीबी कपिल मिश्रा का उनके ट्वीटर हेडल से एक ट्वीट किया इस बार छठ पूजा डल झींल में मनाई जाएगी. दोनो राजनायकों के बयान उकसाने वाले है. दोनो बयानों का मतलब राजनीति में अलग-अलग हो सकता है क्योंकि राजनीति में दोनो नेताओं का रूतबा अपने आप में अलग है. लेकिन दोस्तो पुरा माजरा यह है की अब देश में नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणीयों से देश की राजनीति  तय होगी क्या?

Article 35-A Jammu Kashmir New UpdateSource

हम सोशल मीडिया का जिक्र इसलिए कर रहें की क्योंकि सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है की जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना के 10,000 जवानों की तैनाती की जा रही है क्योंकि देश में कुछ बड़ा होने जा रहा है. लोगो द्वारा कहा जा रहा है की अब भारत के गृहमंत्री अमित शाह कभी भी जम्मू कश्मीर से आर्टीकल 35-ए को हटा सकते है. अब दोस्तो सोशल मीडिया पर इन सब बातों का जिक्र क्यों हो रहा है और सोशल मीडिया पर 35-ए को क्यों जोड़ा जा रहा है तो चलिए इस कहानी के पुरे माजरे को समझते है की आखिर इस आर्टीकल 35-ए की बात कहां से शुरू हुई थी?

20 जुलाई 2019 - रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का बयान

इस बात की शुरूआत हुई थी 20 जुलाई 2019 से जब भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एक पुल के उद्घाटन के लिए हिमाचल के कठुआ गए. पुल का उद्घाटन करने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा की जम्मू कश्मीर मामले का फैसला जल्द होने वाला है. अगर बातचीत से नही तो कैसे करना है इस बात से हम अच्छीं तरह अवगत है. इस पर बात करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर को एक बार फिर से स्वर्ग बनाने की बात भी कही थी.

26 जुलाई 2019 - सेना प्रमुख बिपिन रावत का बयान

26 जुलाई 2019 के दिन भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत का एक बयान आया की जम्मू कश्मीर में निवास करने वाला कोई भी चरमपंथी सेना के सुरक्षाबलों के खिलाफ बंदूक उठता है अब उग्रवादी नही रहेगा उससे बंदूक को अलग कर दिया जाएगा और वो जाएगा कब्र में और बंदूक होगी हमारे पास.

27 जुलाई 2019 - जम्मू कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबल की तैनाती

27 जुलाई के दिन सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनाती की खबर आयी इस में तय किया गया की सी.आर.पी.एफ, शस्त्र सीमा बल, बी.एस.एफ, आई.टी.बी.पी यह सुरक्षाबल और करीब 100 कंपनियों की टीम जम्मू कश्मीर के लिए भेजेंगे.

28 जुलाई 2019 - श्रीनगर से जारी की गई चिट्टी

28 जुलाई के दिन श्रीनगर के आर.पी.एफ डिविजन सिक्योरिटी कमिश्नर के दफ्तर से एक चिट्टी जारी की गई इस चिट्टी में कर्मचारीओं को इस बात की सलाह दी गई की वो सभी राशन और पीनें के पानी का इंतजाम कर लें जितना हो सकें जमा कर लें साथ ही चिट्टी में इस बात की भी हिदायत दी गई की वो अपने परिवार को जम्मू कश्मीर में न रखें लेकिन बाद में रेल मत्रांलय ने यह चिट्टी को वापस लें लिया और इस पर सफाई भी दी.

28 जुलाई 2019 - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात

28 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात करने हुए जब जम्मू कश्मीर के सोफिया के रहने वालें गिन्नी मोहम्मद असलम के बारें मे चर्चा की और कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग देश में चल रही विकास धारा की लहर से जुड़ना चाहते है  

29 जुलाई 2019 - बीजेपी द्वारा बुलाई गई “ अर्जेट मीटिंग

29 जुलाई के दिन बीजेपी के बड़े नेंताओं की अर्जेट मीटिंग बुलाई गई इस मीटिंग में केंद्र के बड़े नेताओं ने जम्मू कश्मीर में मौजूद अपनी कोर टीम के तुरंत दिल्ली आने के लिए कहा ऐसा कहा जा रहा है इस मीटिंग की अध्यक्षता बीजेपी के प्रमुख कार्यकारिणी नेता जे.पी नड्डा इस इस अर्जेट मीटिंग की अध्यक्षता कर सकतें है. इस मीटिंग में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की भी शामिल होने की बात की जा रही है. 

पिछलें एक सप्ताह से अफवाहों की खबरों के बीच यूट्यूब भी पीछें नही रहा यूट्यूब जम्मू कश्मीर पर चल रहें आर्टीकल 35-ए के वीडियो में तो ऐसा लग रहा की जम्मू कश्मीर से आर्टीकल 35-ए एक दो दिन और चलने वाला है साथ ही घाटी में इस बात की अफवाह चल रही है की 35-ए आर्टीकल को लेकर कोई फैसला आने पर दंगे ना हो इसलिए अतिरिक्त सुरक्षाबल की तैनाती की गई है.

इन सब खबरों के साथ एक सत्य बात भी सामनें आई की भारत के मुख्य रक्षा सलाहकार अजित डोभाल वो लगातार मीटिंग कर रहें है और इसके पीछें वजह बताई जा रही है की इंटेलिजेंस इनपुट है की जम्मू कश्मीर में फिर कोई बड़ी आतंकी कार्यवाही हो सकती है और इस वजह से जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बरती जा रही है. इस खबर के बीच सोशल मीडिया में फिर खबर उड़ती है की बी.जे.पी सरकार जम्मू कश्मीर घाटी में चरमपंथियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू करने वाली है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है की आजादी दिवस को लेकर वहां सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जा रहे है. 

अब तक दोस्तो हमने नेताओं, सोशल मीडिया की बात जानी. अब जानते है की प्रशासन का इस पुरे मामले को लेकर क्या कहना है.

इस बात पर सिक्योरिटी फॉर्सेस का कहना है की यह एक रूटीन मूवमेंट है 27 जुलाई को एडिशनल डायरेक्टर जनरल पुलिस ए.डी.जी.पी मुनीर खान ने कहा की लोग इन अफवाहों पर ध्यान न दें. और कहा की घाटी में करीब 200 कंपनीया तैनात है और इन्हें चरणों के हिसाब से रिप्लेस किया जाएगा और इसी वजह से जम्मू में इन 100 अतिरिक्त कंपनीयों की टीम को बुलाया गया है. इन सब के बाद में लोगो द्वारा सरकार की और अंदेशे की नजर से देखा जा रहा है.

इनके पीछें मुख्य वजह -  Article 35-A Jammu Kashmir

1. बीजेपी की सरकार बनने के बाद अमित शाह के गृहमंत्री पद को संभालते ही जम्मू कश्मीर जाना.

2. अमित शाह के बाद रॉ के प्रमुख सांमत गोयल का 2 दो दिन घाटी दौरे पर जाना.

3. जम्मू कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती के बाद रक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का जम्मू कश्मीर दौरे पर जाना.

4. जम्मू कश्मीर में अचानक 100 अतिरिक्त कंपनियो की तैनाती करना.

5. 30 जुलाई की जानें वाली कोर की अर्जेट मीटिंग.

अब दोस्तो जम्मू कश्मीर में चल रही इतनी गतिविधियों के बारें में हमनें आपको बताया लेकिन इन सब का मुख्य मुद्दा क्या है आर्टिकल 35-ए तो चलिए दोस्तो अब यह भी जान लेने है की आखिर यह आर्टीकल 35-ए है क्या है और इसे लेकर इतना विवाद क्यों हो रहा है?

आर्टिकल 35-ए जम्मू कश्मीर को स्थाई नागरिकता की परिभाषा तय करने के अधिकार देता है. आर्टिकल 35-ए को 14 मई 1954 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपती डॉ. राजेंद्र प्रसाद के द्वारा एक आदेश पारित कर भारतीय संविधान में जोड़ा गया था लेकिन तब इसे संविधान के मुल भाग में न जोड़ते हुए अनुबंध भाग में जोड़ा गया.

आर्टिकल 35ए से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी - All You Need to Know About Article 35A

1. जम्मू कश्मीर की विधानसभा को स्थायी नागरिक की परीभाषा तय करने का अधिकार.

2. जम्मू कश्मीर राज्य के संविधान के अनुसार - जम्मू कश्मीर का वही स्थायी नागरिक है जो 14 मई 1954 से जम्मू कश्मीर का नागरिक है या इससे 10 सालों पहले से ही यहां रह रहा हो और उसकी यहां कोई संपत्ति  हो.

3. इस संविधान के अंतर्गत भारत के दुसरे राज्य का कोई भी नागरिक यहां न तो संपत्ति खरीद सकता है न ही यहां की नागरिकता हासिल कर सकता है.

आर्टीकल 35-ए के विरोध के कारण - Opposed  Article 35-A

जम्मू कश्मीर में ऐसे कई लोग है जिन्हें अब तक कोई अधिकार नही मिल पाया है. इस लिस्ट में जम्मू कश्मीर में निवास करने वाली वाल्मीकि, गोरखा, आदी समुदायों के लाखों लोग है इन समुदाओं की 4 पीढ़ी तक को भी अभी जम्मू कश्मीर की स्थायी नागरिकता नही मिल पाई है.

साल 1947 से जम्मू कश्मीर में बसें हिंदू परिवार अब तक भी वहां के शरणार्थी है इन शरणाथीयों में करीब 85 प्रतिशत दलित और पिछड़े समदाय के लोग है. जो अब तक वहां के मुल अधिकारों से वचिंत है. इन शरणार्थीयों को यहां सरकारी नोकरी हासिल करने का अधिकार नही है इन्हें यहां वोट डालने का भी अधिकार नही है.

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