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अनोखी आस्था सैनिक के बलिदान को पानी चढ़ा कर किया जाता है याद | Shaheed Smarak Nelong Valley Ghati

अनोखी आस्था सैनिक के बलिदान को पानी चढ़ा कर  किया जाता है याद | Shaheed Smarak Nelong Valley Ghati

In : Meri kalam se By storytimes About :-10 months ago
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यहाँ शहीद स्मारक पर आने वाले लोग नही भूलते पानी चढ़ाना | Shaheed Smarak Nelong In Hindi 

दोस्तों कहते की हर परपंरा पीछे कोई ना कोई तो वजह होती और इनके पीछे एक दिलचस्प कहानी जुडी हुई होती है। लेकिन दोस्तों कई परम्पराएं ऐसी होती है  जिन को सुन कर विश्वास करना काफी मुश्किल होता है। लेकिन फिर भी ये सालो से निभाई जा रही है। दोस्तों ऐसी ही एक परम्परा उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी पर एक जवान अपनी ड्यूटी पूरी करता है। दोस्तों ये परम्परा जितनी अलग है उतनी है अनोखी है। क्योकि दोस्तों ये परम्परा देश के लोगों को ये अहसास दिलाती है की देश की रक्षा के लिए देश के जवान किसी भी हद से गुजर जाते है। तो चलिए दोस्तों जानते है इस अनोखी परम्परा के बारे में।

Shaheed Smarak Nelong Valley Ghati

Source akm-img-a-in.tosshub.com

भारत के राज्य उत्तराखंड में स्थित नेलांग नाम की घाटी की है । दोस्तों इस घाटी के आस- पास इंसान का नामो निसान भी नहीं है इसका प्रमुख कारण ये है की यहां दिन रात बर्फ गिरती है। लेकिन फिर भी यहां तिब्बत पुलिस आर्मी फोर्स की चौकिया है जहां जवान 12 महीने भरी सर्दी में ड्यूटी करते है।नेलांग घाटी पर गर्मियों के समय में ड्यूटी करना इतना मुश्किल नहीं होता है । सर्दियों के समय ज्यादा बर्फ गिरने के कारण यहां जवानो को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यहां तक की सेना के जवानो को पानी भी बर्फ को पिघलाकर पीना पड़ता है। दोस्तों यहां पर जो रस्म है वो भी पानी से ही जुडी हुई है। 

दोस्तों सेना के कुछ अधिकारियों के अनुसार साल 1994 में सेना के 64 फिल्ड रेजिमेंट 3 जवान हवलदार झूम प्रसाद , गुरंग, सुरेंद्र सिंह बहादुर यहां रात के समय में गश्त कर रहे  थे। ड्यूटी के दौरान उनके पास पिने का पानी खत्म हो गया फिर ये तीनो पानी लेने के लिए घाटी से 2 किलोमीटर नीचे आ रहे थे। लेकिन नीचे आते वक्त इन के साथ एक हादसा हो गया और बर्फ गिरने से ये तीनो जवान इस बर्फ के नीचे दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सेना के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद इन तीनो के शव बर्फ के नीचे दबे मिले।

ऐसा माना जाता है की इस हादसे के कुछ समय बाद - सेना के दूसरे जवान यहां पर ड्यूटी कर रहे थे तो रात को इन के सपने में ये तीनो जवान आये और पिने का पानी मांगने लगे । इस के अगले दिन ही ITBP ने उन तीनो जवानों के स्मारक बनवा दिए दोस्तों उस दिन से सैनिक और पयर्टक यहां से गुजरते है वो इस स्मारक पर पानी जरूर चढ़ाते है।

Shaheed Smarak Nelong Valley Ghati

Source i.ytimg.com

साल 2014 में नेलांग घाटी पर्यटकों के लिए खोल दी गई । दोस्तों अब आप इस घटना को आस्था कहे या फिर अंधविश्वास लेकिन एक बात जरूर है ये स्मारक हमें एक अहसास जरूर दिलाती है की  हमारे सेना के जवान अपने देश के रक्षा के लिए किन-किन परिस्थिति  का सामना करते है और अपनी जान पर खेल जाते है। दोस्तों यही वजह है की इस स्मारक पर पानी चढ़ा कर सैनिक और पर्यटक उन के इस बलिदान का आभार प्रकट करते है। दोस्तों इस आस्था से हमें एक सीख मिलती है की देश के जवान अपने परिवार घर बार को छोड़ कर अपने देश की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहते है।