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विदेश से नौकरी छोड़ इस भारतीय ने बना दी 37000 हजार करोड़ की कंपनी| BYJU'S Educational Success in Hindi

विदेश से नौकरी छोड़ इस भारतीय ने बना दी 37000 हजार करोड़ की कंपनी| BYJU'S Educational Success in Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-4 months ago
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दोस्तों कहा जाता है की यदि आप में मंजिल पाने की चाह है तो फिर आप अपने इस सफर के दौरान बड़ी से बड़ी कठिनाइयों का सामना कर आगे बढ़ जाते है दुनिया में इस बात को अब तक कई लोगो ने सच भी साबित कर के दिखाया है दोस्तों आज हम इस लेख में ऐसे ही एक शख्स की बात करने वाले है जिन्होंने अपनी मेहनत और खुद के हौसले से एक मल्टीनेशनल कंपनी की नींव रखी और आज उसी कंपनी की मार्केट वेल्यू करीब 37000 हजार करोड़ है दोस्तों हम बात कर रहे ऑनलाइन तरीके से एजुकेशन स्टार्टअप में क्रांति की लहर लाने वाली कंपनी BYJU'S के बारे में दोस्तों आज इस कंपनी के ऐड भी आपने कई बार बॉलीवुड के स्टार शाहरुख़ खान को करते हुए देखा होगा

दोस्तों BYJU'S एक बैंगलोर बेस्ड और एजुकेशनल टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन टुटोरिंग फर्म है इसकी शुरुआत आज से 8 साल पहले यानी 2011 में हुई थी हालांकि दोस्तों इस कंपनी को शुरुआत में ज्यादा कुछ सफलता नहीं मिली और तब इसे मार्केट में कम ही लोग जानते थे लेकिन दोस्तों बदलते दौर और इंटरनेट के ज़माने में इसे पहचान मिलने लगी और आज ये दुनिया के सबसे बड़ी एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी बन गई है दोस्तों आज BYJU'S अपनी शुरुआत के सबसे अच्छे स्टेप पर खड़ी है लेकिन इस कंपनी शुरुआत करने के पीछे  बायजू रविंद्रन का सबसे बड़ा योगदान रहा है और उन्होंने इस कंपनी की शुरुआत अकेले ही की थी दोस्तों आज एक आदमी से शुरू होने वाली इस कंपनी में आज करीब 3000 से ज्यादा लोग काम करते है तो चलिए दोस्तों जानते है दुनिया की सबसे बड़ी एजुकेशनल टेक्नॉलजी कंपनी BYJU'S की सफलता के बारे में.

बायजू रविंद्रन का जन्म व परिवार | Byju Raveendran Birth and Family

BYJU'S Educational Success in Hindi

Source images.livemint.com

दोस्तों इस पूरी कहानी की शुरुआत होती है केरल के कन्नूर जिले के एक छोटे से गांव अजिकोडे से जहां  बायजू रविंद्रन का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ इनके पिता का नाम रवींद्रन और माता का नाम शोबनावली है बायजू रविंद्रन के माता पिता दोनों शिक्षक है लेकिन दोस्तों बायजू रविंद्रन का कहना था की परिवार में शुरुआत से शिक्षा का माहौल रहने के बावजूद उनका मन कभी पढ़ाई में नहीं लगता था और उन्हें बचपन में पढ़ाई से ज्यादा क्रिकेट और फुटबॉल खेलना अच्छा लगता था अपने इसी शौक के चलते कई बार स्कूल से भी बंक मारे थे बायजू रविंद्रन का कहना है की उनके माता पिता ने भी उन पर कभी पढ़ाई करने का दबाब नहीं दिया क्योकि दोस्तों बायजू रविंद्रन के पिता का मानना था की एक स्टूडेंट क्लास से ज्यादा क्लास के बाहर काफी चीजें सीखता है  बायजू रविंद्रन ने अपने शुरुआती सीखा अपने गांव के ही मलयालम मीडियम स्कूल से पूर्ण की गांव की स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही वो गणित में काफी होशियार थे और अंग्रेजी उन्होंने टीवी पर मैच के दौरान बोली जाने वाली कमेंट्री से सीख ली स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की शिक्षा पूर्ण की इसके बाद  बायजू रविंद्रन की एक इंटरनेश्नल कंपनी में जॉब लग गई जहां उन्हें अच्छे पैकेज की सैलरी मिलने लगी इस कंपनी में  बायजू रविंद्रन ने 2 साल तक काम करते हुए कभी अपने खुद के स्टार्टअप के बारे में नहीं सोचा था

लेकिन उन्हें अचानक एक बार किसी कार्य की वजह से बैंलगोर जाना पड़ा तब वो वहां अपने कुछ पुराने दोस्तों से मिले जो वहां पर रहकर केट की तैयारी कर रहे थे उनके सभी दोस्त इस बात को भली भांति जानते थे की बायजू रविंद्रन मेथ्स में काफी होशियार है इस लिए उन्होंने बायजू रविंद्रन से केट के एग्जाम की तैयारी के लिए हेल्प मांगी तब अपने दोस्तों की हेल्प करने के लिए  बायजू रविंद्रन ने हा कर दी और उन्हें तैयारी कराने लगे साथ में उन्होंने अपने दोस्तों के कहने पर मजाक मजाक में केट एग्जाम के फॉर्म भर दिए और उन्होंने अपनी इच्छा के विपरीत इसके एग्जाम दिए जिसमे उन्होंने 100 % हासिल किये तब उनकी MBA में कोई खास रूचि नहीं थी इस वजह से वो फिर से अपनी कंपनी में चले गए

BYJU'S Educational Success in Hindi

Source bsmedia.business-standard.com

जब साल 2005 में वो फिर भारत आये तब उनके दोस्तों ने एक बार फिर उनकी केट एग्जाम के लिए मदद मांगी और तब वो 2 महीने के लिए भारत थे तब उन्होंने इस दौरान करीब 1 हजार स्टूडेंट को केट के एग्जाम की तैयारी करवाई उन्होंने अपनी सभी क्लास फ्री की थी लेकिन जब स्टूडेंट को उनकी टीचिंग अच्छी लगी तो उन्होंने उन्हें फ़ीस दी

तब उन्हें पहली बार लगा की लोग उनके शिक्षा से काफी प्रभावित है उन्होंने अपनी नौकरी को छोड़ टीचिंग के क्षेत्र में कुछ अलग करने की ठानी और उन्होंने अपनी इस शिक्षा को 4 से 5 शहरो के  स्टूडेंट तक पहुंचाया तब उनकी स्टूडेंट के बीच इतनी लोकप्रियता बढ़ गई की थी की कई बार ज्यादा स्टूडेंट होने की वजह से उन्होंने अपनी ट्युसन के लिए स्टेडियम का सहारा लेना पड़ा और वो इतने सफल होने लगे की अपनी इंटरनेशनल जॉब से जितना कमाते थे उससे चार गुना वो भारत में रहकर ही कमाने लगे थे उनके ही स्टूडेंट्स ने उनकी कोचिंग संसथान का नाम BYJU'S क्लासेज रख दिया

BYJU'S Educational Success in Hindi

Source startupbase.in

उन्हें लगा की भारत में स्कूल में मिलने वाली शिक्षा में ही कमजोर है और उन्होंने साल 2011 में THINK AND LEARN नाम की कंपनी की शुरुआत की उन्हें इस कदम पर भी काफी सफलता मिली तब उन्होंने साल 2015 में BYJU'S लर्निंग एप्प लॉन्च की और जिसे अपार सफलता मिली और इस ऍप्लिकेशन को भारत में करीब 55 लाख बार डाउनलोड किया गया  भारत में BYJU'S एप्प की भारत में स्टूडेंट्स के बीच बढ़ती लोकप्रिता के कारण उनके साथ भारत के बड़े बड़े इन्वेस्टर भी जुड़ने लगे और तब BYJU'S  कंपनी का भारत में इतनी तेजी ग्रोथ करने लगी की साल 2017 में कंपनी की रेवन्यू 260 करोड़ हो गई और 2018 में ये 520 करोड़ और दोस्तों आज के समय BYJU'S कंपनी की मार्केट वेल्यू करीब 37000 करोड़ रूपये है और आज इस कंपनी में हजारो भारतीय बेरोजगार लोग काम कर रहे है यदि दोस्तों भारत में आगे आने वाले सालो में BYJU'S को यु ही सफलता मिलती रही तो भारत शिक्षा के क्षेत्र में काफी आगे जाने वाला है.

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