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मेक इन इंडिया योजना- क्या है उद्देश्य, लाभ व परिणाम | Make in India Campaign In Hindi

मेक इन इंडिया योजना- क्या है उद्देश्य, लाभ व परिणाम | Make in India Campaign In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-1 year ago
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मेक इन इंडिया निबंध | All About Make in India Campaign In Hindi

मई 2014 के लोकसभा चुनाव को जीतकर सत्ता में पहुंची मोदी सरकार द्वारा उठाये गए सराहनीय कदमों में से एक है "मेक इन इंडिया"|

Make in India Campaign

via: www.thenational.ae

भारत सरकार द्वारा देसी-विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में ही वस्तुओं के निर्माण पर बल देने के लिए बनाया गया, जिसका उद्घाटन देश के प्रधान मंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी ने 25 सितम्बर 2014 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन से भारत के बड़े बड़े उद्योग पतियों (रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अम्बानी, आदित्य बिरला के कुमार मंगलम बिरला, विप्रो के अज़ीम प्रेमजी, इत्यादि) के उपस्थिति में प्रभाव क्षेत्र में लाया गया|

Make in India Campaign

भारत में बनाओ अर्थात मेक इन इंडिया नाम के इस अभियान को भारतवर्ष की अर्थव्यवस्था के आधार स्तम्भ कहे जाने वाले कुल २५ क्षेत्रों पर केंद्रित किया गया है जो इस प्रकार है - 

  • गाड़ियां
  •  ऑटोमोबाइल 
  •  विमानन 
  •  जैव प्रद्योगिकी 
  •  रसायन 
  •  निर्माण
  •  रक्षा विनिर्माण
  •  इलेक्ट्रिकल मशीनरी 
  •  इलेक्ट्रिकल प्रणाली 
  •  खाद्य प्रसंस्करण
  •  सूचना प्रद्योगिकी 
  •  चमड़ा 
  • मीडिया और मनोरंजन
  •  खनिज
  •  तेल-गैस
  •  फार्मासिटिकल 
  •  बंदरगाह और शिपिंग
  •  रेलवे
  •  नवी करणीय ऊर्जा
  •  सड़क और राजमार्ग
  •  अंरिक्ष और खगोल विज्ञान
  •  कपडा और परिधान
  •  तापीय ऊर्जा 
  •  पर्यटन
  •  कल्याण 

भारत सरकार अपने इस अभियान के जरिये इन सभी क्षेत्रों में काम कर रही कंपनियों को और भारत के बाहर काम कर रही कंपनियों से ये चाहती है की वो भारत में रहकर या आ कर ही काम करें ताकि भारत में रह रहे लोगों को नए रोजगार के अवसर मिलें और जब लोगों के पास रोजगार आएंगे तो लोगों के जीवन स्तर में भी आमूलचूल परिवर्तन हो सकेगा और इसके चलते निम्न स्तर पर रहने वाले लोग अपने स्तर से उठ कर माध्यम श्रेणी में और माध्यम श्रेणी वाले उच्च श्रेणी में आ जायँगे| और ऐसा होने से भारत के 125 करोड़ लोग विश्व में हो रहे विकास के साथ सायद सामनजस्य बनाने में सफल हो सकेंगे|

मेक इन इंडिया आजादी के पूर्व भारत में चलाये गए स्वदेशी आंदोलन जिसके उद्घोषक रबिन्द्र नाथ ठाकुर, वीर सावरकर, लाला लाजपत राय थे, जिसे 1905 से 1911 के बीच चलाया गया था| इ स स्वदेसी आंदोलन की कड़ी को ही भारत सरकार ने आगे बढ़ाने का एक प्रयास किया है मेक इन इंडिया के रूप में, स्वदेसी आंदोलन में तो भारत में बने सामानों का ही प्रयोग करने की सलाह दी गयी थी| लेकिन मोदी सरकार इससे एक और कदम आगे बढ़कर विदेशों से भी निवेश लाकर निवेशकों से अपने ही देश में उत्पात करने का लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि भारत की बेरोजगार युवा पीढ़ी को रोजगार के नए-नए अवसर दिलाये जायें|
                                                
विश्व के सबसे युवा देश कहलाये जाने वाले भारत की कार्यक्षमताओं को अमलीजामा पहनाने के लिए मोदी सरकार ने मेक इन इंडिया की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को, भारत भारतीयों का ही है इस विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए और विश्वव पटल पर तरक़्क़ी की नई इबारत लिखने के लिए मोदी सरकार का ये कदम सराहनीय है|