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अकेलें आतंकियों से लोहा लेने वाली 'हीरोइन ऑफ हाईजैक' नीरजा भनोट | Neerja Bhanot In Hindi

अकेलें आतंकियों से लोहा लेने वाली 'हीरोइन ऑफ हाईजैक' नीरजा भनोट | Neerja Bhanot In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-3 months ago
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नीरजा बनोट जो एक ऐसी शख्सियत थी जो लोगो की जान की हिफाजत के लिए खुद की जान पर खेल गई गई दोस्तों  नीरजा बनोट एक पैन ऍम एयरलाइन्स की परिचालिका थी नीरजा भनोट के बारे में बताने से पहले उनके जीवन में हुए इस हादसे के बारे में जान लेते है 5 सितम्बर 1986 पैन ऍम एयरलाइन्स को पाकिस्तान के कराची में आतंकवादियों ने  को हाइजेक कर लिया नीरजा भनोट एयरलाइन में सवार यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा उठाया और कई यात्रियों को मौत के मुँह से निकाला लेकिन अंत में वें आतंकियों की गोलियों की शिकार हो गई उनकी इस साहदत और वीरता भरे कार्य के लिए मरणोपरांत देश के सबसे बड़े शांति वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मनित किया गया

नीरजा भनोट का जन्म व परिवार - Neerja Bhanot Birth And Family

दोस्तों वीर और साहसी महिला नीरजा भनोट / Neerja Bhanot का जन्म भारत देश के चंडीगढ़ में हुआ था नीरजा भनोट के पिता का नाम हरीश भनोट था इनकी  माता का नाम रमा भनोट था नीरजा भनोट के पिता एक जर्निलस्ट थे ये द हिंदुस्तान टाइम्स में कार्यरत थे नीरजा ने अपनी  शुरुआती शिक्षा अपने होम टाऊन के सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूर्ण की 

नीरजा साल 1985 साथ फेरों के बंधन में बंधी और अपने पति के साथ रहने लगी शादी के कुछ महीनों के बाद ही पति के दहेज़ को लेकर हुए झगड़े के बाद नीरजा मुंबई आ गई 

Neerja Bhanot Life Story In HindiSource media.cntraveller.in

जीवन में हो रहे उतार चढ़ाव से नीरजा काफी दुःखी लेकिन उन्होंने जीवन जीने के प्रयास नहीं छोड़े और उन्होंने नौकरी करने की ठानी और तैयारी में जुट गई उन्होंने पैन ऍम 73 विमान की परिचालिका पोस्ट पर आवेदन किया इस में उनका सलेक्शन भी हो गया उन्हें ट्रेनिंग के लिए मियामी भेजा गया ट्रेनिंग के बाद उन्होंने अपना पदभार संभाला और पुरे कर्तव्य से अपने काम में जुट गई

नीरजा भनोट विमान हादसे की पूर्ण जानकारी - Neerja Bhanot Pan Am Flight 73 Accident Full History

दोस्तों नीरजा भनोट मुंबई से अमेरिका के लिए जाने वाली पैन एम फ्लाइट 73 की सीनियर परिचालिका थी जब ये विमान 5 सितम्बर 1986 के दिन भारत से उड़कर कराची पंहुचा तब इस विमान को आतंकवादियों ने हाइजेक कर लिया जब इस विमान को हाइजेक किया गया तब इसमें कुल 376 और साथ में विमान के 9 क्रू मेंबर सवार थे आतंकवादियों का इस विमान को हाइजेक करने का प्रमुख मकसद अपने संगठन के साथियो को जेल से रिहा कराना था जिस समय आतंकवादियों ने प्लेन को हाइजेक किया तब नीरजा भनोट ने इस घटना की जानकारी विमान चालक के पास बैठे कर्मचारी को देनी चाही लेकिन इसकी भनक एक आतंकवादी को लग गई और उसने नीरजा भनोट को हाथ पकड़कर खींच लिया लेकिन फिर भी उन्होंने ट्रेनिंग में सिखाएं गए कॉड वर्ड बोल कर इस की जानकारी चालक तक पंहुचा ही दी प्लेन के चालकों के पास जैसे ही नीरजा के कॉड वर्ड पहुंचे वो विमान को छोड़कर भाग गए

Neerja Bhanot Life Story In Hindiimage source

अब विमान में बैठे यात्री खुद को सुरक्षित महसूस करने लगे लेकिन आतंकियों ने नीरजा को सभी यात्रियों के पासपोर्ट जमा करने के लिए बोला इसके पीछे प्रमुख वजह ये थी की इससे विमान में सवार वें सभी अमेरिकन यात्रियों को पहचान सकें और उन्हें मार सकें नीरजा उनके इस प्लान से पहले ही परिचित थी उन्होंने विमान में बैठे करीब 41 अमेरिकन यात्रियों के पासपोर्ट सीटों के निचे और आस पास छुपा दिए दोस्तों पूरी फ्लाइट में 41 अमेरिकन  थे यदि नीरजा अपनी सूझबूझ से काम नहीं लेती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था लेकिन आतंकी 41 में से 2 ही लोगो की हत्या कर पाए बाद में आतंकियों पाकिस्तान सरकार को विमान चालक भेजने का फरमान भेजा लेकिन पाक सरकार ने इसके लिए बिलकुल मना कर दिया आतकियों ने सरकार को झुकाने के लिए एक बिट्रिश नागरिक को पकड़कर गेट की और ले गए और पाक सरकार को सभी को मारने की धमकी दी लेकिन नीरजा ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए उन आतंकियों से बात की और और उस नागरिक को छुड़ाया

दोस्तों जब विमान के चालक विमान को छोड़कर भागे थे उन्होंने विमान को चालू ही छोड़ दिया इस वजह से फ्यूल खत्म हो गया जैसे ही विमान में फ्यूल खत्म हुआ विमान के अंदर अँधेरा हो गया नीरजा ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए विमान का आपातकालीन द्वार खोल दिया और विमान के कई यात्रियों को इस द्वार के माध्यम से बाहर निकाल दिया दोस्तों उस स्थित में यदि नीरजा खुद की जान बचाना चाहती तो वो गेट से बाहर जा सकती थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और यात्रियों की जान बचाई यात्रियों को बचाते - बचाते एक गोली नीरजा भनोट को लग गई दोस्तों नीरजा ने महज 23 साल की उम्र में आतकियों से घिरा होने के बावजूद कई लोगो की जान बचाई

दोस्तों नीरजा शहीद होने के दो दिन बाद ही उनका जन्म दिन था उनकी वीरता और बलिदान को देख केवल भारत की आँखे नम नहीं हुई बल्कि इसके साथ पाक और अमेरिका भी काफी भावुक हो गए क्योंकि नीरजा ने विमान में सवार कई अमेरिकी और पाकिस्तानी लोगो की जान की हिफाजत की थी दोस्तों इस घटना के बाद पूरी दुनिया ने नीरजा भनोट को "The Heroine of the Hijack " का टाइटल दे दिया दोस्तों भारत में सबसे कम उम्र में अशोक चक्र नीरजा ने ही हासिल किया था साथ पाकिस्तान सरकार ने भी नीरजा का सम्मान करते हुए उन्हें तमगा-ए-इंसानियत की उपाधि प्रदान की

Neerja Bhanot Life Story In HindiSource s3.india.com

दोस्तों नीरजा भनोट अपने साहसिक कार्य के कारण आज पूरी दुनिया में  हेरोइन ऑफ़ हाईजैक के नाम से लोकप्रिय है साथ भारत सरकार ने उनका सम्मान करते हुए साल 2004 में उनके नाम का एक  डाक टिकट जारी किया और दुनिया की सबसे बड़ी ताकत अमेरिका ने उनका सम्मान करते हुए उन्हें जस्टिस फॉर क्राइम अवार्ड उनके नाम किया

दोस्तों नीरजा भनोट को ले कर साल 2016 उनके जीवन और इस हादसे पर फिल्म बनाई गई थी जिसमे नीरजा भनोट का रोल सोनम कपूर ने किया

नीरजा भनोट के प्रमुख अवार्ड - Neerja Bhanot Award

  • अशोक चक्र -भारत सरकार द्वारा
  • फ्लाइट सेफ्टी फाउंडेशन हेरोइस्म अवार्ड - अमेरिका द्वारा
  • जस्टिस फॉर क्राइम अवार्ड, अमेरिका द्वारा
  • विशेष बहादुरी पुरस्कार, यूनाइटेड स्टेट
  • तमगा-ए-इंसानियत -पाकिस्तान सरकार ने

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