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प्रधानमंत्री राजीव गांधी के आखिरी पल | Prime Minister Rajiv Gandhi Last Moment

प्रधानमंत्री राजीव गांधी के आखिरी पल | Prime Minister Rajiv Gandhi Last Moment

In : Meri kalam se By storytimes About :-12 months ago
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राजीव गाँधी की हत्या के पीछे किसका हाथ था और वो महिला कौन थी जिसने राजीव गाँधी को बम से उड़ाया था और इस पुरे परिक्रम का ठोस सत्य क्या है । Prime Minister Rajiv Gandhi Last Moment In Hindi

21 मई 1991 शाम के 8 बजे कांग्रेस के बुजुर्ग नेता मर्खतम चंद्रशेखर मद्रास के कीविंदी हवाई अड्डे पर राजीव गाँधी का आने का इन्तजार कर रही थी थोड़ी देर मे राजीव गाँधी विशाखापट्टनम से मद्रास जाने के लिये तैयार हो रहे थे तो पायलट के कप्तान चंडोक ने पाया की विमान की संचार व्यवस्था काम नहीं कर रही है राजीव गाँधी ने चेन्नई जाने का विचार त्याग दिया और गेस्ट हाउस के लिये रवाना हो गये|

टेलीक्राफ्ट अख़बार के लिए काम करने वाले रशीद क्त्वयी बताते है की "राजीव गाँधी उस दिन बहुत ही थके हुए थे| उनको एहसास था की उनको ज्यादा से ज्यादा लोगो से जाकर मिलना है| राजीव गाँधी को विशाखापट्टनम से चेन्नई जाना था | चेन्नई जाने के लिये जो विमान था उसमे तकनीकी खराबी आ गयी थी और राजीव गाँधी वापस आ गये थे| उमाकजापती जो विशाखापट्टनम से चुनाव लड़ रही थी उन्होने कुछ खाना राजीव गाँधी के लिये भेजा था |

इस खाने में इडली,पिज़्ज़ा,आदि शामिल थे | राजीव गाँधी जब सर्किट हाउस जा रहे थे तब मोटरसाइकिल पर एक पुलिस वाला आया और राजीव गाँधी को कहने लगा आपका जहाज सही हो गया है और ये बात सुन कर राजीव गाँधी वापस चले गये और जहाज मे बैठे गए लेकिन उनको जब भूख लगी तो पता चला की खाना तो गाड़ी मे ही रह गया है| वहां उस जगह इस तरह की बदइंतजामी थी और राजीव गाँधी को खाना खाने की बहुत ज्यादा इच्छा नहीं थी| लेकिन कांग्रेस नेता होने की वजह से उन्हें जाना जरुरी था जिस कारण उन्होंने मद्रास से वड़ोवदुर जाने का फैसला ले लिया|"

Prime Minister Rajiv Gandhi Last Moment

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वो दुखद पल जब राजीव गाँधी की हत्या हुई -

मद्रास से राजीव गाँधी के विमान ने 6.30 बजे उड़ान भरी राजीव गाँधी खुद विमान उड़ा रहे थे| विमान ठीक 8.20 बजे लैंडिंग की और राजीव गाँधी एक बुलेट प्रूफ मे बैठकर मार्गगाथम,राम मूर्ति, मोपनार के साथ श्री पेरमदुर के लिये रवाना हो गये | 10 बजकर 10 मिनट पर राजीव गाँधी श्री पेरमदुर पहुंचे पुरुष समर्थको से मिलने के बाद राजीव गाँधी ने महिलाओं की तरफ रुख किया| तब 30 साल की एक नाटी, काली, गठिली, लड़की चन्दन का एक हार लेकर राजीव गाँधी की और बढ़ी और पैर को छूने के लिए झुकी, तभी अचानक कानो को बहरा कर देने वाले धमाके की गूंज सुनाई दी| उस धमाके के दौरान उस समय मंच पर राजीव गाँधी के समान मे एक गीत गाया था|

इसके विपरीत वहां से मुश्किल से 10 गज की दुरी पर गल्फ न्यूज़ की रिपोर्टर डेकन क्रोनोल की संपादक नीना गोपाल राजीव गाँधी के सहयोगी सुमन दुबे से बात कर रही थी।

Prime Minister Rajiv Gandhi Last Moment

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उस दिन 2 मिनट में ही चारो तरह खून- ही खून हो गया थे। इस हादसे के पुरे 5 घंटे के बाद BBC के विश्व भारत कार्यक्रम की शुरुआत कुछ इन शब्दो से हुई की राजीव गाँधी अब इस दुनिया में नहीं रहे एक अविश्वसनीय समाचार लगा जैसे कोई झूठ बोल रहा है। दो दिन पहले की बात है जब राजीव गाँधी मतदान के समय अपनी पत्नी सोनिया गाँधी के साथ दिल्ली चुनाव में अपना मत दिया था।

लेकिन कल वो किसी आंतकी हमले का शिकार हो गए। उस धमाके में तमिलनाडु के कांग्रेस के तीन चोटी के नेता JK मोपतनार,जयंती नटराजन,राममूर्ति मौजूद थे। जब धुँआ कम हुआ तो राजीव गाँधी की तलाश शुरू हुई। उनके शरीर का एक हिस्सा उन्धे मुहा पड़ा हुआ था| उनका कपाल फट चुका था उसमे से उनका मगज निकलकर उनके सुरक्षा अधिकारी PK गुप्ता के पैरो मे गिर चुका था| जो स्वयं अपनी अंतिम घड़ीया गिन रहे थे | बाद मे सारे पुलिस वाले भाग खड़े हुए लगभग उसी समय राजीव गाँधी के निजी सचिव विष सून जार्ज अपने घर चाणक्य पुरी में घुसे ही थे की अचानक फ़ोन की घंटी बजी और जार्ज को बताया गया की राजीव गाँधी अब जिन्दा नहीं है| राजीव गाँधी की मौत के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त TN ससन ने बाकि चुनाव चरण को स्थगित कर दिया| 24 मई को उनका अंतिम संस्कार हुआ |जिसमे दूनिया के कई नेता शामिल हुए इस केस में जांच के लिए CRPF के IG कार्तिकेन के नेतत्व मे एक विशेष जांच दल का गठन किया गया|

कुछ ही महीनो मे इस हत्या के आरोप LTT के सात सदस्यो को गिरफ्तार किया ग़या मुख्य अभियुक्त शिवरासन और उसके साथियो ने गिरफ्तार होने से पहले ही सायनाइड खा लिया था|

CRPF के IG कार्तिकेन के द्वारा "राजीव गाँधी हत्या केस" के प्रति दिया गया बयान "आप कह सकते ही की हमारी पहली सफलता थी हरी बाबू के कैमरे से उन 10 फोटो के मिलने से हमने लोगो से सूचना लेने के लिये अखबार में  विज्ञापन भी दिया और टोल फ्री नंबर भी दिया| हमारे पास कुल तीन - चार हजार फोन कॉल आये हर कॉल को गंभीरता से लिया गया हमने चारो तरफ छापे मारने शुरू किये और हमें सफलता मिलना शुरू हो गयी पहले दिन से ही मै इस काम मे 24 घंटे हफ्ते मे 7 दिन लगा रहा मै 2 बजे काम के बाद कुछ घंटे के नींद के लिये गेस्ट हाउस जाता था सारी जाँच तीन महीने में पूरी हो गयी थी लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट आने मे समय लगा हत्या की पहली वर्ष गांठ पर ही अदालत मे चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी |"