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पेट्रोल पंप पर काम कर बेटे को पढ़ाया बेटा आज बन गया कलेक्टर | UPSC Topper Pradeep Singh In Hindi

पेट्रोल पंप पर काम कर बेटे को पढ़ाया बेटा आज बन गया कलेक्टर | UPSC Topper Pradeep Singh In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-5 months ago
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हर माँ बाप अपने बच्चें को एक सफल इंसान बनाने के लिए दिन रात मेहनत करते है और उन्हें एक अच्छी स्कूल में पढ़ाने का सपना देखते है घर में हालात कुछ भी हो लेकिन बच्चें की पढ़ाई के लिए कभी किसी चीज की कमी नहीं होने देते है लेकिन आज बदलते समय के नजरिये में कुछ ही बच्चें होते है जो अपने माँ - बाप की परेशानी समझ कर पढ़ाई में ध्यान देते है

हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC Results 2019) के परिणाम घोषित हुए इस परिणाम के बाद 759 विद्यार्थियों के जीवन में एक नई किरण आयी जब इस रिजल्ट की घोषणा हुई तब इसमें एक स्टूडेंट इंदौर का भी शामिल था इस परिवार के इस रिजल्ट से कई दुख धूल गए सालो की मेहनत और पसीने के कमाई इस रिजल्ट ने मरहम का काम किया जैसे एक प्यासे को पानी मिल गया.

Source smedia2.intoday.in

वो पिता जिसने अपने बेटे की पढ़ाई और घर को चलाने के आधी जिंदगी पेट्रोल पंप पर दिन रात काम करते करते गुजार दी जब उस पिता को इस बात का पता चला की उनका बेटा यूपीएससी में टॉप कर गया है तब उनकी आँखों में आंसू थे लेकिन वो उस खुशी में निकले जो हर माँ बाप का सपना होता है दोस्तों अपने बेटे को सफल बनाने के लिए पेट्रोल पंप कर रात दिन मेहनत की आज उनके बेटे ने वो कर दिखाया जिससे उनकी मेहनत रंगो में रंग गई उनके बेटे प्रदीप सिंह ने आल इंडिया यूपीएससी में 93 रैंक हासिल की ये खबर उन माता पिता के लिए जीवन का सबसे बड़ा सपना सच होने जैसा था

देश के सबसे बड़ी परीक्षा यूपीएससी में लड़ाई जितने वाले प्रदीप सिंह ने अपनी इस परीक्षा की तैयारी की जहां उनके परिवार के आर्थिक हालात सही नहीं थे लेकिन प्रदीप के माता पिता ने उनको इस चीज की कमी को कभी महसूस नहीं होने दी घर और बेटे के पढ़ाई के लिए प्रदीप के पिता एक पेट्रोल पंप पर काम किया इसी कमाई से अपने घर का खर्च और अपने बेटे की पढ़ाई के लिए पैसे बचाते थे और आज उनकी मेहनत का ही नतीजा है की उनके सामने उनका बेटा कलेक्टर  बन कर खड़ा है

Source hindi.oneindia.com

दोस्तों आपको ये सब जितना आसान लग रहा है उतना आसान था नहीं प्रदीप के पिता ने अपने बेटे को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए कई मुश्किलों का सामना किया है लेकिन प्रदीप के पिता ने अपनी स्थित का पता अपने बेटे को नहीं लगने दिया अपने बेटे को आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली जाना था लेकिन प्रदीप के पिता के पास इतने पैसे नहीं थे अपने बेटे की शिक्षा में जब पैसे की कमी दिखी तो प्रदीप के पिता ने अपना मकान बेच दिया और प्रदीप को यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्ली भेज दिया लेकिन पीछे घर में कई समस्याएं शुरू हो गई उनको किराये के मकान में रहकर अपना गुजरा करना पड़ा और कई बड़ी समस्याएं उनके सामने खड़ी हो गई प्रदीप की माँ को प्रदीप की पढ़ाई के लिये गहने भी बेचने पड़े लेकिन प्रदीप की पढ़ाई में कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी

प्रदीप ने अपनी शुरुआती शिक्षा DAVV स्कूल से पूर्ण की और यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्ली चले गए जब प्रदीप का चयन यूपीएससी में हो गया और इस बात की खबर उनके माता पिता और परिजनों को चला तो सभी की आखों से खुशी के आंसू निकल आए क्योंकि उनके माता पिता ने प्रदीप की पढ़ाई के लिए जो त्याग और मेहनत की थी और आज सफल हो गई थी

Source c.ndtvimg.com

प्रदीप ने अपनी इस सफलता के बारे में बात करते हुए बताया की मेरे  परिवार ने इस सफर के दौरान कई बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा और मैने अपने माता पिता की इसी त्याग को सफल बनाने की ठानी और दिन रात अपनी मंजिल पाने के लिए जुट गए और आज इस मंजिल को हासिल कर मेरे से ज्यादा मेरे परिवार को सबसे ज्यादा खुशी है

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