भारत में PIN COD के जन्मदाता और इसकी शुरुआत की पूरी कहानी | PIN COD Start History

भारत में PIN COD के जन्मदाता और इसकी शुरुआत की पूरी कहानी | PIN COD Start History

In : Meri kalam se By storytimes About :-19 days ago
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हमारा भारत देश राज्यों का शहर कहलाता है राज्यों से जुड़ते है गांव यानी भारत एक लंबा छोड़ा देश है और इन सब में गांवो के नाम याद रखना बड़ा कठिन काम है. लेकिन इन सब  को पहचाने के लिए हर देश ने हर गांव के अनुसार कोड या नंबर दे दिए जिनसे इन गांवो को पहचाने में आसानी हो सकें. दोस्तों आज हम अपनी पहचान आधार कार्ड  और वोटर ID से करते है और गाड़ियों में उनके पीछे लगी नंबर प्लेट्स से और कौन सा मोबाइल नंबर किस देश का है उसके लिए कंट्री कॉड है. जब मोबाइल नंबर और गाड़ी की पहचान हो सकती है तब राज्यों और गांवो के लिए भी Pin Cod जरुरी था.

Pin Cod जिसका पूर्ण अर्थ Postal Index Number ये नंबर 6 डिजिट का होता है इस नंबर से आप अपने राज्य व गांव की पहचान आसानी से कर सकते है एक दौर था जब हमारे पास इतनी तेज टेक्नोलॉजी नहीं थी लोग दूर - दराज कमाने के लिए जाते थे तब परिवार के सदस्यों से बात करने के लिए पत्रों का सहयोग लेते थे इसी को नजर में रखते हुए Pin Cod की शुरुआत हुई.

PIN COD Start History

Source lh6.ggpht.com

आज आप देश के किसी भी कोने में बैठे -बैठे अपने पिन कॉड पर कोई पत्र या सामान बड़ी आसानी से भेज सकते हो.

भारत में पिन कॉड की शुरुआत 15 अगस्त, 1972 में हुई थी पिन कॉड को कुल 9 भागों में बनाया गया जिसमें से एक भाग भारतीय सेना को दिया गया दोस्तों भारत में पिन कॉड की देन श्रीराम भिकाजी वेलांकर थे जो केंद्रीय संचार मंत्रालय के पूर्व अतिरिक्त सचिव थे.

जैसे दोस्तों भारत को राज्यों का देश माना जाता है उसमे कई ऐसे नाम है जो एक सामान है एक राज्य में आपको एक ही नाम की कई जगह मिल जाएंगी जैसे आपको रामनगर जाना है तो आपको उस राज्य में कई रामनगर गांव मिल जाएंगे देश के लोगों को साल 1972 से पहले अपने परिचित को पत्र या सामान भेजने के लिए काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ता था. एक पत्र को पहुंचने में सालों लग जाते थे तो कुछ अपना पता इस तरह लिखते थे जो समझ ही नहीं आता था इस कारण डाक विभाग के लोगों को भी काफी परेशानी होती थी.

कई बार भाषाओ के संगम होने कारण  पत्र को समझने असहज हो जाते थे. इन सब परेशानियों को देखते हुए हर एक राज्य में सरकार ने एक कॉड बनाया जिसे आज हम पिन कॉड के नाम से जानते है.

दोस्तों पिन कॉड कुल 6 डिजिट का होता है उदारण 302021 पिन कॉड की शुरुआत से तीसरा अंक जिले का कॉड होता है और पिन के अंतिम तीन अंक डाकघर के होते है.

PIN COD Start History

Source www.nativeplanet.com

निचे आपको राज्यनुसार पिन कॉड दिए गए है

राज्य का नाम       पिन कॉड 
दिल्ली                 - 11 
हरियाणा  -           12 और 13
पंजाब -                14 से 16 तक
हिमाचल प्रदेश -     17
जम्मू-कश्मीर -     18 से 19 तक
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड - 20 से 28 तक
राजस्थान -        30 से 34 तक
गुजरात -          36 से 39 तक
महाराष्ट्र -        40 से 44 तक
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ - 45 से 49 तक
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना - 50 से 53 तक
कर्नाटक -         56 से 59 तक
तमिलनाडु -      60 से 64 तक
केरल -            67 से 69 तक
पश्चिम बंगाल - 70 से 74 तक
ओडिशा -        75 से 77 तक
असम -          78
पूर्वोत्तर -       79
बिहार और झारखंड - 80 से 85 तक

वहीं भारतीय सेना डाक सेवा को 90 से 99 का कॉड दिया गया है.

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