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फांसी की सजा से जुड़े रोचक तथ्य | Interesting facts About Death Penalty in India

फांसी की सजा से जुड़े रोचक तथ्य | Interesting facts About Death Penalty in India

In : Meri kalam se By storytimes About :-11 months ago
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मौत की सजा से जुड़े कुछ रोचक तथ्य | Interesting Facts Related To The Death Penalty

आज भारत में किसी भी व्यक्ति के द्वारा किये गए गंभीर अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई जाती है। क्या आप जानते है 1995 के बाद भारत में सिर्फ 5 घटनाएं ऐसी हुई है जिसमे सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा का ऐलान किया है। दुनिया भर में हर अपराध के लिए अपने- अपने कानून बने हुए है। लेकिन जो सबसे बड़ी सजा है वो है फांसी की सजा आज हम आपको बता रहे है. मौत की सजा से जुड़े रोचक तथ्य.

Interesting facts About Death Penalty

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  1. भारत में फांसी का फंदा बिहार के बक्सर जेल में बनकर तैयार होता है। वहां के कैदियो को इस काम में माहिर माना जाता है। भारत में जिस राज्य में फांसी की सजा सुनाई जाती है तो इसका फंदा बिहार से मंगाया जाता है।
  2. भारत में मौत की सज़ा बहुत ही गंभीर या फिर कह सकते हैं बहुत ही दुर्लभतम मामलों में ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाई जाती है। और सज़ा सुनाने पर अदालत को ये लिखना पड़ता है कि आखिर मामले को दुर्लभतम क्यों माना गया है।
  3. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जिन कैदियों को “सज़ा-ए-मौत” दी जाती है उनके घर परिवार को 15 दिन पहले ही इस बात की खबर मिल जानी चाहिए जिससे वो आकर उनसे मिल सकें।
  4. भारत में फांसी देने के लिए पूरे देश में केवल दो ही जल्लाद हैं। और ये जल्लाद जिन राज्यों में रहते हैं उन राज्यों की सरकार द्वारा इन जल्लादों को 3000रु महीने का दिया जाता है। और किसी को फांसी देने पर इन्हें अलग से फीस मिलती है। और वहीं जब आतंकवादी संगठनों के सदस्यों को फांसी दी जाती है तो जल्लादों को मोटी रकम दी जाती है। जैसे कि इंदिरा गांधी के हत्यारों को फांसी देने पर जल्लाद को 25000 रुपए दिए गए थे।
  5. फांसी के फंदे की मोटाई को लेकर भी मापदण्ड तय किया गया है। और लम्बाई भी तय की गई है। फंदे की रस्सी को डेढ़ इंच से ज्यादा मोटी रखने का निर्देश है।
  6. फांसी से पहले मुजरिम के चेहरे को काले सूती कपड़े से ढंक दिया जाता है और फिर 10 मिनट तक उसे फंदे पर लटका दिया जाता है। फिर डॉक्टर फंदे पे लटके हुए कैदी का चेकअप करके बताता है कि वो जीवित है या मृत।
  7. भारत में फांसी देने से पहले जल्लाद बोलता है कि, “मुझे माफ़ कर दो। हिंदू भाइयों को राम राम, मुस्लिम को सलाम, हम क्या कर सकते हैं हम तो हैं हुकुम के ग़ुलाम।“
  8. मुजरिम को फांसी देते वक्त कुछ ही लोग वहां पर मौजूद रहते हैं। इनमे से वहां पर जेल अधीक्षक, एग्जेक्यूटिव मजिस्ट्रेट, जल्लाद और डॉक्टर मौजूद होते हैं। इन लोगों के बिना मुजरिम को फांसी नहीं दी जा सकती है।
  9. भारत में फांसी की सज़ा को सबसे बड़ी सज़ा माना गया है और इसको सुनाने के बाद जज पेन की निब को तोड़ देते हैं क्योंकि उस पेन से किसी का जीवन खत्म होता है इसलिए उसका प्रयोग दोबारा नहीं होना चाहिए। और दूसरा कारण ये भी है कि निब तोड़ दिए जाने के बाद खुद जज का भी ये अधिकार नहीं होता है कि जज अपना फैसला बदल सके या फिर पुनर्विचार की कोशिश कर सके।
  10. फांसी के दिन मुजरिम को सुबह 3 बजे ही उठा दिया जाता हैं फिर उसे गर्म और ठंडा पानी पिलाया जाता हैं फिर उसे नहाने के लिए ठंडा और गर्म दोनों तरह का पानी दिया जाता हैं ताकि जिस पानी से उसे नहाना हो वो उससे नहा  सके  कैदी को उसके धर्म से जुड़ी किताबें दी जाती हैं। जिससे वो अंतिम समय में प्रार्थना कर सके।
  11. भारत में फांसी  सूर्योदय होने से पहले ही दी जाती है क्योंकि सूर्योदय के बाद जेल में कैदी काम पर लग जाते हैं  और उन पर इसका बुरा प्रभाव ना पड़े इस कारण सुबह जल्दी फांसी दी जाती हैं।

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