×

गुजरात की पाबिबेन की ऑनलाइन वेबसाइट से 300 रूपये माह से 20 लाख का सफर Pabiben Success Story In Hindi

गुजरात की पाबिबेन की ऑनलाइन वेबसाइट से 300 रूपये माह से 20 लाख का सफर Pabiben Success Story In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-9 months ago
+

महिलाओ के लिए मिसाल बनी गुजरात की पाबिबेन अपने कढ़ाई के कार्य से बनाई सालाना 20 लाख टर्नओवर वाली कंपनी | Pabiben Business Information In Hindi

दोस्तों किसी कार्य में हम किस्मत से ज्यादा अपनी मेहनत पर विश्वास करें तो हमारा वो कार्य सबसे अधिक सफल होता है और इसका जीता जागता सबूत आज हम आपके सामने इस लेख के माध्यम से पेश करने वाले है हम बात कर रहे है गुजरात के कच्छ के तालुका के भदरोई गांव में रहने वाली महिला पाबिबेन रबारी - Pabiben Success जिन्होंने अपने कार्य को किस्मत के भरोसे न छोड़ कर अपनी मेहनत से एक अलग मुकाम हासिल किया

दोस्तों आपको इस बात को जान हैरानी होगी की पाबिबेन रबारी कभी स्कूल नहीं गई और वो बिलकुल अनपढ़ है फिर भी उन्होंने अशिक्षित होना खुद के लिए कमजोरी नहीं बनने दिया आज पाबिबेन रबारी के भारत ही नहीं विदेशो में भी अपनी हाथ की कारीगिरी की ब्रांड बन गई है एक समय था जब पाबिबेन रबारी 300 रूपये प्रति माह नौकरी कर अपना गुजारा चलाती थी लेकिन आज उसी पाबिबेन रबारी की ऑनलाइन वेबसाइट का 1 साल का करीब 20 लाख रूपये सालाना टर्नओवर है तो चलिए दोस्तों  पाबिबेन रबारी की मेहनत और संघर्ष की कहानी को पूरी तरह जानते है

Pabiben Success Story In Hindi

Source pabiben.com

दोस्तों पाबिबेन का जन्म गुजरात के एक आदिवासी समुदाय ढेबरिया रबारी में हुआ है इस समुदाय के लोगो में पीढ़ी दर पीढ़ी एक कढ़ाई का एक अजूब अनुभव होता है इस समुदाय में एक खास रीत है  इस समाज लड़किया अपनी शादी होने से पहले कढ़ाई कर जो कपड़े तैयार करती है वो सब वे शादी होने के बाद अपने ससुराल ले जाती है

पाबिबेन ने अपने जीवन में बचपन से परेशानियों का सामना किया है बचपन में ही पाबिबेन के पिता का निधन हो गया जब उनके पिता का निधन हुआ तब उनकी माँ के गर्भ में उनकी तीसरी बहन पल रही थी इस कठिन समय ने पाबिबेन की माँ कड़ी मेहनत कर अपनी तीनो संतानो को पाला घर में आर्थिक स्थिति ख़राब होने के चलते पाबिबेन कभी स्कूल नहीं जा पाई और अपनी माँ के साथ मिलकर मजदूरी करने लगी समय के साथ उन्हें एक संस्था में नौकरी मिली जहां उन्हें कढ़ाई करने का काम था  यहां काम करने के लिए पाबिबेन को हर माह 300 रूपये दिए जाते थे

Pabiben Success Story In Hindiimage source

लेकिन दोस्तों कहते है ना समय कभी एक समान नहीं रहता है और जो मेहनत से समय का उपयोग करता है उसके लिए एक दिन सही समय आता ही है उसी तरह पाबिबेन के जीवन में भी एक बदलाव आने वाला था एक बार पाबिबेन के गांव विदेश से कुछ सैलानी घूमने आये उस समय पाबिबेन अपने कढ़ाई के कार्य में व्यस्त थी तब उन सैलानियों की नजर पाबिबेन की कढ़ाई पर पड़ी और वो उनके इस कढ़ाई के कार्य को देख काफी खुश हुए

Pabiben Success Story In HindiSource www.unnatisilks.com

तब पाबिबेन अपने हाथ से कढ़ाई किया गया प्रोडक्ट उन्हें दिखाया और उन्हें इस प्रोडक्ट का नाम अपने से ही बताया यानी पाबिबेन और दोस्तों यही से पबिबेन के जीवन में एक अलग मोड़ की शुरुआत शुरू हो गई

पबिबेन ने अपने इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए ऑनलाइन एक वेबसाइट का निर्माण करवाया और इस वेबसाइट के माध्यम से उन्होंने अपने हाथ से कढ़ाई किये गए प्रोडक्ट बेचने शुरू किये जब कुछ करने के हिम्मत हो तो हर राह आसान हो जाती है और ये बात सच भी साबित हुई दोस्तों पबिबेन को अपना पहला ऑनलाइन आर्डर 73 हजार रूपये का मिला इस आर्डर के बाद पबिबेन को अपने कार्य के लिए एक नई दिशा मिल गई

Pabiben Success Story In HindiSource cdn.dnaindia.com

दोस्तों आज पबिबेन की वेबसाइट से आज देश ही नहीं विदेशो से भी आर्डर आते है पबिबेन की अपने हाथ की शानदार कढ़ाई आज 300 से 20 लाख रूपये पहुंच गई है इस काम के चलते उनकी आज एक अलग पहचान बन गई है आज इस कार्य के लिए पबिबेन के पास 60 से अधिक महिलाएं कार्य करती है साथ ही दोस्तों साल 2016 पबिबेन को अपने इस कढ़ाई की कारीगिरी के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानकी देवी बजाज पुरस्कार से सम्मानित किया था जो उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि थी

Read More - व्हाट्सएप्प ग्रुप से साड़ियां बेचकर महिला कमा रही है लाखो रूपये