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मराठा साम्राज्य की शान शनिवार वाडा फोर्ट से जुड़ी भूतिया कहानी | Shaniwar Wada Fort Mystery In Hindi

By N.j / About :-6 years ago

भारतीया इतिहास की सबसे बड़ी पहचान है तो वो है भारत के ऐतिहासिक किले. आज भारत के हर राज्य कई किले मौजूद है जो अपनी भव्यता व खूबसूरती के कारण दुनिया भर में जाने है। हर साल लाखो की संख्या में विदेशी पर्यटक इन किलो को देखने आते है। किलो के गढ़ राजस्थान में भी भव्य किलो का इतिहास है। लेकिन आज हम राजस्थान के किलो की नही, हम बात करने वाले है मराठा साम्राज्य की शान माने जाने वाले “ शनिवार वाडा फोर्ट ” की। शनिवाराडा फोर्ट की नींव शनिवार के दिन रखी जाने के कारण इस किले का नाम “ शनिरवारवाडा फोर्ट ” रख दिया गया। इसे किले का निमार्ण मराठा साम्राज्य के महान शासक बाजीराव पेशवा ने 1746 ई. में करवाया था।

क्या है इस किले की पूरी कहानी ?

महज 39 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से बाजीराव का निधन होने के बाद सत्ता के लालचियों में सत्ता पाने की होड़ लग गई। तब बालाजी बाजीराव के सबसे छोटे पुत्र नारायण राव की महज 18 साल की उम्र में हत्या कर दी गई। इस हत्या के पीछें माना जाता है की इस हत्या में नारायण राव के चाचा का ही षड्यंत्र था।

जब नारायण राव के चाचा उनकी हत्या के लिए महल में आएं तब नारायण राव ने अपनी जान बचाने के लिए महल में आवाज लगाई “ काका माला वाचवा यानी ( कोई मेरे प्राणो की रक्षा करो ) लेकिन तब उनकी जान बचाने कोई भी आगे नही आया और उनकी महल में ही हत्या कर दी गई। नारायण राव की हत्या के बाद आज भी उनकी आत्मा शनिवार वाडा फोर्ट में भटकती व “ काका माला वाचवा ” की आवाजें आती है।

साल 1828 ई. में एक बड़ा हादसा हुआ महल में आग लगने के कारण महल कई हिस्से बुरी तरह तहस-नहस हो गए। महल में आग किस वजह से लगी ? इस बात का अभी तक कोई तथ्य सामने नही आया है। माना जाता है की जब महल में आग लग तब इस महल कई बच्चें इस आग की चपेट में आएं जिनकी महल में मौत हो गई। बाद में बच्चों के मरने की बात को खुलकर सामने नही आने दिया।

आती है बच्चों की चिल्लाने की आवाजें

1828 ई. मे हुए शनिवार वाडा फोर्ड में आग के हादसे के बाद ऐसी कोई शाम नही होती है जब बच्चो के चिल्लाने की आवाज नही आती। जब पूर्णिमा की रात होती है तब इस महल का मंजर और भी भंयकर हो जाता है। बता दे की आज शनिवार वाडा फोर्ड डरावने किलो की टॉप- 10 डरावने किलो में शामिल है। इस महल को दिन में पर्यटकों के लिए खोला जाता है मगर जैसे ही शाम होती है इसे बंद कर दिया जाता है।

मराठा साम्राज्य की शान शनिवार वाडा फोर्ट दिखने में एक बेहद खूबसूरत फोर्ट है। इस किले की खूबसूरती के मुख्य केंद्र दिल्ली दरवाजा, खिड़की दरवाजा, नारायण दरवाजा व गणेश दरवाजा है।

मराठा साम्राज्य की शान शनिवार वाडा फोर्ट से जुड़ी भूतिया कहानी | Shaniwar Wada Fort Mystery In Hindi