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फ़िल्मी दुनिया का देश पर असर, फिल्मे केवल पैसे के लिए बनती है.

फ़िल्मी दुनिया का देश पर असर, फिल्मे केवल पैसे के लिए बनती है.

In : Meri kalam se By storytimes About :-3 years ago
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फिल्म क्या है ?-

आज हमरे समाज मै कई प्रकार की फिल्मे बनती है , फिल्म हमारे जीवन का एक छाया चित्र है. फिल्मो का चलन हिन्दुस्तान मै आजादी के बाद प्रारंभ हुआ था. आज लगभग हर कोई व्यक्ति फिल्म देखता है.चाये वह छोटा हो या बड़ा ,बुजर्ग  हो  या  जवान , महिला हो या बच्ची क्योंकि यही हमें जीवन शैली की प्रेणा देते है.
        
हमारे देश मै हर साल अनेक फिल्मे बनती और सिनेमाघरों  चलायी जाती है. फिल्मे देखना सबको अच्छा लगता है. आज कल कुछ लोग तो अपने मोबाइल मै ही फिल्म देखना पसंद करते है. क्यों की आज सब अपना पैसा बचाकर रखना चाहते है. फिल्मो मे हमेशा हमारे समाज मे हो रहे यवहार और कल्पना का द्रश्य दिखाया जाता है.
फिल्मो का प्रभाव हमारे देश मे इस कदर पड़ा है की आज कल हर कोई फिल्म बस पैसा कमाने के उदेशय से बनायीं जाती है. न की समाज मे हो रहे हत्याचारो व बलात्कारों को कम करने के उदेशय से .

फिल्मो मे हमेशा सत्य प्रदर्शित करना  चाइये| यदि फिल्म हमारे लोगो के हित मे बनती है तो हमारे लोगो के साथ साथ हमारे पुरे देश का सुधार होता है , और एक नया युग का निर्माण होता है ,जिसके द्वारा हमारा समाज व देश उन्नति कर सके और अन्य देशो की तुलना मे हमारा नाम अग्रणी हो ताकि हम भी आगे जाकर दूसरे देशो के मुकाबले खड़े हो सके.अश्लील और कामुकता फिल्मो को बंद कर एक नए समाज पर फिल्मे बनानी चाहिए जैसे की देश , विदेश , भ्रस्टाचार ,विज्ञानं ,तकनीक और कृर्षि संबंधी बातो को ध्यान मे रखकर उस पर बनाये .
 
सभी फिल्म मेकर और इंडियन गवर्नमेंट को भी यह सोच आगे ले जानी चाहिए ताकि सभी क्राइम बंद हो सके. और सभी माता पिता से भी अपील है की अपने बच्चो सही शिक्षा दे और सही दिशा दिखाए . ताकि वो भी अपने समाज को अच्छा बनाये .

फ़िल्मी दुनिया का देश पर असर, फिल्मे केवल पैसे के लिए बनती है.