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5 वी फेल धर्मपाल गुलाटी का MDH मसाले के साथ पूरा सफर | Mahashay Dharampal Gulati Success In Hindi

5 वी फेल धर्मपाल गुलाटी का MDH मसाले के साथ पूरा सफर | Mahashay Dharampal Gulati Success In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-3 months ago
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नमस्कार दोस्तों आज आप सभी ने टीवी चैनल्स पर MDH मसाले का ऐड तो जरूर देखा होगा खास तौर पर इस ऐड में आपकी नजर उस बुड्ढे शख्स पर जरूर जाती होगी दोस्तों ये बुड्ढा शख्स और कोई नहीं ये MDH कंपनी के मालिक है अपने शुरुआती दौर में कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने वाले MDH मसाला कंपनी के मालिक की जीवन कहानी आज सभी के लिए प्रेरणास्रोत है दोस्तों आज हम इस लेख में इस महान शख्सियत MDH के ऑनर महाशय धर्मपाल गुलाटी के पुरे जीवन सफर के बारे में जानने वाले है की कैसे एक 5 वी क्लास तक पढ़ाई करने वाले शख्स ने पूरी दुनिया की मसाला इंड्रस्ट्री पर अपना राज जमाया तो चलिए दोस्तों इस सक्सेस स्टोरी को शुरू जानते है

दोस्तों इस कहानी की शुरुआत होती है साल 1923 से जब पाकिस्तान के सियालकोट में महाशय धर्मपाल गुलाटी का जन्म हुआ इनके पिता का नाम चुन्नी लाल गुलाटी था जो एक सोशल ऑर्गेनाइजेशन में काम करते थे इसी आर्गेनाईजेशन में काम करते हुए उनके पिता ने एक मसाला कंपनी का भी प्रारूप तैयार किया था और इसे नाम दिया Mahashian Di Hatti Pvt. LTD दिग्गी मिर्च वाले और दोस्तों ऐसा कहा जाता है की धर्मपाल जी का परिवार शुरुआत से काफी धार्मिक था और ये आर्य धर्म की पालना करते थे धर्मपाल गुलाटी जी का बचपन से पढ़ाई के प्रति कुछ खास मन नहीं था और इसी के चलते उन्होंने अपनी 5 वी क्लास की शिक्षा पूर्ण होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी और अपने पिता के साथ मसाले के बिजनेस में काम करने लग गए धीरे धीरे समय आगे बढ़ता गया और जब भारत के दो हिस्से हुए भारत और पाकिस्तान तब  उसमे भी उन्होंने हिस्सा लिया था

Mahashay Dharampal Gulati Success In Hindi

Source img.timesnownews.com

भारत देश के दो टुकड़े होने के बाद 7 सितम्बर 1947 को महाशय धर्मपाल गुलाटी अपने परिवार के साथ भारत में रहने के लिए आ गए भारत आने के बाद वो अमृतसर में सेना के एक कैंप में रुके दूसरी और उनके पिता और उनके मेहनत से खड़ा किया हुआ कारोबार इस बटवारें के बाद पूर्ण रूप से बर्बाद हो गया था और इस वजह से परिवार के आर्थिक हालात काफी बुरे हो गए थे और परीवार के इन हालात को देख  धर्मपाल गुलाटी जी दिल्ली आ गए दिल्ली जाने के के बाद काफी समय तक नौकरी की तलाश करने के बाद में भी उन्हें कोई काम नहीं मिला बाद में उन्होंने कुछ पैसे उधार लेकर एक तांगा खरीद लिया और तांगा खरीदने के बाद धर्मपाल गुलाटी ने कनॉट प्लेस  से करोल बाग तक सवारियों को लाने ले जाने का काम शुरू कर दिया

लेकिन दोस्तों धर्मपाल गुलाटी इस कार्य से भी उतने पैसे नहीं कमा पाते थे की उनका परिवार आसानी चल सकें और ये सब देखते हुए उन्होंने एक बार फिर से अपने पुराने कारोबार की शुरुआत करने की सोची और साल 1948 में उन्होंने दिल्ली के करोल बाग एक छोटी सी झोपडी के साथ अपने इस कारोबार की शुरुआत कर दी इस कारोबार में सभी चीजों का ज्ञान तो धर्मपाल गुलाटी को बचपन से था इस वजह से ये बिजनेस सफलता की और कूच करने लगा जब कुछ पैसे जमा हुए तो धर्मपाल जी ने साल 1953 में चांदनी चौक में एक दुकान किराये पर ले कर अपने कार्य की दूसरी दुकान खोल ली और आगे चलकर साल 1954 में उन्होंने रूपक स्टोर्स नाम से एक दुकान की शुरुआत की जो दोस्तों भारत का पहला मॉर्डन मसाले का स्टोर बना था

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Source www.viralindiandiary.com

धर्मपाल ने अपनी इस दुकान की जिम्मेदारी अपने भाई सतपाल को दे दी और साल 1959 में उन्होंने खुद की मसाला कंपनी MDH यानी Mahashian Di Hatti Limited की शुरुआत कर दी इस कारोबार में शुरुआत से अच्छी जानकारी होने के कारण धर्मपाल जी की ये कंपनी भारत में काफी तेजी से ग्रोथ करने लगी और ये धीरे धीरे इतना सफल हो गया की ये देश ही नहीं विदेशो तक भी बिकने लगा MDH भारत के साथ स्विट्ज़रलैंड अमेरिका जापान कनाडा यूरोप साउथ ईस्ट सऊदी अरबिया की तरह दुनिया के करीब 100 से भी ज्यादा देशो में MDH के मसाले बेचे जाने लगे और अपनी शुरुआत से ही MDH भारत में मसाला कंपनियों टॉप पर रहा दोस्तों आज भले ही धर्मपाल गुलाटी की उम्र 95 साल हो गई है लेकिन वो आज भी अपनी मसाला कंपनी के लिए ऐड करते है

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लेकिन दोस्तों अपने बिजनेस को सफल बनाने के साथ धर्मपाल गुलाटी की एक खास बात और है उन्होंने  अपने बिजनेस से कमाए हुए पैसे गरीब लोगो के लिए भी खर्च किये है उन्होंने इसके लिए महाशय चुन्नी लाल चैरिटेबल ट्रस्ट की शुरुआत की और अपनी इस ट्रस्ट के तहत उन्होंने एक हॉस्पिटल का भी निर्माण करवाया जहां कोई भी गरीब व्यक्ति अपना इलाज फ्री में करवा सकता है साथ ही दोस्तों आज दुनिया में अपना परचम लहरा चुकि MDH  मसाला कंपनी अपने बिजनेस में होने वाले प्रॉफिट से देश में कई जगहों पर गरीब बच्चो के लिए फ्री शिक्षा के लिए स्कूल भी बनवा रही है और दोस्तों यही बातें धर्मपाल जी के एक अच्छे व्यक्ति की प्रतिभा को दर्शाते है कई बार ये झूटी अफवाएं आती है की धर्मपाल गुलाटी का निधन हो गया है लेकिन दोस्तों वो आज भी स्वस्थ है और हम सभी कामना करते है की वो एक लंबी उम्र तक जिए.

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