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मध्ययुग में दी जाने वाली 10 भयानक सजा | 10 horrible punishments of the Middle Ages in Hindi 

मध्ययुग में दी जाने वाली 10 भयानक सजा | 10 horrible punishments of the Middle Ages in Hindi 

In : Viral Stories By storytimes About :-11 months ago
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मध्ययुग में दी जाने वाली 10 भयानक सजा | 10 horrible punishments of the 'Middle Ages' in Hindi 

मध्ययुग को इंसान के इतिहास का सबसे भयानक काल माना जाता है।  इस काल में बहुत सी लड़ाइयां लड़ी गई थी। अपने दुश्मनो, विद्रोहियों या क़ानून तोड़ने वालों को सजा देने के लिए ऐसे काल में वहशी तरीको से इस युग में आविष्कार(Invention) किये गए जिसके बारे में सुनकर और पढ़ कर आपकी भी रूह काँप उठेगी।  आज हम आपको मध्ययुग के सजा देने के 10 ऐसे ही भयानक (Scary) तरीकों के बारे में बताएंगे।

1. इम्पलीमेंट

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : blogspot.com

15वीं शताब्दी में व्लाद तृतीय वालाशिया का राजकुमार था। व्लाद को 'Dracula' नाम से भी पहचाना जाता है। ऐसा इसलिए कहा गया है कि, क्योंकि वह बेहद बेदर्द इंसान था। अगर किसी व्यक्ति का अपराध(crime) सिद्ध हो जाता था तो वह धारदार पोल को पीड़ित के शरीर के आर-पार करने का आदेश(order) देता था। पोल की मोटाई इतनी ज्यादा होती थी कि उसे देख किसी भी इंसान की रूह(Soul) कांप उठे।

जिस इंसान को ये सजा दी जाती थी, उसे जबरदस्ती धारदार पोल पर बैठने के लिए बेबस किया जाता था। पोल धीरे-धीरे उसके शरीर को चीरता हुआ निकल जाता था।  सामान्यतया पीड़ित इंसान(human) को पोल पर इस तरीके से बिठाया जाता था की पोल का नुकीला हिस्सा शरीर को चीरता हुआ ठोढ़ी(Chin) पर आकर एक बार रुक जाए और फिर धीरे धीरे ठोढ़ी की हड्डी को पार करे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि अपराधी को ज्यादा वक़्त तक दर्द भुगतना पड़े। इस तरह से पोल लगाने पर तीन दिन की असहनीय दर्द झेलने के बाद अंत में पीड़ित(victim) की मौत हो जाती थी।

कहा जाता है कि व्लाद ने अपने राज में  20000 से लेकर 300000 इंसानो को यह सज़ा दी थी।  व्लाद इस कदर बेदर्द व्यक्ति था कि खाना खाते समय उसे ऐसा देखने में बड़ा मजा(फन) आता था। जरा सोचिए, तब हैवानियत(Happiness) किस कदर सिर चढ़कर बोलती थी।

2. जूडस क्रैडल यानी यहूदी पालना 

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : newshunt.com

यहूदी पालना एक बार देखने में धारदार पोल से जरा थोड़ी कम दर्दनाक लगे, परन्तु ये मनुष्य को तड़पा - तड़पा कर मार देने वाला हथियार था। लोगों को नग्न कर यहूदी पालने में बिठाया जाता था। प्रताड़ना की ये कार्यविधि बहुत ही भयानक(Scary) होती थी। पीड़ित को तीन जगह से बंधे एक रिंगनुमा खाली सीट पर लटका दिया जाता था। फिर इसके नीचे यहूदी पालने को लगाया जाता। इस दौरान पीड़ित के पैर को रस्सी से बांध दिया जाता था, जिसे नीचे खड़े कुछ व्यक्ति पकड़े होते थे। सजा का हुक्म मिलते ही, व्यक्ति रस्सी को एकदम से खींच देते। गौरतलब है कि स्त्री को उलटा और पुरुष को सीधे इस जानलेवा हथियार पर बिठा कर सजा दी जाती थी। इस सजा के दौरान लोग(people) घंटों रस्सी को खींचते रहते थे। कभी कभी तो दर्द(Pain) को बढ़ाने के लिए पीड़ित पर ज्यादा वजन भी लटका देते थे।

3. कॉफिन टार्चर 

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : 123rf.com
 
इसे कॉफिन प्रताड़ना कहा जाता था। मध्ययुग में ये काफी प्रसिद्ध था। अगर आप को पता हो तो किसी हॉलीवुड फिल्म में आपने इस तरह कि सजा देते हुए देखा होगा। पीड़ित  को इस पिंजरे में बंद किया जाता था, ताकि वह अपनी स्थान से जरा सा भी हिल न सके। इसके बाद पिंजरे को किसी पेड़ से लटका दिया जाता था। इस तरह की सजा ईशनिंदा जैसे गंभीर अपराध के लिए दी जाती थी। पीड़ित को या तो आदमखोर जानवर काट खाते या फिर वह पक्षियों का खाना बनता था। हालांकि, देखने वाले पीड़ित का दर्द(pain) बढ़ाने के लिए उस पर पत्थरों से भी हमला(Attack) करते थे।

4. दा रैक

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : blogspot.com

दा रैक जिसे हम आम भाषा में हड्डी तोड़ शैय्या बुला सकते हैं।  मध्ययुग में इस टार्चर को बहुत ही दर्दनाक माना गया था। हड्डी तोड़ शैय्या एक लकड़ी का ढांचा है। इस ढांचे में लकड़ी के दो पट्टे ऐसे होते थे, जो लीवर कि मदद से ऊपर की और उठाए जाते थे। लीवर शैय्या के दोनों ओर होता था। दोनों पट्टों पर नुकीली कीलें होती थीं। सजा देते समय पीड़ित के हाथ-पांव(arms legs) बांध कर उसे इस पर लेटा दिया जाता था। फिर चालू होता था पीड़ित के टार्चर का तमाशा। शैय्या के दोनों ओर एक-एक इंसान लीवर को मजबूती से उठाता और जैसे-जैसे पट्टा उठता पीड़ित की हड्डियां कड़कड़ाहट की आवाज के साथ टूटती जातीं। ये तमाशा तब तक चलता रहता था, जब तक पीड़ित(victim) शरीर को अलविदा नहीं कह दे।

5. ब्रेस्ट रिपर 

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : sites.google.com

ये सजा केवल महिलाओं को ही दी जाती थी। अगर कोई भी महिला दूसरे मर्द के साथ शारीरिक संबंध बनाती पाई जाती या फिर उस पर इस तरह का इलज़ाम साबित होता, तो ब्रेस्ट रिपर के जरिए उसे सजा दी जाती थी। रिपर(ripper) को महिला के ब्रेस्ट से लगाकर जोर से दबा दिया जाता था। हालांकि, हैवानियत की इंतिहा इतनी ही नहीं, चिमटानुमा इस हथियार को आग पर तपाया जाता था। इस सजा के दौरान पीड़िता के उभार को पूरी तरह से निकाल बाहर किया जाता था। इस सजा में ज्यादातर महिलाओ की मौत हो जाती थी और जो ज़िंदा(Alive) बच जाती थी उनकी ज़िन्दगी मौत से बदतर होती थी।

6. घातक हथियार  

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : blogspot.com

तस्वीर में देख कर आप भी अनुमान लगा सकते हैं कि छोटा-सा ये औजार(Tools) पीड़ित के लिए कितना दर्दनाक साबित हो सकता है। इस औजार का प्रयोग बच्चा गिराने वाली स्त्रियों, झूठ बोलने वालो और होमो सेक्सुअल लोगो पर होता था। ये नुकीला औजार ऊपर लगा पेच घुमाने पर चार हिस्सों में बंट जाता है। इस औजार को झूठ बोलने वालों के मुंह में, एबॉर्शन कराने वाली महिलाओं की योनि में और होमो सेक्सुअल लोगो के गुदे में डाल कर इसके पेच को घुमाया जाता था।  जैसे जैसे पेच को घुमाते यह बड़ा होता जाता जिससे की पीड़ित को बेहद ही दर्द होता, फिर उसकी खाल फट जाती और हड्डियां टूट जाती। अंत में अभियुक्त की मौत हो जाती।

7. ब्रेकिंग व्हील

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : naukrinama.com

ब्रेकिंग व्हील को कैथरीन व्हील(Catherine wheel) के नाम से भी जाना जाता था। इससे पीड़ित जिंदा नहीं बचता था। लेकिन ये उसे इतना तड़पा कर मारता था कि देखने वालों की रूह कांप उठती थी। पीड़ित को व्हील से बांध कर उस पर हथौड़े से तब-तक प्रहार किया जाता था, जब तक उसके शरीर की हड्डियां टूट नहीं जातीं। फिर मरने के लिए उसे छोड़(leave) दिया जाता था। कभी कभी पीड़ित को एक ऊंचे व्हील पर रखा जाता था ताकि पक्षी(bird) उस हाथ पैर टूटे हुए इंसान को जिन्दा ही खा सके। ऐसा भी कहा जाता है कि जिन पर दया आ जाती, उनकी सिर्फ छाती और पेट पर ही हथौड़े से वार किया जाता था। हालांकि, पीड़ित किसी भी सूरत में जिंदा नहीं बचता था।

8. सॉ टार्चर यानी आरी प्रताड़ना 

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : vigyanam.com

ये सजा पीड़ित को घोर व गंभीर अपराध के लिए दी जाती थी। इसमें एक खंभे के सहारे पीड़ित का पैर बांधकर उसे उलटा लटका दिया जाता था। उल्टा इसलिए लटकाया जाता था ताकि उसके दिमाग में ब्लड(blood) सप्लाई चालू रहे और वो इंसान ज्यादा समय(time) तक ज़िंदा रहे।  उसके बाद एक बड़ी आरी लेकर उसको बीच में से धीरे धीरे काटा जाता था। किसी - किसी मुजरिम(criminal) को ही पूरा दो हिस्से में काटा जाता था 

9. हेड क्रसर 

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : samacharnama.com

यह मध्यकाल में स्पेन में प्रयोग होने वाली आम तकनीक(Technique) थी। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि एक टोपीनुमा यंत्र प्रताड़ना के लिए बनाया गया है। पीड़ित का सिर इस टोपी से जकड़ दिया जाता था। इसके बाद एक व्यक्ति(person) धीरे-धीरे लीवर को घुमाने लगता था। जैसे-जैसे लीवर घूमता, टोपी से लगे रॉड(Rod) पास आते जाते। फिर एक झटके में पीड़ित का सिर आवाज के साथ फट जाता।

10. नी स्प्लिटर 

Terrible Punishment of the Middle Agesvia : blogspot.com

यह औजार भी स्पेन में ही काम में लिया जाता था। इस औजार को देखते ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये कितना भयानक होगा। इसे नी स्प्लिटर कहते हैं। इसमें पैरो के घुटनो को फंसाकर इसे दबाया(Pressed) जाता था जिससे की उसके घुटनो की हड्डियां टूट जाती थी। इस औजार के प्रयोग से किसी की जान तो नहीं जाती थी पर उस इंसान(human) के घुटने किसी काम के नहीं रहते थे। कभी कभी इसका प्रयोग घुटनो(Kneel) के अलावा कोहनी पर भी किया जाता था।