×

भारतीय गवर्नर उर्जित पटेल का जीवन | Urjit Patel Biography in Hindi 

भारतीय गवर्नर उर्जित पटेल का जीवन | Urjit Patel Biography in Hindi 

In : Meri kalam se By storytimes About :-12 months ago
+

भारत के 24 वे गवर्नर उर्जित पटेल की जीवनी | All About Urjit Patel Life in Hindi

भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान गवर्नर उर्जित पटेल एक प्रसिद्ध अर्थ शास्त्री भी हैं । वे वर्तमान में देश के उन चुनिन्दा लोगों में शुमार हैं जो भारत की आर्थिक नीतियों को प्रभावित करते हैं । रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में वे भारत की मौद्रिक नीति एवं मुद्रास्फीति को नियंत्रित करते हैं । येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में PhD की उपाधि तथा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से M.Phil की उपाधि रखने वाले उर्जित पटेल भारतीय रिजर्व बैंक ज्वाइन करने से पहले बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं । इससे पहले वे रिजर्व बैंक के डेप्युटी गवर्नर के रूप में भी 3 वर्षों तक सेवाएँ दे चुके हैं ।

Urjit Patel Biography

भारतीय रिजर्व बैंक के चौबीसवें गवर्नर उर्जित पटेल ने 4 सितंबर 2016 को रघुराम राजन के बाद  यह पद ग्रहण किया था । उनका जन्म 28 अक्टूबर 1963 को नैरोबी, केन्या में मंजुल एवं रविन्द्र पटेल के यहाँ हुआ था ।इनके दादा जी गुजरात के खेड़ा जिले से केन्या में जाकर बसे थे। इन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स से स्नातक की डिग्री हासिल की है । इसके पश्चात 1990 में इन्हें अर्थशास्त्र में डाक्टरेट की उपाधि प्राप्त हुई । उर्जित पटेल जब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष(IMF) के लिए कार्य कर रहे थे तो 1990 से 1995 के बीचIMF के USA,INDIA,Bahamas और  Myanmar क्षेत्रों के लिए कार्य कर चुके हैं । इसके पश्चात 1990 दशक के अंतिम में वे IMF के भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनियुक्ति (deputation) पर थे । इस पद पर उन्होने भारतीय रिजर्व बैंक को कई विषयों जैसे बैंकिंग सेक्टर ,पेन्शन फ़ंड सुधार तथा विदेशी विनिमय बाजार इत्यादि पर सलाह दी ।

Urjit Patel Biography

उर्जित पटेल वित्तमंत्रालय में भी 1998 से 2001 तक सलहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं । इसके पश्चात वे भारतीय सरकार की कई कमेटियों एवं कार्यदलों के सदस्य भी रह चुके हैं । इन कमेटियों ने प्रत्यक्ष कर, आधारभूत संरचना , टेलिकाम , नागरिक उड्डयन तथा पेंशन सुधार के ऊपर अपनी रिपोर्टें दी हैं । प्राइवेट सेक्टर में भी वे विश्व की दिग्गज कंपनियों के साथ अपनी सेवाएँ दे चुके हैं जिनमे रिलायंस इंडस्ट्रीज़ तथा IDFC जैसी कंपनियाँ शामिल हैं। वे 2013 से भारतीय नागरिक हैं।

Urjit Patel Biography

उर्जित पटेल ने भारत में कार्य करने के लिए आने के बाद ही हिन्दी व गुजराती भाषा सीखी है । वे भारतीय रिजर्व बैंक के ऐसे आठवें डिप्युटी गवर्नर हैं जिन्हें गवर्नर बनाया गया । अपने असाधारण शैक्षणिक योग्यताओं के कारण उर्जित पटेल ने उच्च  एवं प्रभावशाली पदों पर कार्य किया है । सन 2000 से 2004 के बीच उर्जित पटेल ने केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय करते हुए कई उच्चस्तरीय कमेटियों में कार्य किया । इनमें कॉम्पटिशन कमीशन, एक्सपर्ट ग्रुप ऑन स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स  शामिल हैं । उर्जित पटेल द्वारा तैयार की गयी मौद्रिक नीति रिपोर्ट वर्तमान में हो रहे रिजर्व बैंक सुधारों के आधार में हैं ।

Urjit Patel Biography

उन्नीस वर्षों से अधिक के वित्त ,ऊर्जा ,आधारभूत संरचना इत्यादि में व्यापक अनुभव के कारण वे भारतीय आर्थिक नीति को सशक्त बनाने में काफी सफल हुए हैं । भारत में अपने कई वर्षों के किए गए कार्यों केकारण उन्होंने कई लोगों जैसे पी0 वी0 नरसिम्हा राव , नरेंद्र मोदी ,मनमोहन सिंह,अरुण जेटली और रिजर्व बैंक के भूतपूर्व गवर्नर रघुराम राजन को प्रभावित किया है । 2013 में जब उन्हें डेप्युटी गवर्नर का पद दिया जा रहा था तो उनका सिफ़ारिश पत्र स्वयं उस समय के प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने लिखा था । डेप्युटी गवर्नर के रूप में उर्जित पटेल अपनी कार्य क्षमता के कारण रघुराम राजन के दाहिने हाथ माने जाते थे । उनके द्वारा किए  गए मौद्रिक नीतिगत बदलावों को 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है । उनकी नीतियों नें  भारत को मुद्रास्फीति से लड़ने में दक्षता प्रदान  की है । कुछ ही वर्षों पूर्व उनके पिता का निधन हुआ है और अब वे अपनी माता  के साथ मुंबई में रहते हैं । कुछ सूत्रों के अनुसार उन्होंने  हाल ही में BRICS bank के मुखिया का पद भी ठुकरा दिया ताकि वे अपनी माता के साथ समय व्यतीत कर सकें ।

Urjit Patel Biography

 

उर्जित पटेल के पास कोई भी मीडिया एक्सपोजर न होने के बावजूद उन्होंने UPA सरकार के 100 दिन के एक्शन प्लान के लिए 2009 में एक्सपेर्ट संवाददाता की भूमिका सभी मंचों पर निभाई । उर्जित पटेल ने भारतीय समष्टि अर्थशास्त्र,सार्वजनिक वित्त आधारभूत संरचना, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं जलवायु परिवर्तन के आर्थिक प्रभावों  के ऊपर कई लेख एवं विचार लिखे हैं । वे गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं । रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में उर्जित पटेल के सामने जो चुनौतियाँ हैं उनमें सबसे विकट समस्या गैर निष्पादित संपत्ति (NON PERFORMING ASSET) है । क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से भारतीय बैंकों की आर्थिक हालत काफी बिगड़ चुकी है ।

इसके अलावा बैंकों में होने वाले घोटालों एवं पूँजीपतियों के साथ गैर कानूनी रूप से किए गए लेन-देन से घाटे में जा रहे बैंकों की हालत को सुधारना भी एक बड़ी चुनौती के रूप में उनके सामने है । वहीं उर्जित पटेल के सामने नगद कुप्रबंधन की समस्या भी गहरी होती जा रही है । इन्ही समस्याओं के निवारण के लिए उर्जित पटेल ने कुछ कड़े फैसले भी लिए हैं जिनका असर वर्तमान समय में देखने को नजर आ रहा है ।वर्तमान समय में डिजिटल करेंसी के उपयोग की चुनौतियाँ भी विश्व के सभी देशों के केन्द्रीय बैंकों के सामने है । भारत में भी उर्जित पटेल की अध्यक्षता में रिजर्व बैंक इसकी निगरानी कर रहा है ,किन्तु साथ ही उन्होंने डिजिटल करेंसी के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक के विचारों को स्पष्ट कर दिया है । बैंकिंग सेक्टर में  डिजिटल करेंसी के उपयोग से होने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों के लिए भारतीय आर्थिक तंत्र तैयारी कर चुका है ।

Urjit Patel Biography

 

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में काम करते हुए ऊर्जित पटेल की अपनी सीमाएं हैं । उन वैधानिक सीमाओं के भीतर रहते हुए ही अपने समक्ष उपलब्ध सीमित अधिकारों एवं संसाधनों से ही उन्हें उन चुनौतियों का सफलता पूर्वक सामना करना होगा । इन चुनौतियों का सामना करने में एवं देश की अर्थ  व्यवस्था को मजबूत करने में वे कितने सफल होते हैं यह तो वक़्त ही बताएगा । किन्तु हम फिर भी यह आशा कर सकते हैं कि अपने लंबे अनुभव के कारण वे भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में भारतीय अर्थ व्यवस्था को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में एवं व्यापार, तकनीक , आधारभूत संरचना ,टेलिकाम ,ऊर्जा इत्यादि सभी सेक्टरों में नयी क्षमता उत्पन्न करने में सफल होंगे ।