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स्मार्ट डिवाइसेस की बैटरी लाइफ से है परेशान, तो एक बार इन स्मार्ट टिप्स को जरूर आजमाए....

स्मार्ट डिवाइसेस की बैटरी लाइफ से है परेशान, तो एक बार इन स्मार्ट टिप्स को जरूर आजमाए....

In : Technology By storytimes About :-1 year ago
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Battery life of smart devices

आज की तारीख में ज्यादातर स्मार्टफोन हाई-रिज़ॉल्यूशन(High-resolution) वाले बड़े डिस्प्ले, पावरफुल प्रोसेसर और ज्यादा मैमोरी के साथ आते हैं। इनका मकसद मल्टी-टास्किंग और मुश्किल काम को भी आसानी से पूरा करने का होता है। हालांकि, इसका मतलब यह भी है कि ऐसे में फोन की बैटरी को पूरे दिन चलने में परेशनी होगी और इस कारण से ही पावर बैंक मजबूरी बन गए हैं।

चाहे आप स्मार्टफोन, टैबलेट या फिर लैपटॉप इस्तेमाल करते हों। ये टिप्स आपके डिवाइस की बैटरी(Battery) लाइफ बढ़ाने में मदद करेंगे।

तापमान का रखें ध्यान  

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बैटरी को ऊंचे तापमान में इस्तेमाल करना, इसकी साइकलिंग से भी ज्यादा परेशान करने वाला हो सकता है। बैटरी यूनिवर्सिटी का कहना है कि ज्यादा तापमान और बढ़ती उम्र धीरे-धीरे बैटरी की परफॉर्मेंस को कम कर देते हैं। कम तापमान (30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान को ज्यादा माना जाता है) में डिवाइस का इस्तेमाल करने से उसकी लाइफ साइकल बेहतर होगी। टेस्टिंग में पाया गया है कि तीन महीने के लिए बैटरी को 60 डिग्री तापमान में इस्तेमाल करने पर परफॉर्मेंस 60 फीसदी तक पहुंच जाती है और 40 डिग्री तापमान में 65 फीसदी पर। आप अपने डिवाइस को गर्मी से बचाने की कोशिश करें, जैसे कि तपती गर्मी में अपने मोबाइल को कार के डैशबोर्ड पर छोड़ने की गलती ना करें।

लोकेशन ट्रैकिंग बंद कर दें

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हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फेसबुक ऐप आईफोन की बैटरी को जल्दी खत्म कर देता है क्योंकि यह बार-बार जीपीएस मॉड्यूल का इस्तेमाल करके यूज़र की लोकेशन जानता रहता है। ऐसे में जिन ऐप को आपके लोकेशन की ज़रूरत नहीं है, उनके लोकेशन ट्रैकिंग(Location tracking) को ऑफ कर देने से ज़रूर मदद मिलेगी।
ज्यादा एंड्रॉयड डिवाइस पर आप सेटिंग्स के बाद लोकेशन में जाकर लोकेशन ट्रैकिंग को पूरी तरह से ऑफ कर सकते हैं। वैसे, ऐप के स्तर पर यह तय करने का विकल्प फिलहाल सिर्फ एंड्रॉयड मार्शमैलो(Android Marshmallow) में दिया गया है।

फुल चार्ज़ करने से बेहतर है थोड़ा-थोड़ा चार्ज़ करना

बैटरी यूनिवर्सिटी के द्वारा दिए गए एक शानदार सुझाव को मैराथन के उदाहरण से समझा जा सकता है। बैटरी को 100 फीसदी से सीधे ले जाकर शून्य पर खत्म करने से बेहतर है कि आप इसे 50 फीसदी तक ही डिस्चार्ज़ होने दें। 30 से 80 फीसदी के बीच का क्रम बनाए रखें। ऐसा करने से आपके बैटरी की डिस्चार्ज़ साइकिल तीन गुनी बढ़ जाएगी।

डिस्प्ले की ब्राइटनेस कम करें

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यह सुझाव लैपटॉप और मोबाइल डिवाइस पर लागू होता है। ज्यादातर डिवाइस में ब्राइटनेस सेटिंग्स को आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर स्क्रीन की ब्राइटनेस को लक्स जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स(Third-party apps) से कम कर सकते हैं। यह डिस्प्ले की ब्राइटनेस कम करने के अलावा स्क्रीन का कलर कास्ट को भी बदल देता है। हालांकि, एक सॉफ्टवेयर लेयर के जरिए ही ओलेड स्क्रीन पर पावर बचाया जा सकता है जबकि एलसीडी में इसके लिए बैकलाइट ब्राइटनेस को कम करना होगा।
डिवाइस के इनएक्टिव(Inactive) रहने पर आपका डिस्प्ले कितनी देर तक ऑन रहे, यह कम करके भी आप थोड़ी बैटरी बचा सकते हैं। एंड्रॉयड पर आप सेटिंग्स के बाद डिस्प्ले में जाकर यह तय कर सकते हैं। आईओएस में सेंटिग्स के बाद जनरल के बाद ऑटो-लॉक में जाकर आप सेटिंग को अपनी सुविधा के हिसाब से बदल सकते हैं।

बैटरी सेवर मोड को ऑन करें

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सभी एंड्रॉयड फोन में बैटरी सेवर मोड मौजूद नहीं है। अगर आप एंड्रॉयड 5.0 या उसके बाद के वर्ज़न को इस्तेमाल कर रहें तो आपके डिवाइस पर इस मोड के मौजूद रहने की संभावना ज्यादा है। जैसे ही आपके फोन की बैटरी 15 फीसदी पर पहुंचती है, यह अपने आप एक्टिव हो जाता है। यह बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश, लोकेशन ट्रैकिंग और सिंक एक्टिविटी(Sync Activity) को बंद कर देता है, ताकि बैटरी लाइफ बचाई जा सके। एंड्रॉयड मार्शमैलो डोज़ फीचर के साथ आता है। अगर आप अपने फोन लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करते हैं तो यह फ़ीचर आपके फोन को डीप स्लो मोड में भेज देता है। इस फ़ीचर के कारण स्टैंडबाय टाइम दोगुना हो जाता है।

फ्लाइट मोड का इस्तेमाल करें

अगर आपका फोन सेलुलर टावर के नजदीक नहीं है तो इसका असर स्टैंडबाय टाइम पर भी पड़ेगा। अगर आप ऐसी जगह पर हैं जहां कोई नेटवर्क नहीं है तो बेहतर होगा कि फोन में एयरप्लेन मोड (Flight Mode) एक्टिव कर लें। आपका फोन ऐसी जगहों पर बार-बार नेटवर्क तलाश करेगा जिसका असर बैटरी लाइफ पर पड़ेगा।