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पिता बेचते थे अख़बार बेटी ने यूट्यूब से पढ़ पास की सिविल परीक्षा | Shivjit Bharti Success In Hindi

पिता बेचते थे अख़बार बेटी ने यूट्यूब से पढ़ पास की सिविल परीक्षा | Shivjit Bharti Success In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-1 month ago
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जब मंजिल का सफर कठिन व चुनौतियों भरा हो तब उस मंजिल का सफर बड़ा खूबसूरत बन जाता है। बस जरुरत होती है तो मंजिल को पाने का हौंसला व जूनून। इस बात को साबित भी कर दिखाया हाल में हरियाणा की सिविल सेवा परीक्षा को पास करने वाली हरियाणा की शिवजीत भारती ने। शिवजीत भारती के जीवन में इस लक्ष्य को हासिल करना काफी मुश्किल व चुनौतियों भरा था । बता दे कि शिवजीत ने कोई बड़ी क्लास जॉइन कर यह सफलता हासिल नही की बल्कि उन्होंने यूट्यूब पर विडियो देख अपनी सिविल सर्विस की तैयारी की तो चलिए दोस्तो शिवजीत भारती के संघर्ष के बीच सफलता की इस कहानी को पूरा जानते है।

पिता बेचते थें अखबार

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आज हरियाणा की बेटी भारती ने अखबार बेचने वाले पिता का नाम पूरे हरियाण में रौशन कर दिया। भारती के पिता गुरनाम सैनी हर रोज अपने परिवार का गुजारा चलाने के लिए घर-घर अखबार बांटने का  काम करते थें। पिता के पैसों से परिवार की जरुरतो की पूर्ति नही होने के कारण भारती की मां शारदा देवी आंगनबाड़ी में काम करने जाती थी। बस अपने परिवार को इन्हीं मुश्किलो में देख भारती में कुछ बनने व करने का निश्चय किया।

नही थें कोचिंग करने के पैसे

Shivjit Bharti Success In Hindi

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पिता अखबार व मां आंगनबाड़ी से कुछ पैसा जोड़ कर घर का गुजारा चलाते थें। इस स्थिति में भारती के पास इतने पैसे नही थें की वो किसी अच्छे संस्थान से कोंचिग कर सकें। लेकिन भारती को मन में इस बात का विश्वास था कि अगर वो इस परीक्षा में शामिल हुई तो इसमें सफल जरुर होगी। बस भारती ने अपनी इसी सोच के साथ आगे बढ़ने की ठानी और परीक्षा तैयारी में लग गई। " कहते है जब मंजिल की और निकले इंसान के हौसले बुलंद हो तब मंजिल भी आसान हो जाती है। " भारती भी कुछ इस तरह अपनी मंजिल की और उसे पाने के लिए निकल पड़ी। घर के आर्थिक हालात ऐसे नही थें की वो अच्छी कोंचिग ज्वाइन कर तैयारी करे। भारती ने हार न मानते हुए घर पर रहते हुए किताबों व युट्यूब के माध्यम से अपनी तैयारी को आगे बढ़ाया। हाल में हरियाणा सिविल सेवा का रिजल्ट आया  जिसमें 48 क्वालिफाई हुए, और इन 48 में एक नाम शिवजीत भारती का  भी था।

खर्च के लिए पढ़ाती थी बच्चों को ट्यूशन

भारती ने सविल सर्विस की परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में सफल कर लिया। इस सफलता के दौरान भारती ने अपना खर्च चलाने व परीक्षा से जुड़ी किताबें खरीदने के लिए पड़ोस के बच्चों को ट्यूशन भी पढ़या।

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पिता को है भारती पर गर्व

घर के विपरीत हालातों में भी भारती ने हार न मानते हुए , सिविल परीक्षा की तैयारी की । आज हरियाणा के हर अखबार में अखबार बेचने वाले पिता का नाम भारती ने रौशन कर दिया। भारती की सफलता के बाद भारती के पिता ने भावुक शब्दों से कहा “ मेरी बैटिया मेरा पंख है, आज भारती की इस सफलता के बाद में खुद को आसमान में उड़ता हुआ महसूस कर रहा हूं। " 

अपनी इस सफलता के साथ भारती को रिश्तेदारों का शादी के लिए दबाब के साथ लोगो की अलग-अलग बातों का सामना करना पड़ा। लेकिन भारती ने अपनी सफलता से इन सब लोगो के मुंह बंद कर दिए।

दोस्तो शिवजीत भारती की इस सफलता से हम सब को सीख मिलती है कि कभी भी अपने हालातों को अपनी कमजोरी न बनने दे । उनसे ऊपर उठतें हुए खुद को मंजिल पाने के लिए तैयार करे और आगें बढ़े।

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