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प्रखर वक्ता भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की जीवनी | Sushma Swaraj Biography In Hindi

प्रखर वक्ता भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की जीवनी | Sushma Swaraj Biography In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-8 days ago
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  • पुरा नाम -  सुषमा स्वराज
  • जन्म दिनांक -  14 फरवरी 1952 (67 वर्ष )
  • जन्म स्थान -  अम्बाला हरियाणा
  • माता का नाम -  श्रीमती लक्ष्मी देवी
  • पिता का नाम -  श्री हरदेव शर्मा
  • पति का नाम -  स्वराज कौशल
  • राजनीतिक दल -  भारतीय जनता पार्टी
  • शिक्षा -  पंजाब यूनिवर्सिटी एवं एस डी कॉलेज
  • संतान का नाम - बांसुरी कौशल 
  • कार्यलय पदभार -  मिनिस्टर ऑफ़ एक्सटर्नल अफेयर्स ऑफ़ इंडिया - 2014  -2019 , लिस्ट ऑफ़ चीफ मिनिस्टर्स ऑफ़ दिल्ली - 1998 - 1998 , मेंबर ऑफ़ दा लोक सभा - 2009 -2019 , मेंबर ऑफ़ दा लोक सभा - 1996 -1999
  • मृत्यू दिनांक -   6 अगस्त 2019

एक समय था जब भारत में महिलाओं के घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध था लेकिन बदलते दौर के साथ आज महिलाएं इन प्रथाओं से उपर उठ कर हर क्षेत्र में अपनी पहचान कायम कर रही है और अपने हुनर को प्रदर्शित कर देश का नाम रोशन कर रही है.

दोस्तो भारत की राजनीति में जितना योगदान पुरूष राजनेताओं का रहा है उतना ही योगदान महिलाओं का रहा है. एक समय महिलाओं को घर से बाहर निकलने में पाबंदी थी वो कभी देश-विदेश जाने की बात कभी सोच भी नही सकती थी. लेकिन दोस्तो आज हमें गर्व है भारत की बदलती सोच पर. आज देश हर क्षेंत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही है ओर देश का नेतृत्व कर रही है. भारत देश की राजनीति में महिलाएं रक्षा मंत्री विदेश मंत्री प्रधानमंत्री जैसे पदों पर रहकर देश की सेवा कर चुकीं है.

दोस्तो महिलाओं का जिक्र हुआ है और हम भारत देश की दिवगत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को कैसे भुल सकते है. जिन्होंने देश के इस सर्वोच्च पद पर आसित रहते हुए भारत देश के लिए घर से लेकर विदेश के लिए मिली जिम्मेदारियों को पुरी निष्ठा और कर्तव्य से निभाया.

तो चलिए दोस्तो जानते है भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के जीवन के बारें में.

जन्म व परिवार | Sushma Swaraj Birth and Family

Sushma Swaraj Biography In Hindi

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भारत देश की पूर्व विदेश मंत्री रह चुकी सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 अम्बाला हरीयाणा में हुआ था. इनकी माता का नाम श्रीमती लक्ष्मी देवी और पिता का नाम श्री हरदेव शर्मा जो की राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के एक प्रमुख कार्यकर्ता थें. यही कारण है की सुषमा स्वराज ने बचपन से संघ और राजनीति को काफी  नजदीकी से देखा लेकिन दोस्तो सुषमा स्वराज ने राजनीति की शुरूआत अपने ही हुनर की  बदौलत की थी.

सुषमा स्वराज की शिक्षा - Education of Sushma Swaraj In Hindi

Sushma Swaraj Biography In Hindi

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सुषमा स्वराज ने अपनी शिक्षा में एस.डी कॉलेज से उन्होंने बीए की डिग्री हासिल की बाद में आगे कानून की डिग्री पंजाब यूनिवर्सिटी से पूर्ण की. सुषमा स्वराज को अपने कॉलेज के दिनो से अपनी बात को खुल कर करने की आदत थी उनकी इसी आदत के चलते कॉलेज में उन्हें सर्वोच्य वक्ता के सम्मान से सम्मानित किया गया था. अपनी शिक्षा के साथ सुषमा स्वराज स्कूल के दिनो एन.सी.सी ( नेशनल कैडेट कोर ) की भी सर्वोच्य स्टूडेंट रही थी. सुषमा स्वाराज को अपने व्यक्तव के हुनर के चलते लगातार 3 बार राज्य का सर्वोच्य वक्ता का पुरस्कार मिला था.

सुषमा स्वराज का विवाह व बच्चे - Sushma Swaraj Marriage and Children In Hindi

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सुषमा स्वराज ने 13 जुलाई 1975 को स्वराज कौशल से विवाह किया. कोशल स्वराज और सुशमा स्वराज दोनो ने सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के पद पर साथ में काम किया था. दोस्तो आपको इस जानकारी से अवगत करा दे की स्वराज कौशल भारत में सबसे कम उम्र में राज्यपाल के पद को प्राप्त करने वाले व्यक्ति भी थे . स्वराज कौशल मिजोरम राज्य के राज्यपाल के पद पर आसित रह चुकें है .

स्वराज कौशल भारत की राज्यसभा में कुल 6 बार सांसद भी रहें साथ ही सुषमा स्वराज एवं कौशल स्वराज की उपलब्धियों के चलते उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया था. सुषमा स्वराज और कौशल स्वराज के एक पुत्री है जिसका नाम बांसुरी कौशल है जो लंदन में रहकर इनर टेम्पल यूनिवर्सिटी से वकालत की शिक्षा हासिल कर रही है.

सुषमा स्वराज का राजनीतिक जीवन - Political Life of Sushma Swaraj In Hindi

जब भारत में 25 जुन 1975 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी तब इस आपातकाल के निर्णय का जयप्रकाश नारायण ने पुरजोर विरोध किया था. तब देश में अचानक आपातकाल की स्थिती लगने के कारण पुरे देश में अशांति का महौल बन गया. देश में चल रहें इन हालातों को देख सुषमा स्वराज भी जयप्रकाश नारायण के साथ इस आंदोलन में सम्मलित हो गई. और इस आंदोलन में सम्मलित होने के बाद हर मुद्दें पर बढ़ चढ कर आगे बड़ी.

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देश में लगे आपातकाल की शुरूआत के साथ ही सुषमा स्वराज के राजनीतिक करियर की शुरूआत हुई. अपनी राजनीतिक करियर की शुरूआत उन्होंने जनसंघ पार्टी की सदस्यता के साथ की जिसे आज भारतीय जनता पार्टी के नाम से जाना जाता है.

अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत करने से पहले सुषमा स्वराज ने सुप्रीम कोर्ट में एक अधिवक्ता के तौर पर भी काम किया था. भारत की सबसे बड़े राजनीतिक दल बी.जे.पी की प्रथम महिला प्रवक्ता बनने का सम्मान भी सुषमा स्वराज को प्राप्त है. वर्ष 1977 प्रथम बार सुषमा स्वराज हरीयाणा से विधानसभा की सदस्य चुनी गई.

विधानसभा में प्रथम बार चुन कर जाने के बाद उन्हें हरियाणा सरकार में श्रम व रोजगार मंत्री बनाया गया. बाद साल 1988 में एक बार फिर सुषमा स्वराज ने विधानसभा में जीत हासिल की और इस बार उन्हें हरियाणा सरकार में शिक्षा खाद्य एवं नागरिक मंत्री का पद दिया गया.

लगातार राजनीति में सफल होने के बाद साल 1990 में पहली बार सुषमा स्वराज को राज्यसभा का सदस्य चुना गया बाद में साल 1996 में हुए लोकसभा चुनाव में वो पहली बार लोकसभा की सदस्य बनीं. 1996 में चुनी गई अटल बिहारी जी की सरकार में उन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सौंपा गया. वर्ष 1998 राजधानी दिल्ली में हुए विधानसभा के चुनाव के बाद उन्हें दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया गया.

Sushma Swaraj Biography In Hindi

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दिल्ली के मुख्यमंत्री पद को पाने वाली सुषमा स्वराज देश की प्रथम महिला थी. लेकिन 13 अक्टूबर 1998 में शुरू हुए दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यकाल को सुषमा स्वराज ने 52 दिन के कार्यकाल के बाद 3 दिसंबर 1998 को इस्तीफा दे दिया. और अपने लोकसभा पद को जारी रखा बाद में साल 2003 में बी.जे.पी के नेतृत्व बनीं सरकार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में एक बार फिर सूचना व प्रसारण मंत्रालय का पद दिया गया. इसके बाद जब भी बी.जे.पी की सरकार सत्ता में उनकी काबिलियत के अनुसार मंत्री पद दिए गए.

सुषमा स्वराज हरियाणा की लोकसभा सीट विदिशा से लोकसभा की सदस्य थी. लोकसभा की सदस्य होने के साथ वो संसद की स्थायी समिति की अध्यक्ष भी रही थी. सुषमा स्वराज अपने राजनीतिक करियर में हमेशा एक मजबुत नेता के रूप में जानी गई जो कभी भी किसी भी गलती पर बड़े से बड़े नेता के सामने बोल जाती थी.

सुषमा स्वराज का अंतिम​​​​​​​ समय - Sushma Swaraj Death In Hindi

पुरें भारत में जम्मू - कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35-ए की समाप्ती की खुशिया मनाई जा रही थी और इस खुशी को जाहिर करते हुए सुषमा स्वराज ने अपने ट्विटर अकांउट से इस खुशी को जाहिर करते हुए ट्विट लिखा - 

Sushma Swaraj Biography In Hindi

"प्रधान मंत्री जी -आपका हार्दिक अभिनन्दन. मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी " 

यह उनके देश के लिए अंतिमशब्द थे 6 अगस्त 2019 को रात 11 बजें उनका एम्स अस्पताल दिल्ली में 67 वर्ष की उम्र में निधन हो गया.

अपने राजनीतिक जीवन में सुषमा स्वराज कुल 9 बार सांसद के रूप में चुनी गई एवं साल 1977 में वो सबसे कम उम्र में दिल्ली की राज्यमंत्री भी बनी.

देश के विदेश मंत्रालय को सभालते हुए उनके नाम कई उपलब्धियां दर्ज हुई. सुषमा स्वराज इस दौरान 3 बार राज्य की प्रमुख प्रवक्ता भी रही. राजनीति की शुरुआत करने के बाद बी.जे.पी दल में शामिल होने के बाद वो बी.जे.पी की राष्ट्रीय मंत्री पद पर भी आसित रही साथ ही भारतीय जनता पार्टी की प्रथम राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बनीं.

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