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पति -पत्नी ने 1 लाख से शुरू किया होर्डिग का बिजनेस आज सालाना टर्नओवर है 24 करोड़ रूपये

पति -पत्नी ने 1 लाख से शुरू किया होर्डिग का बिजनेस आज सालाना टर्नओवर है 24 करोड़ रूपये

In : Meri kalam se By storytimes About :-6 months ago
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हमारे समाज में ये रिवाज सालों से चला आ रहा की शादी मतलब जिंदगी में कई अच्छी जगह सेटल हो जाये। इससे आपका घूमना फिरना दोस्तों के साथ गप्पे मरना सब खत्म । शादी का रंग चढ़ते ही आप अपने परिवार की फ़िक्र करने लगेंगे और अपने परिवार के भविष्य को लेकर काफी सचेत हो जायेगे  जीवन में जोखिम लेने से बचना सीख जाते हो.लेकिन दोस्तों इन कपल्स के अलावा कुछ कपल्स ऐसे होते है जो शादी होने के बाद भी जोखिम उठाने से बिलकुल नहीं घबराते है हर समय कुछ नया करने के बारे में सोचते है. Hoardings Business Susscess Story in Hindi

" कुछ भी असंभव नहीं  जो सोच सकते है,

वो कर सकते है, और वो भी सोच सकते है जो आज तक नहीं किया "

Hoardings Business Susscess Story in Hindi

Source storyfile.s3.amazonaws.com

दोस्तों ऐसा ही एक शादीशुदा जोड़ा जो दिल्ली का रहने वाला है नाम है विकास और दीप्ती शादी के बाद दोनों ने अपनी जिम्मेदरियों को समझा और घर तक ही सीमित न रहकर एक खुद का स्टार्टअप शुरू किया और इस स्टार्टअप का नाम रखा  Gohoardings.com. ये स्टार्टअप पुरे भारत में किसी भी कोने में होर्डिंग लगाने का कार्य करता है। शादी के बाद इस कपल्स के पास पैसे कम थे इस वजह से दोनों ने इस बिजनेस की शुरुआत एक लाख रूपये से की. जो आज सालाना 24 करोड़ टर्नओवर तक पहुंच गया है.

इस स्टार्टअप की बात करते हुए दीप्ती ने बताया की " मेरी ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद मैने आगे सीए करने के बारे में सोचा और मेरी पढ़ाई में परिवार वालो ने भी काफी सहयोग किया लेकिन सीए की पढ़ाई मैने बीच में छोड़ दी" बाद में उनको एक बार एक इवेंट को करवाना का मौका मिला। इस इवेंट में शामिल होने के लिए बड़े लोग शामिल होने वाले थे। Gohoardings CEO Vikas Sharma and Deepti Sharma

इस इवेंट के लिए मैने एक शख्स के साथ मिलकर इस इवेंट को आगे बढ़ने पर विचार किया। लेकिन इस इवेंट में हमें काफी घाटा हुआ और इसमें हमें 40 लाख का बड़ा नुकसान हुआ और साथ वाला पार्टनर ने भी इसके बाद मेरा साथ छोड़ दिया और अब 40 लाख के इस बड़े नुकसान को चुकाने की जिम्मेदारी दीप्ती के ऊपर आ गई। 


इसी कार्य के बीच दीप्ती शादी के बंधन में बंध गई दीप्ती की शादी विकास के साथ हुई जो एक सॉफ्टवेयर कंपनी  में काम करते थे । विकास के साथ शादी के  बंधन में बधने के बाद दीप्ती को लगा की वो अब अपना सपना पूरा कर सकती है विकास की भी सोच थी की एक खुद का बिजनेस हो और दोनों के सपने मेल खा गए और विकास ने शादी के कुछ दिन बाद ही नौकरी छोड़ दी और घर पर ही कुछ कंपनियों के प्रोजेक्ट पर काम करने लग गए.

Hoardings Business Susscess Story in Hindi

Source www.gohoardings.com

कहते है ना की इंसान जब किसी कार्य को करने के लिए सच्चे दिल से मेहनत करता है तब उसे उसकी मंजिल मिल ही जाती है हुआ यूं की विकास एक बार किसी काम से अपने क्लाइंट से मिलने गए तब मीटिंग के दौरान क्लाइंट ने कहा की उसे होर्डिंग लगवाने है। तब विकास ने पुरे शहर में घूम कर इस कार्य को करने वाले ठेकेदारों से बात की और बड़ी मुश्किल से इस काम को पूरा किया तब विकास के  मन में एक बात आयी की शहर और देश में इस काम को कराने के लिए कितने लोग होंगे जो परेशान होते है. ये बात विकास ने पत्नी दीप्ती को बताई दीप्ती ने इस बिजनेस से जुड़े अपने विचार विकास को बताये और 1 लाख रूपये के साथ इस स्टार्टअप की शुरुआत कर दी.

दीप्ती ने बताया की ये  इंडस्ट्री काफी अव्यवस्थित है और दलालों की संख्या अधिक होने के कारण  सभी की अपनी अपनी अलग रेट्स है । और इसे समझने के लिए लोगो को काफी परेशान होना पड़ता है लेकिन विकास ने इस समस्या को जड़ से खत्म कर दिया । आप अपने कंप्यूटर पर बैठ कर ऑनलाइन देश के किसी भी कोने में होर्डिंग लगवा सकते है। आज विकास और दीप्ती के पास तीस हजार से ज्यादा होर्डिंग साइट्स है। स्टार्टअप की शुरुआत के पहले साल कंपनी का टर्नओवर 2 करोड़ रहा लेकिन अगले साल ये बढ़कर 12 करोड़  रूपये हो गया.

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Source storyfile.s3.amazonaws.com

दीप्ती अपने इस स्टार्टअप के बारे में कहती है की इस कार्य में सबसे ज्यादा जुबान की वेल्यू होती है। यदि हमने किसी कस्टमर को होर्डिंग लगाने का वादा कर लिया तो उसे सही तरीके और सही समय पर लगाने की जिम्मेदारी होती है फिर चाहे वो साइट कितनी भी दूरी पर क्यों ना हो ऐसा करने से कस्टमर हमेसा के लिए हमसे जुड़ जाता है।  हमारे सामने कई बार ऐसा हुआ लेकिन हमने बाद में अच्छा पैसा कमाया.


इन दोनों कपल्स की कहानी से हमें एक सीख मिलती है की खुद को सेटल करने के लिए कोई उम्र सीमा तय नहीं होती हर हालत में उससे लड़ना सीखे और आगे बढ़े