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आईपीएल के ये खिलाड़ी बन गए टीमों के लिए मुसीबत, हुए फ्लाफ साबित...

आईपीएल के ये खिलाड़ी बन गए टीमों के लिए मुसीबत, हुए फ्लाफ साबित...

In : Sport By storytimes About :-12 months ago
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IPL 2108 Flop Player

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2018 की नीलामी अगर आपने देखी होगी तो राइट टु मैच (RTM) जरूर याद होगा। कैसे टीमों ने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को दूसरी किसी टीम में जाने से रोका था। लेकिन कुछ टीमों को इसका नुकसान भी हुआ, क्योंकि जिन खिलाड़ियों को उन्होंने RTM के जरिए रोका उन्होंने वैसा प्रदर्शन ही नहीं किया जैसे की उनसे उम्मीद थी। इस लिस्ट में वो खिलाड़ी है जिन्होंने पिछले सीजन में टीम के लिए मैच जिताऊ परिया(Inning) खेली है 

मार्कस स्टॉयनिस-

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पंजाब ने इस ऑलराउंडर को भी किंग्स इलेवन पंजाब ने आरटीएम के जरिए अपनी टीम का हिस्सा बनाया था। इस ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ने वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए बिग बैश में शानदार खेल दिखाया था। उनके प्रयासों ने उन्हें 2016 की किंग्स इलेवन पंजाब की टीम में जगह दिलाई। टीम आखिरी पायदान पर रही लेकिन स्टॉयनिस का प्रदर्शन प्रभावी रहा। इसके बाद उन्हें 11वें सीजन में भी टीम में शामिल किया गया। टीम ने इसके लिए 6.2 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन यह सीजन उनके लिए अच्छा नहीं रहा। उन्होंने इस साल 99 रन बनाए और सिर्फ तीन विकेट(wicket) लिए।

दीपक हूडा-

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दीपक हूडा को सनराइजर्स हैदराबाद ने 3.6 करोड़ रुपये की कीमत में अपनी टीम में शामिल किया। सनराइजर्स ने अपने तीन में से एक आरटीएम (राइट टु मैच) का इस्तेमाल करते हुए इस मिडल ऑर्डर(Middle order) बल्लेबाज को अपनी टीम में शामिल किया। हूडा बड़े शॉट खेले के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, इस सीजन में वह कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। उन्होंने कुछ मैचों में अच्छी शुरुआत की लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाए। बड़ौदा के इस ऑलराउंडर ने 9 मैच खेले और उसमें कुल 87 रन ही बनाए।

डेविड मिलर-

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साल 2013 में डेविड मिलर शानदार अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे। किंग्स इलेवन पंजाब के इस धाकड़ बाएं हाथ के बल्लेबाज ने जमकर गेंदबाजों की खबर ली थी। लेकिन यह सीजन इस साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज के लिए अच्छा नहीं रहा। मिलर अपनी पावर हिटिंग के लिए जाने जाते हैं। 2013 के अपने शानदार आईपीएल प्रदर्शन के बाद वह इकलौते खिलाड़ी थे जिन्हें टीम ने 2014 की नीलामी में रिटेन किया था। इस साल उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए गए। कुल 14 में से उन्हें सिर्फ तीन मैचों में ही मौका मिला।

कायरन पोलार्ड-

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कायरन पोलार्ड 2010 से मुंबई इंडियंस का हिस्सा हैं। इस साल इस कैरेबियाई खिलाड़ी को मुंबई ने अपने दो में से एक आरटीएम इस्तेमाल कर खरीदा। हालांकि, पोलार्ड ने पूरे आईपीएल(IPL) में गेंदबाजी ही नहीं की, ऐसे में उन्हें खरीदने का फैसला और भी हैरान करने वाला रहा। वेस्ट इंडीज के इस ऑलराउंडर ने इस साल खेले 9 मैचों में सिर्फ 133 रन ही बनाए।