×

आखिर क्यों किया था अमेरिका ने जापान पर परमाणु हमला | Atom Attack Japan History In Hindi

आखिर क्यों किया था अमेरिका ने जापान पर परमाणु हमला | Atom Attack Japan History In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-3 months ago
+

दोस्तों जब भी दो देशो के मध्य युद्ध होता है तो दोनों देशो को नुकसान होता है युद्ध के दौरान बेवजह लाखो लोग मारे जाते है साथ ही कई देशो का तो अस्तित्व ही मिट जाता है और दुनिया ने ऐसा ही विनाश देखा था दुनिया में हुए वर्ल्ड वॉर 2 के दौरान जब अमेरिका ने जापान के दो शहर हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमला किया था अमेरिका ने पहला परमाणु बम 6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा में गिराया और इसके तीन दिन बाद ही यानी 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर परमाणु हमला किया इन हमलो के बाद इन दोनों शहरो में लाखो लोगो की लाशे बिछ गई थी और चारो तरफ भयंकर मंजर छा गया इन परमाणु हमलो के बाद 1,29000 लाख लोगो की तो परमाणु बम गिरने के दौरान ही मौत हो गई थी हमले के बाद परमाणु बम से फैले रेडिएशन के कारण सालो तक लोगो की तड़फ तड़फ कर मौत हुई दोस्तों आज हम इस लेख में प्रमुख तौर पर इसी बात को जानने वाले है की आखिर ऐसी क्या वजह हो गई थी की अमेरिका को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा.

दोस्तों इस जानकारी शुरुआत करने से पहले बता दू की वर्ल्ड वॉर -2 में दो दलों के बीच लड़ाई थी पहला था एक्सिस पावर और दूसरा था अलाइड पावर एक्सिस पावर में जर्मनी इटली जापान हंगरी के साथ बहुत से देश थे और अलाइड पावर में अमेरिका ब्रिटैन कनाडा फ्रांस ब्राज़ील ऑस्ट्रेलिया के साथ कई देश शामिल थे लेकिन जब इस युद्ध में हिटलर की मौत हुई तब एक्सिस पॉवर में शामिल जर्मनी की ताकत कमजोर पड़ गई तब अलाइड पावर थोड़ा मजबूत नजर आ रहा था लेकिन दोस्तों फिर भी एक्सिस पावर के साथ जापान जैसा मजूबत देश जुड़ा हुआ था

Atom Attack Japan History In HindiSource nationalinterest.org

युद्ध में जापान भी धीरे धीरे कमजोर पड़ रहा था और पूरी तरह हार के कगार पर होने के बाद भी जापान के राजा हिरोहितो हथियार नहीं डालना चाहते थे हिरोहितो के इस फैसले के कारण एक्सिस पावर में शामिल कई देशो को भारी नुकसान भी हो रहा था और तब अमेरिका को इस वर्ल्ड वॉर को खत्म करने के लिए कुछ अलग करना था इससे पहले अमेरिका ने 16 जुलाई 1945 को परमाणु बम का सफल परीक्षण भी कर लिया था साथ ही दूसरी और जापान भी अपने प्रयोजन ऑपरेशन डाउन फॉल के तहत अमेरिका पर बड़े हमले का प्लान तैयार कर रहा था

जब जापान की इस हरकत की जानकारी अमेरिका के उस समय के राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन तब उन्होंने अपनी विशेष टीमों को गठन कर अमेरिका पर बम गिराने का प्लान तैयार किया और साथ ही जापान की कौनसी जगह पर इन बमों को गिराया जाये इसके लिए एक टीम बनाई गई इन टीमों ने जापान की पूरी जानकारी एकत्रित की और अपना पहला टारगेट तैयार किया हिरोशिमा दोस्तों जब भी कोई देश परमाणु बम का इस्तेमाल करता है तो उसे दूसरे देश की इजाजत लेनी होती है और इसकी इजाजत अमेरिका ने यूनाइटेड किंगडम से ले ली

Atom Attack Japan History In HindiSource www.abc.net.au

फिर अमेरिका ने अपने एयरक्राफ्ट के जरिये 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा पर 8 बजकर 45 मिनट पर इस बम को गिरा दिया गया इस बम का नाम था लिटिल बॉय जब इस बम को गिराया गया तब ये अमेरिका के एयरक्राफ्ट से जमीन पर महज 44.4 सेकंड में पहुंच गया और जब ये जमीन पर गिरा तब हिरोशिमा में लगा जैसे भूकंप आ गया जब तक लोग जान पाते की क्या हुआ तब तक ये बम पुरे शहर को खत्म कर चूका था इस बम से करीब 80,000 लोग बम गिरते है मर गए इस बम ने हिरोशिमा के 11 किलोमीटर के क्षेत्र को जलाकर रख कर दिया था जब तक जापान इस हमले के बारे में समझ पाता  अमेरिका ने उसके तीन दिन बाद 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर दूसरा परमाणु हमला कर दिया इस परमाणु बम का नाम था फैट मैन अमेरिका के प्लान के अनुसार दूसरा परमाणु हमला जापान के कोकुरा शहर में करना था

Atom Attack Japan History In Hindi

Source www.history.com

लेकिन मौसम में खराबी के चलते उस जगह को टारगेट करने के बजाय उन्होंने अपना टारगेट बदला और दूसरा परमाणु हमला नागासाकी पर कर दिया जल्दबाजी में परमाणु बम जमीन से 500 फिट ऊपर ही फट गया जिसने चारो तरफ तबाही मजा दी हलाकि दोस्तों इस हमले में पिछले हमले से कम नुकसान हुआ क्योकि नागासाकी के चारो तरफ पहाड़ होने की वजह से ये ज्यादा दूर तक नुकसान नहीं हुआ लेकिन फिर भी करीब 40,000 लोग इस हमले में मारे गए साथ ही परमाणु बम के फैले रेडिएशन ने बाद में हजारो लोगो की जिंदगी नर्क बना दी अपने देश पर हो रहे लगातार परमाणु हमलो के देखते हुए

Atom Attack Japan History In Hindi

Source blog.nuclearsecrecy.com

जापान के राजा हिरोहितो ने 14 अगस्त 1945 को अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया दोस्तों कुछ लोगो का कहना है की यदि जापान फिर भी नहीं मानता तो अमेरिका 6 अगस्त 9 अगस्त के बाद 19 अगस्त को और परमाणु हमला करने वाला था लेकिन दोस्तों आज हम यही कामना करते है  की आगे भविष्य में किसी भी देश पर ऐसा हमला न हो और सभी देश आपस में मिल कर काम करे.

Read More - भारत -पाक के इन युद्ध में पाक को भागना पड़ा उलटे पांव