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4 महिलाएं जो आज लड़ रही है मानवाधिकारों के लिए | Fight Of Women India Human Rights In Hindi

4 महिलाएं जो आज लड़ रही है मानवाधिकारों के लिए | Fight Of Women India Human Rights In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-2 months ago
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11 दिसंबर वो दिन जब साल 1948 में संयुक्त राष्ट्र असेंबली ने विश्व मानवाधिकार घोषणा पत्र जारी किया था। 11 दिसंबर 1948 पहली बार अंतराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार दिवस की ऐलान हुआ। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को उसके अधिकारो के प्रति जागरूकता फैलाना है। मानवाधिकार कानून प्रत्येक नागरिक को देश में सम्मान व अपने हक के अधिकारो के साथ जीने का अधिकार देता है। यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है तो भारतीय संविधान में इसके लिए सजा का भी प्रावधान तय किया गया है।

दोस्तो अब तक हम चर्चा कर रहे थे मानव अधिकार की स्थापना व उसके अधिकारो की लेकिन अब उन 4 महिलाओं की बात करने वाले है आज पूरे जज्बे व हिम्मत के साथ बिना रुके मानवाधिकार हितो के लिए काम कर रही है। तो चलिए महिला शक्ति की मिसाल इन महिलाओं के बारे में जानते है।

1. शाहीन मिस्त्री | Shaheen Mistri

Fight Of Women India Human Rights In HindiSource akm-img-a-in.tosshub.com

मुंबई मे जन्मी शाहिन मिस्त्री का मानना है की आज भी भारत देश बाकी देशो के मामले में शिक्षा में पिछड़ा हुआ हैं। बस देश में इन हालातो के चलते शाहीन ने साल 1991 में आकांशा फाउंडेशन की शुरुआत की । बता दे की यह फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संगठन है जो गरीब व बेसहारा लोगो के बच्चो को शिक्षा देने का काम करता है। इस संगठन के पुणे समेत मुंबई में कुल 21 स्कूल आज चल रही है जिसमें करीब 500 शिक्षक काम कर रहे है।

2. नंदिता गांधी व नंदिता शाह | Nandita Gandhi and Nandita Shah

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नंदिता गांधी व नंदिता शाह इनकी पहली मुलाकात एक प्रोटेस्ट के समय हुई । इस मुलाकात के बाद दोनो में दोस्ती हुई समय के साथ दोनो एक दुसरे की अच्छी दोस्त बन गई। दोस्ती के बाद इन दोनो ने मिलकर एक अक्षरा सेंटर की स्थापना की। एक रिपोर्ट के अनुसार नंदिता गांधी व नंदिता शाह के द्वारा स्थापित यह अक्षरा सेंटर बीते 25 साल से कमजोर महिलाओं के लिए काम कर रहा है। यह सेंटर महिलाओं की मदद के साथ उनके बच्चो को भी शिक्षित बनाने पर काम कर रहा है।

3. नीलम जैन | PeriFerry Founder Neelam Jain

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नीलम जैन जिन्होंने साल 2017 में अपने स्तर पर PeriFerry नामक संगठन को स्थापित किया। नीलम द्वारा स्थापित किया गया यह संगठन ट्रांसजेंडर लोगो की पहचान कर उन्हें उनके जीवन को सरल बनाने के लिए उनको नौकरी देता है। नीलम द्वारा स्थापित यह संगठन आज चैन्नई शहर में काम कर रहा है जो इन लोगो की नौकरी के साथ शिक्षा कम्युनिकेशन, फ्री में कंप्यूटर शिक्षा का ज्ञान उपल्बध करवाता है। 

4. कृति भारती | 

Fight Of Women India Human Rights In HindiSource cdns.freedomunited.org

एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में कुल 40 फीसदी बाल विवाह होते है व भारत देश की बात करे तो 49 प्रतिशत लड़कियां ऐसी होती है जिनकी शादी 18 की आयु पुर्ण होने से पहले ही कर दी जाती है। देश में बाल विवाह को खत्म करने के लिए कृति ने पहल शुरु की। जिसके तहत उन्होंने करीब 1000 लड़कियों को बाल-विवाह का शिकार होने से बचाया। कृति सारथी ट्रस्ट की संस्थापक है , जिसे इन्होंने साल 2011 में स्थापित किया था।

दोस्तो आज देश में व्यक्ति के अधिकारो के लिए यह महिलाएं तो अपना काम रही है । लेकिन आप भी अपनी जिम्मेदारी समझे और अपनी अलग सोच के साथ एक नई जिम्मेदारी उठाएं। 

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