x

मिताली राज का जीवन परिचय | Mithali Raj Biography In Hindi

By N.j / About :-8 years ago

क्रिकेटर मिताली राज की जीवनी | All About Mithali Raj Biography In Hindi

  • पूरा नाम - मिताली दोराई राज
  • जन्म - 3  दिसंबर 1 982 आयु (35)
  • जन्म स्थान - जोधपुर (राजस्थान)
  • पिता का नाम - दोराई राज
  • माता का नाम -  लीला राज 
  • शिक्षा - कीस हाई स्कूल 
  • प्रमुक अवार्ड -  पद्मश्री, क्रिकेट के लिए अर्जुन पुरस्कार
  • वर्तमान टीम-  भारत महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम, रेलवे महिला क्रिकेट टीम (बल्लेबाजी)

अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट के टेस्ट मैचों  में दोहरा शतक बनाने वाली मिताली  राज पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। वो वर्तमान में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं। मिताली  राज ने जून 2018 मे टी -20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में भारत की ओर से 2000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज बनाने का गौरव भी प्राप्त किया है। वह ऐसा करने वाली दुनिया की सातवीं महिला क्रिकेटर हैं । क्रिकेट जगत में दिये गए योगदान के कारण भारत सरकार ने 21 सितंबर 2004 को मिताली   राज को “अर्जुन पुरस्कार” से सम्मानित किया है। मिताली  राज एक मात्र ऐसी महिला हैं जिन्होनें वनडे क्रिकेट में 6000 रनों से ज्यादा रन बनाने का रिकार्ड बनाया है। ये अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार  7 बार अर्ध शतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं । 

मिताली राज का प्रारम्भिक जीवन

via: via: static.dnaindia.com

मिताली  राज का जन्म राजस्थान के जोधपुर शहर में 3 दिसंबर 1982 को एक तमिल परिवार में हुआ था। इनके पिता दोराई राज एक वायुसेना अधिकारी हैं। इनके पिता पूर्व में क्रिकेटर भी रह चुके हैं । इनकी माता लीला राज हैं । इनका परिवार आंध्र प्रदेश का निवासी है। बचपन में ही नृत्य की ओर रुझान होने के कारण मिताली ने भरतनाट्यम की क्षिशा प्राप्त की थी । मिताली भरतनाट्यम में ही अपना कैरियर बनाना चाहतीं थीं लेकिन धीरे धीरे इनकी दिलचस्पी क्रिकेट में बढ़ती गई। अंत में भरतनाट्यम और क्रिकेट में से मिताली ने क्रिकेट को ही चुना और एक क्रिकेटर के रूप में अपना कैरियर बनाया। क्रिकेटर ज्योति प्रसाद ने मिताली को बचपन में खेलते हुए देखा था और कहा था कि ये एक बेहतरीन क्रिकेटर बनेगी। मिताली के कोच सम्पत कुमार थे जिंहोने उसके अंदर के छुपे हुए क्रिकेटर को बाहर निकाला था। कोच सम्पत ने मिताली से एक अच्छा क्रिकेटर बनने के लिए बहुत मेहनत कारवाई है। यही कारण है कि मिताली ने क्रिकेट कि दुनिया में अपना नाम शिखर तक पहुंचा दिया है। आज मिताली विश्व की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। 

मिताली राज का क्रिकेट कैरियर

via: .spotyourstory.com

अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय क्रिकेट क्रिकेट के मैदान पर 3 नंबर कि जर्सी पहनने वाली मिताली राज के अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय क्रिकेट कि शुरुआत 16 वर्ष की आयु में 26 जून 1999 में मिल्टन कीन्स, आयरलैंड के एक मैच से हुआ था। यह मैच भारत और आयरलैंड के बीच हुआ था। इस मैच में मिताली ने शानदार नाबाद 114 रनों कि पारी खेली थी।अपने पहले ही मैच में शतक बनाने वाली मिताली  ने सबसे कम उम्र में (16 वर्ष 205 दिन ) अंतराष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों में शतक बनाने का रेकॉर्ड भी बनाया है। दाहिने हाथ से  गेंदबाजी और बल्लेबाजी करने वाली मिताली ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार ७ बार अर्ध शतक जड़े हैं। मिताली ऐसा करने वाली दुनिया कि दूसरी क्रिकेटर हैं। उनसे आगे , महिला और पुरुष, दोनों वर्गों के क्रिकेट में केवल पाकिस्तान के जावेद मियांदाद ही हैं जिन्होने लगातार 9 बार अर्ध शतक बनाए हैं। इसके अलावा मिताली के नाम अंतराष्ट्रीय महिला क्रिकेट का दूसरा सर्वाधिक स्कोर है। 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए उन्होने २१४ रन बनाए थे। अंतराष्ट्रीय महिला क्रिकेट का सर्वाधिक स्कोर (२४२ रन ) पाकिस्तान की किरण बलूच के नाम है जो उन्होने २००४ में बनाया था। मिताली राज ने अंतराष्ट्रीय एक दिवसीय क्रिकेट में 6000 रन पूरे कर के इंग्लैंड के भूतपूर्व कप्तान का विश्व रेकॉर्ड तोड़, नया रेकॉर्ड बनाया। यह विश्व रेकॉर्ड उन्होने 2017 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेलते हुए बनाया। मिताली राज भारतीय क्रिकेट की पहली कप्तान हैं जिन्हे 2005 और 2017 में दो बार आईसीसी एक दिवसीय विश्व कप के फ़ाइनल में शामिल होने का मौका मिला।  मिताली को 2005 में  महिला क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया था। इसके अलावा मिताली ने 2010,2011 और 2012 में आईसीसी विश्व रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अंतराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने कर रेकॉर्ड भी मिताली के नाम ही है। मिताली राज एक दिवसीय मैचों में 50 से अधिक अर्धशतक बना चुकी हैं। मिताली राज का एकदिवसीय कैरियर उन्हें विश्व के बेहतरीन खिलाड़ियों में शुमार करता है। 


अंतराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट

मिताली ने अपने जीवन का प्रथम टेस्ट मैच 14 जनवरी 2002 को लखनऊ में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। इस मैच में मिताली बिना कोई रन बनाए शून्य पर आउट हो गईं थीं । सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानने वाली मिताली ने २००६ में अपनी पहली टेस्ट सिरीज़ जीत इंग्लैंड में उसी के खिलाफ खेलते हुए दर्ज की थी । 2006 में ही इंग्लैंड के डर्बी में मिताली ने अपने T-20 क्रिकेट कैरियर का आगाज किया। इंग्लैंड के विरुद्ध ही 2002 में 214 रन बनाकर टेस्ट मैचों में सबसे कम उम्र की दोहरा शतक बनाने वाली महिला का गौरव भी प्राप्त किया। 2005 में भारतीय महिला टीम का टेस्ट कप्तान बनीं मिताली ने यह उपलब्धि भी सबसे कम उम्र में केवल 22 वर्ष और 353 दिनों में हासिल की। भारत की ओर से खेलते हुए मिताली राज का टेस्ट रेकॉर्ड भी काफी अच्छा है।

मिताली राज के अवार्ड 

via:.pinimg.com

मिताली  राज की क्रिकेट क्षमताएँ किसी से कम नहीं हैं । यहाँ तक की उनके क्रिकेट का औसत जो 50 से ऊपर है उन्हे क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शामिल करता है। भारत की ओर से अंतराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाली मिताली प्रथम महिला हैं जिन्हे 2015 में “विजडेन इंडियन क्रिकेटर ऑफ थे इयर” का सम्मान मिला। मिताली राज ने भारत में लड़कियों की एक पूरी पीढ़ी को खेलों में भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया है। मिताली  राज से प्रेरित हो कर कई लड़कियों ने क्रिकेट को अपने कैरियर के रूप में चुना है। यह भारत में क्रिकेट के विकास के लिए लाभकारी है। क्रिकेट में दिये गए योगदान के लिए भारत सरकार ने मिताली राज को सन 2015 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से नवाजा है। मिताली  राज और उनकी तरह अन्य समर्पित क्रिकेटरों के कारण ही आज भारत में महिलाओं के क्रिकेट को भी सम्मान मिला है। महिला क्रिकेट टीम को भी पुरुषों के खेल समझे  जाने वाले क्रिकेट में पुरुषों की तरह गंभीरता से लिया जाने लगा है। मिताली  राज रियो टिंटों के ऑस्ट्रेलियन हीरों के नए विज्ञापन की आधिकारिक “एंबेसडर” बनाई गईं हैं। मिताली  राज युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हो चुकी हैं और इसी कारण कई प्रमुख विज्ञापन कंपनियों ने उनके साथ करार किया है। 

मिताली राज का जीवन परिचय | Mithali Raj Biography In Hindi