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भारत पाक बंटवारे में बिछड़े भाई बहन को मिलाया व्हाट्सएप्प ग्रुप ने | Ranjit Singh Meet Sister Sakina

भारत पाक बंटवारे में बिछड़े भाई बहन को मिलाया व्हाट्सएप्प ग्रुप ने | Ranjit Singh Meet Sister Sakina

In : Viral Stories By storytimes About :-2 months ago
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भारत-पाक का वो बंटवारे का दिन जो आज दोनो देशो की सीमाओं पार रह रहे कई परिवारो के लिए जीवन का सबसे बड़ा दुखद दिन है। जब भारत-पकिस्तान अलग हुआ तब के सरकारी आंकड़ो के अनुसार इस बंटवारे के दौरान 2 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे वहीं इससे ज्यादा कई ऐसे परिवार के सदस्य थें जो एक दुसरे से सीमा पार बिछड़ गए। जो दोनो देशो के बीच सीमाओं का बंधन बंध चुका है लेकिन आज भी कई बदनसीब लोग है जो अपनो को पाने की आस लगाए बैठे है।

बता दे की उन बदनसीब लोगो की में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रहने वाले रणजीत सिंह भी एक है। जब दोनो देशो का बंटवारा हुआ तब रणजीत सिंह ने भी इस बंटवारे में अपना सब कुछ खो दिया था । रणजीत सिंह के परिवार से उनसे 4 साल छोटी उनकी बहन भज्जों भी बिछड़ गई थी। लेकिन आज बंटवारे के पूरे 72 साल गुजर जाने के बावजूद एक बहन को अपने भाई से व एक भाई को अपनी बहन को सोशल मीडिया ने मिला दिया।

भज्जो है POK में रणजीत सिंह राजस्थान में

Ranjit Singh Meet Sister SakinaSource www.aljazeera.com

बंटवारे के पूरे 72 साल बाद सीमाओं के बंधन को तोड़ते हुए सोशल मीडिया ने बहन-भाई को फिर से मिलवा दिया है। पूरे 72 साल बाद यानी बीते रविवार को रणजीत सिंह व भज्जो ने विडियो कॉल के जरिये एक दुसरे से बात की। भज्जो आज अपने परिवार के साथ पाकिस्तान के पीओके में रह रही है। सालो पहले बिछड़ी रणजीत की बहन भज्जो आज पाक मे शकिना है। आज उनका नाम शकिना है और उनके चार बच्चे भी है।

कैसे बिछ़ड़ी भज्जो अपने परिवार से

भज्जो 1947 में कश्मीर के ददुरवैना गांव में अपने दादा मतवाल सिंह के साथ रहती थी। लेकिन तब कश्मीर में हुए कबायली हमले में उनका परिवार वहां से बेघर हो गया। इस दौरान महज 4 साल की भज्जो अपने परिवार से बिछड़ गई। मतवाल सिंह आज अपने पोते रणजीत सिंह के साथ राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंह नगर में रहते है।

लोगो को फिर से अपने बिछड़े लोगो से मिलाने के लिए इन्होंने जम्मु-कश्मीर के पुंछ के लोगो के लिए सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बना रखा है

Ranjit Singh Meet Sister SakinaSource media.newstracklive.com

इस पर हरपाल एडवोकेट बात करते हुए बताते है कि , एक बार रणजीत सिंह उनके घर पर आएं और उन्होंने साल 1947 में बिछड़ी अपनी बहन भज्जो के बारे में जिक्र किया।

रणजीत सिंह ने उन्हें उस वॉट्सएप् ग्रुप के बारे में भी जानकारी दी, जिस ग्रुप में पीओके व कश्मीर के पुंछ के लोग इस ग्रुप में जुड़े हुए है। रणजीत ने बताया की इसी ग्रुप से उन्हें सालो पहले बिछड़ी अपनी बहन से मिलाया। ग्रुप से ही उन्हें पता लगा की भज्जो आज पाकिस्तान के पीओके में रह रही है लेकिन आज उनका नाम वहां शकिना है।

उम्मीदों से परे 72 साल बाद इन भाई-बहन का मिलन एक अलग ही कहानी है। फिलहाल यह दोनो करतारपुर में मिलने की योजना तैयार कर रहे है। सालो पहले बिछ़डे भाई-बहन को मिलाने में भारत से एडवोकेट हरपाल व पाकिस्तान से जुबैर की व पुंछ की रहने वाली रोमी की रही इन सभी ने इस वॉट्सएप ग्रुप से ही एक दुसरे की खोज की ।

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