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107 साल की उम्र में 8000 पेड़ लगाने वाली वृक्ष माता को मिला “पद्मश्री | Saalumarada Thimmakka In Hind

107 साल की उम्र में 8000 पेड़ लगाने वाली वृक्ष माता को मिला “पद्मश्री | Saalumarada Thimmakka In Hind

In : Meri kalam se By storytimes About :-5 months ago
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वृक्ष माता यानी सालूमदरा थीमक्का ने प्रोटोकॉल तोड़ दिया राष्ट्रपति को आशीर्वाद बना यादगार पल | Padma Shri Award Winner Saalumarada Thimmakka In Hindi

अभी हाल में राष्ट्रपति भवन से पद्मश्री सम्मान समारोह के दौरान एक अनोखी तस्वीर सभी अखबारों की सुर्खिया बन गई इस तस्वीर में में एक बूढ़ी औरत भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से पद्मश्री ग्रहण करते हुए उनके सिर पर हाथ फेर रही है इस समारोह के बाद ये तस्वीर चारो तरफ वाइरल होने लगी और सभी लोग इस महिला के बारे में जानने के लिए इंटरनेट पर इसके बारे में खोजने लगे जब हमने इस महिला के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला की इस महिला का नाम सालूमरदा थीमक्का - Saalumarada Thimmakka इनके लोग प्यार से "वृक्ष माता" के नाम से भी बुलाते तो चलिए दोस्तों आज सालूमरदा थीमक्का जीवन के बारे में जानते है.

जीवन में "वृक्ष माता" नाम से मशहूर सालूमदरा थीमक्का का जन्म भारत के कर्णाटक राज्य के गुब्बी गांव हुआ था दोस्तों सालूमदरा थीमक्का का नाम यु ही "वृक्ष माता" नहीं पड़ा है इनके एक अनोखे कार्य जिसे जानकर आपको हैरानी होगी दोस्तों  सालूमदरा थीमक्का अब तक करीब आठ हजार पेड़ लगा चुकी है इनमे 400 पेड़ बड़गड़ के इन सभी पेड़ो की इन्होंने देखभाल कर इन्हें बड़ा किया है सालूमदरा थीमक्का द्वारा लगाए गए ये सभी पेड़ आज फल और वातावरण में शुद्ध ऑक्सीजन छोड़ने का काम कर रहे है 

सालूमदरा थीमक्का ने अपना सम्पूर्ण जीवन पेड़ लगाने बिताया है इन्होंने गांव में चार किलोमीटर के क्षेत्र में इतने पेड़ लगाए है की चारो तरफ पेड़ ही पेड़ दिखाई देते है और जीवन में इस महान कार्य के लिए इन्हें कई बड़े सम्मान मिल चुकें है

वृक्षमाता बनने का सफर - Saalumarada Thimmakka In Hindi

Saalumarada Thimmakka In HindiSource s3.ap-southeast-1.amazonaws.com

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए कई समस्याओं से लड़ना पड़ता है उसी तरह "वृक्ष माता" ने भी अपने इस सफर में कई विकट समस्याओँ का सामना किया शादी होने के बाद सालो तक सालूमदरा थीमक्का को संतान का सुख नहीं मिला और इसी बात को लेकर लोगो के ताने सुन कर उन्होंने अपने जीवन को खत्म करने के बारे में सोची बढ़ती उम्र  के साथ उन्होंने संतान प्राप्ति की उम्मीद भी खो दी 

इस उम्मीद को छोड़ उन्होंने अपने जीवन में कुछ अलग करने की सोची और उन्होंने पेड़ लगा कर उन्हीं उनकी सेवा करना ही एक संतान का सुख माना और पेड़ो को है संतान मान उनकी सेवा में लग गई उन्होंने सोच लिया की वो इस धरती पर हजारों संतनो को जन्म देगी उसी दिन से उन्होंने पेड़ लगाना शुरू कर दिया दोस्तों आज सालूमदरा थीमक्का 107 की उम्र में करीब 8000 से भी ज्यादा पेड़ लगा चुकी है इसी कार्य के कारण इनके नाम थीमक्का के साथ सालूमरदा को जोड़ा गया दोस्तों इस शब्द का का अर्थ हिंदी भाषा में  “वृक्षों की पंक्ति” होता है 

चार किलोमीटर के इलाक़े में एक ही पंक्ति में पेड़ो की अधिकता के कारण इन्हें कई तरह के सम्मान दिए जा चुकें है और आज भी उनका ये सफर रुका नहीं है साल 1991 में इनके पति हमेशा के लिए उनका साथ छोड़ दिया लेकिन इस घटना के बाद भी उनका हौसला कम नहीं हुआ और वे इस कार्य को और तेजी से करने लगी अधिक से अधिक पेड़ लगाने लगी अपने इस सफर के बीच सालूमदरा थीमक्का ने एक बच्चा गोद लिया और उसका नाम दिया उमेश

सालूमदरा थीमक्का - "वृक्ष माता" को सम्मान - Saalumarada Thimmakka Awards

Saalumarada Thimmakka In Hindi

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दोस्तों ये पहला मौका नहीं है जब "वृक्ष माता" को अपने इस कार्य के लिया सम्मानित किया जा रहा है  पद्मश्री पुरस्कार तो इनके जीवन से पहली बार ही जुड़ा है लेकिन इस अवार्ड के अलावा भी इन्हें सम्मान मिल चुकें है जिनसे इनका घर ट्रॉफियों से भरा पड़ा है कर्णाटक सरकार ने "वृक्ष माता" के इस अनूठे कार्य को देखते हुए उनके नाम की  पर्यावरण योजना की शुरुआत भी कर चुकी है जो उनके लिए एक महान उपलब्धि है 

लेकिन दोस्तों हमें इस बात का खेद है की कर्णाटक सरकार ने  "वृक्ष माता" के लिए आर्थिक सहयोग के लिए ज्यादा नहीं किया है वर्तमान समय में भी वो अपनी वृद्धवस्था पेंशन जिसमे इनको 500 रूपये हर माह मिलते है उसी से अपना और बेटे का गुजारा चलाती है गत सरकार ने "वृक्ष माता" को पहले आस्वाशन दिया था की वो उन्हें 2 करोड़ रूपये नगद और खेती के लिए कुछ जमीन मुहैया करवाएंगी लेकिन अभी तक अपने वादे से मुखरी हुई है

राष्ट्रपति भवन में "वृक्ष माता" का ये पल बना यादगार - Saalumarada Thimmakka Padma Shri Award

दोस्तों जब भी राष्ट्रपति भवन में कोई भी सम्मान देने के लिए आंमत्रित किया जाता है तब उन्हें राष्ट्रपति भवन से जुड़े कई  प्रोटोकॉल के बारे में समझाया जाता है और सभी लोग इन नियमों का पालन भी करते है लेकिन जब राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री पुरस्कार के लिए आंमत्रित एक बूढी महिला ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के सिर पर हाथ फेर कर उन्हें आशीर्वाद दिया

Saalumarada Thimmakka In HindiSource media.kannadaprabha.com

राष्ट्रपति भवन में इस दृश्य को देख प्रधानमंत्री मोदी सहित भवन में मौजूद कई बड़े नेता मुस्कराने लगे ये सुनहरा पल सभी मिडिया चैनल्स के कैमरा में कैद हो गया और हमेशा के लिए यादगार बन गया और इस पल को हमेशा देश में याद किया जाएगा

दोस्तों आज में आपसे एक सवाल करता हु की आपने अब तक अपने जीवन में कितने पेड़ लगाए है मेरे ख्याल से आपका जबाब होगा एक या दो या बिलकुल भी नहीं लेकिन दोस्तों आज हमें इस बात को समझना चाहिए की जब एक बूढी महिला अकेली 8000 पेड़ लगा कर उनकी दिन रात सेवा कर सकती है तो आप भी पर्यावरण की रक्षा के लिए कम से कम 10  पेड़ तो लगा सकते है दोस्तों आज  "वृक्ष माता" को अपने साहासिक कार्य के लिए स्टोरी टाइम्स सलाम करता है

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