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मलेरिया की दवा बनाने वाली कंपनी कैसे बनी बिसलेरी वाटर पैकेजिंग कंपनी Bisleri Success Story In Hindi

मलेरिया की  दवा बनाने वाली कंपनी कैसे बनी बिसलेरी वाटर पैकेजिंग कंपनी Bisleri Success Story In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-3 months ago
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नमस्कार दोस्तों आज हम एक ऐसे प्रॉडक्ट की बात करने वाले जो हर व्यक्ति के मुँह पर बड़ी आसानी से आ जाता है उसका नाम है बिसलेरी दोस्तों बिसलेरी का इतिहास काफी विचित्र है भारत देश की पहली वाटर बोतल बेचने वाली कंपनी जिसने शुरुआत तो की शुद्ध जल बेचने से लेकिन दोस्तों लोगो के बीच इसका ट्रेंड हो गया बिसलेरी सोडे के लिए क्योंकि दोस्तों बिसलेरी को शुरुआत में शुद्ध पानी से मार्केट में ज्यादा कुछ हासिल नहीं हुआ तब पार्ले कंपनी ने बिसलेरी को खरीद लिया पार्ले ने बिसलेरी को खरीदने के पीछे कारण था लोगो के बीच बिसलेरी सोडे का ट्रेंड लेकिन दोस्तों आज पार्ले सफलता के साथ इसी ब्रांड का बेच रही है बिसलेरी वाटर. चौंक गए ना दोस्तों इस अजीब पहेली को सुन आज हम जानेगे की कैसे आज बिसलेरी ब्रांड बन गया भारत का नंबर 1 पैकेजिंग वाटर तो चलिए दोस्तों इस जानकारी को विस्तार से जानते है

दोस्तों आज भारत में बिकने वाली करीब 7000 करोड़ की पैकेजिंग वाटर इंडस्ट्री में करीब बिसलेरी 40% की हिस्सेदारी रखती है बिसलेरी वाटर कंपनी की शुरुआत सर्वप्रथम एक इटेलियन Signor Fellce Bisleri के द्वारा की गई थी Signor Fellce Bisleri  एक व्यापारी इन्वेंटर और एक केमेस्ट्री थे दोस्तों शुरुआत में बिसलेरी एक मलेरिया के इलाज के लिए दवा बनाने वाली कंपनी थी और यही दवा बेचने के लिए बिसलेरी की भारत देश में भी एक शाखा थी साथ ही मुंबई के अलावा अन्य शहरो में इसके पास खुद की जमीन थी भारत के ही खुसरू संतुक के पिता बिसलेरी कंपनी के भारत के एक लीगल एडवाइजर होने के साथ बिसलेरी परिवार के डॉक्टर रोजिज के काफी अच्छे दोस्त भी थे

Bisleri Success Story In HindiSource live.staticflickr.com

भारत में बढ़ रही व्यापार मांग को देख डॉक्टर रोजिज कुछ अलग करना चाहते थे तब उन्होंने सोचा की उनका बिसलेरी कॉन्सेप्ट वाला बिजनेस भारत में भी काफी सफल हो सकता है और तब उन्होंने खुसरू संतुक को उनके साथ इस बिजनेस में आगे बढ़ने के लिए मना लिया तब खुसरू संतुक ने भारत में साल 1965 में बिसलेरी वाटर प्लांट मुंबई के ठाणे में स्थापित किया जब इस कार्य की शुरुआत की गई तब लोगो की लगा की ये कौनसा बिजनेस है कंपनी पागल तो नहीं है भारत में कौन 1 रुपया देकर पानी की बोतल ख़रीदेगा दोस्तों उस दौर में भारत में एक रूपये की कीमत काफी ज्यादा थी लेकिन तब मुंबई में मिलने वाले पानी की क्वालिटी काफी ख़राब थी तब बिसलेरी के मालिक डॉक्टर रोजिज को लगा की उनका यह बिजनेस चल सकता है

भारत में बिसलेरी की शुरुआत में मार्केट में दो प्रॉडक्टों को लोगो के सामने उतारा गया पहला बिसलेरी वाटर और दूसरा था बिसलेरी सोडा भारत के मार्केट में उतरने  के बाद ये पहले बड़े होटल्स और रेस्टोरेंट में बिकने लगी और फिर धीरे धीरे मार्केट में उतर गई लेकिन दोस्तों बिसलेरी शुरुआत में पानी से ज्यादा सोडे के लिए जाना जाने लगा और तब उन्हें बिसलेरी वाटर बेचने में ज्यादा सफलता हासिल नहीं हो पाई  इस वजह से खुसरू संतुक अपने इन ब्रांड्स को आगे चलाना नहीं चाहते थे उसी दौर में मार्केट में Thumbs Up Cool Spot और लिम्का जैसी सॉफ्ट ड्रिंक के साथ और मार्केट में पहले से मजबूत स्थिति वाली कंपनी पार्ले अपने ही प्रॉडक्ट से मार्केट में सॉफ्ट ड्रिंक बेचने की तैयारी कर रही थी
Bisleri Success Story In HindiSource corporatecitizen.in

पार्ले कंपनी के ही चौहान ब्रदर खुसरू संतुक के मिलने वाले थे और जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली की खुसरू संतुक कारणवश अपनी इस कंपनी को बेचना चाहते है और तब पार्ले ने पार्ले सोडा बेचने के बजाय बिसलेरी कंपनी को खरीद कर बिसलेरी ब्रांड का ही सोडा बेचने का निर्णय किया और तब 1969 में पार्ले ने बिसलेरी इंडिया लिमिटेड को महज 4 लाख रूपये में खरीद लिया उस दौर में भले ही 4 लाख की राशी काफी बड़ी लेकिन पार्ले कंपनी के लिए ये रकम इतनी बड़ी नहीं थी और इस रकम को बिसलेरी को खरीदने के लिए ज्यादा कुछ सोचना नहीं पड़ा साथ ही खुसरू संतुक ने अपने द्वारा लिए गए इस फैसले जीवन भर अफ़सोस रहा लेकिन दोस्तों दूसरी और जब पार्ले ने बिसलेरी को बिसलेरी सोडा मार्केट में बेचने के लिए ख़रीदा तब जब बिसलेरी वाटर की शुरुआत का नमूना मार्केट में पेश ही नहीं किया गया था

तब पार्ले ने एक रिसर्च की और पाया की भारत के सार्वजानिक स्थल, रेलवे स्टेशन  और अन्य जगहों पर पानी की शुद्धता नहीं होने के कारण लोग वहां पर प्लेन सोडा खरीद कर पी जाते थे और तब पार्ले कंपनी को लग की यदि इन लोगो के लिए स्वच्छ वाटर की उपलब्ध्ता हो जाये तो उनका बिसलेरी वाटर बिजनेस आगे बढ़ सकता है और उसके लिए सबसे बड़ा काम था इस वाटर को हर स्थान पर उपलब्ध करवाने का और इसके लिए सबसे जरुरी था एक बड़ा स्केल और डिस्ट्रीब्यूटर की जिससे यदि कोई भी व्यक्ति कहि भी एक स्वच्छ जल पीना चाहें तो उसके लिए बिसलेरी वाटर उपलब्ध हो सकें  इस कार्य को मजबूती दी पार्ले ने और समय के साथ अपने ब्रांड का प्रमोशन और अपने ब्रांड की पेकिंग में नए नए बदलाव के साथ मार्केट में बिसलेरी वाटर काफी मजबूत होते गया

Bisleri Success Story In HindiSource www.bisleri.com

आज मार्केट में पैकेजिंग वाटर की हजारो कंपनिया होने के बावजूद उनमे बिसलेरी की हिस्सेदारी 40% है अपनी शुरुआत में ग्लास की बोतल में आने वाली बिसलेरी बाद में नॉन रिटेंलेबल पीवीसी से आज कंटेनर में आने लगी है दोस्तों आज बिसलेरी का सफलता यह चरम है की आज देश और दुनिया में डेढ़ लाख से ज्यादा डीलर और 50 से ज्यादा बिसलेरी बॉटलिंग प्लांट है तो दोस्तों कैसा लगा बिसलेरी का ये सफल सफर.

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