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अगर आप भी NGO चलाते हो तो ऐसे पाए अमेरिका से डॉलर में सहायता!!! 

अगर आप भी NGO चलाते हो तो ऐसे पाए अमेरिका से डॉलर में सहायता!!! 

In : Viral Stories By storytimes About :-2 years ago
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अगर आप भी NGO चलाते हो तो ऐसे पाए अमेरिका से डॉलर में सहायता 

 अमेरिका ने कहा है कि वह भारत में समाजिक सद्भाव पैदा करने और धर्म आधारित हिंसा को कम करने के लिए 5 लाख डॉलर की ग्रांट देगा। साथ ही युवाओं में  नागरिक जागरूपता पैदा करने के लिए 6.5 लाख डॉलर की मदद दी जाएगी। हालांकि जो भी एनजीओ इस मदद को लेंगे उन्‍हें भारत सरकार के नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर मदद देने से इनकार कर दिया जाएगा।

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अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल में दिए अपने बयान में कहा कि 5 लाख रुपए की ग्रांट पाने के लिए NGO उनसे संपर्क कर सकते हैं। ग्रांट पाने के लिए सबसे पहले उन्‍हें अपना आइडिया और प्रोजेक्‍ट अमेरिकी विदेश विभाग के सामने रखना होगा। अप्रूवल मिलने के बाद ही ग्रांट जारी की जाएगी। यह ग्रांट अमेरिकी विदेश विभाग के ब्‍यूरो ऑफ डेमोक्रेसी, ह्यूमन राइट्ए एंड लेबर की ओर से जारी की जाएगी। ब्‍यूरो ने कहा कि वह भारत में धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा और भेदभाव को कम करना चाहता है। इसी के लिए वह 493,827 डॉलर का ग्रांट प्रोग्राम चला रहा है। इस प्रोग्राम को अमेरिकी सरकार का फॉरेन असिस्‍टेंट फंड आर्थिक मदद दे रहा है। यह पूरा कार्येक्रम कैसे काम करेगा अभी तक इस बारे में कोई स्पस्ट बात सामने नहीं आयी है | विभाग के मुताबिक, स्‍क्रीनिंग के बाद ही यह राशि  किसी को जारी किया जाएगा। 
 

क्‍या करना होगा 

अमेरिक सरकार चाहती है कि जो भी संगठन इस प्रोजेक्‍ट के लिए अप्‍लाई कर रहे हैं वो खास तरह के प्रपोजल के साथ आएं। इस प्रस्ताव  में ऐसा चेतावनी सिस्‍टम विकसित करने का खाका हो, जिसके जरिए बड़ी हिंसा से पहले ही लोगों को इसके सचेत किया जा सके। साथ ही जातिगत लड़ाइओ को शुरू होने से पहले ही संघर्ष को रोका जा सके। साथ ही लोगों के पास इस बात का आइडिया हो जिसके तहत समाज में नफरत पैदा करने वाले मैसेज का मुकाबला करने के लिए पॉजिटिव मैसेज तैयार किए जा सकें और उन्‍हें हर तरह के मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर फैलाया जा सके। 
 

सिविक पार्टीसिपेशन पर 6.5 लाख डॉलर की ग्रांट  

दूसरी ओर अमेरिकी सरकार ने एक और प्रोजेक्‍ट लॉन्‍च किया है। इसके तहत भारत के युवाओं में सिविक पार्टीसिपेशन फैलाने में मदद के लिए संगठनों से अपने प्रोजेक्‍ट जमा करने को कहा गया है। इसके तहत किसी एक संगठन को 6.5 लाख डॉलर का ईनाम दिया जाएगा। इसके तहत युवाओं में ट्रांसपैरेंसी, अकाउंटेबिलिटी, अहिंसा और अल्‍पसंख्‍यकों की सुरक्षा के जागरूपता फैलानी होगी।    

 

दलितों और अल्‍पसंख्‍यों के लिए करना होगा काम 

जो भी एनजीओ अपना प्रपोजल सबमिट करेंगे उसमें उन्‍हें बताना होगा कि वह कैसे उत्‍तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात और महाराष्‍ट्र में दलितों और अल्‍पसंख्‍यकों की मदद करेंगे। इस कार्येक्रम में लिंग भेदभाव और सांस्कृतिक विचारो का भी ध्यान रखना होगा |      

 

भारत सरकार के नियमों का करना होगा पालन 

वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने कहा है कि वह इस राशि के बारे में नजर रखेगी। साथ ही जो लोग यह राशि लेंगे , उनको यह बताना होगा की इस राशि को उपयोग कहा किया जा रहा है | साथ ही उन्‍हें मिली राशि और उसके खर्च का ब्‍यौरा भी देना होगा। साथ ही संगठनों को भारतीय नियम कानून का पालन करना होगा। अगर ऐसा नहीं करते तो मिली राशि वापस कराई जा सकती है। यही नहीं वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने इस बारे में विदेश विभाग से रिपोर्ट भी मांगी है।