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पर्यावरण बचाने के लिए किसान ने अकेले लगाए 40 हजार पेड़ | Bhaiya Ram Yadav Story in Hindi

By N.j / About :-7 years ago

देश की लगातार बढ़ रही आबादी के कारण पर्यावरण तेजी से समाप्ति की और बढ़ रहा है हर तरफ जंगलो को काट बड़े -बड़े होटल व रेस्टोरेंट बनाए जा रहें है। यही कारण है की आज बारिश कम हो रही है हर बार सूखे की मार किसानो को झेलनी पड़ रही है। ऐसा ही एक क्षेत्र है भारत के यूपी राज्य के बुंदेलखंड में आने वाला इलाका, आज इस क्षेत्र को सबसे सूखे इलाकों में गिना जाता है। यहां के लोग पानी की कमी के चलते शहरो की और पलायन हो रहे है। पानी के लिए सबसे जरुरी होते है पेड़ -पौधे और जब पेड़ -पौधे होगे तो हर कोई पानी की मुश्किल को आसान बना देगा। यूपी का चित्रकूट इलाका भी कुछ इसी तरह है , लेकिन चित्रकुट में रहने वाले बाबा भैयाराम ने इस इलाके को बदलने की ठान ली है। वो आज अपने इसी लक्ष्य के चलते ट्री-मैन के नाम से जाने जाते है। बाबा भैयाराम ने बदलाव के रुप में 40 हजार पेड़ लगाकर एक घना जंगल तैयार करने की अनोखी मिसाल हम लोगो के सामने पेश की है।

चित्रकुट से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है भरतपुर गांव। भरतपुर वो गांव जहां रात-दिन एक कर बाबा भैयाराम ने एक घना जंगल तैयार कर दिया । गर्मियों के दिनो में तपती धूप में यह जंगल आज गांव वालो के साथ पक्षी-पक्षियों को भी राहत देने का काम करता है। बता दे की भैयाराम इस जंगल को बचाने में वर्ष 2007 से लगे हुए है। भैयाराम आज इस जंगल की अपने बच्चे की तरह देखभाल करते है।

भैयाराम की पर्यावरण के प्रति सोच हम सब के लिए एक प्रेरणा है अपनी कहानी के पलो को याद करते हुए बाबा भैयाराम ने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू में बताया की किस तरह उन्होंने इस मुहिम की शुरुआत की साल था 2001 जब मेरी पत्नी का बच्चे को जन्म देने के दौरान निधन हो गया। कुछ समय बाद बीमारी के चलते बच्चें की भी मृत्यु हो गई। पहले पत्नी व फिर बच्चें को खोने के बाद बिलकुल अकेला महसूस करने लगा था। अब मेरे जीवन में आगे कोई मकसद नजर नही आ रहा था। इस दौरान मुझे मेरे पिता की कही बात याद आई कि इंसान को अपने जीवन में 5 पेड़ तो लगाने ही चाहिए।

बस अपने पिता की इसी बात से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने तय किया की आज से वो पेड़ भी लगाएंगे व उनकी रक्षा व देखभाल का काम भी करेगें । बस अपने इसी संकल्प के साथ भैयाराम आगे बढ़े और वन विभाग से पौधे लाते और गांव की खाली जमीन में उसे लगा देते। गांव में पानी की कमी के चलते भैयाराम इन पौधो की सिंचाई के लिए कई किलोमीटर का सफर कर इन्हें पानी देते थे।

दोस्तो आज वो भैयाराम की मेहनत का ही फल है जिस वजह से बुंदेलखंड में स्थित 50 एकड़ जमीन आज एक घने जंगल के रुप बदल चुकी है। आज इन पेड़ो की रक्षा के लिए भैयाराम यहीं पर एक झोपड़ी बना कर रहते है। भैयाराम के जीवन का अब एक ही लक्ष्य है पेड़ो की देखभाल करना आज भैयाराम जंगल में लगे फलो व खेती कर ही अपना पेट भरते है। भैयाराम कहते है की पर्यावरण दिवस पर सरकारे पेड़-पौधे तो हजारो लगा देती है लेकिन इन पेड़-पौधो की देखभाल के लिए पीछे कोई नही होता है।

बस कुछ समय का दिखावा करने के बाद वो इसे भूल जाते है। ऐसे में यह बस एक पैसा बर्बादी करते है। आज लगातार पर्यावरण खत्म हो रहा है । भैयाराम कहते है की सरकार को उन लोगो को प्रोत्साहित करना चाहिए जो आज पर्यावरण की रक्षा के लिए काम कर रहे है। भैयाराम कहते है अपनी इच्छा के साथ उनका लक्ष्य है की वो पूरे 40 लाख पेड़  लगा दे। वो इसे पूरा करने के लिए अपनी अतिंम सांस तक इसमे लगे रहेगे।

हाल में इसी साल के अगस्त माह में उत्तर-प्रदेश सरकार  ने पर्यावरण पर काम करते हुए रिकॉर्ड 22 करोड़ पौधे लगाएं थे। फिर भी आज वन कम हो रहें है । ऐसा इसलिए की सरकारे पेड़ लगाने के बाद इनकी देखभाल पर कोई ध्यान नही देती । सरकार को पौधारोपण के साथ इनकी देखभाल के लिए भी काम करना होगा।

पर्यावरण बचाने के लिए किसान ने अकेले लगाए 40 हजार पेड़ | Bhaiya Ram Yadav Story in Hindi