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प्रेरणादायक हिंदी कहानियाँ | Short Moral Stories in Hindi

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सर्वश्रेष्ठ प्रेरक और शिक्षाप्रद हिंदी कहानियाँ | All About Short Moral Stories in Hindi
#1. अहंकार
काफी टाइम पहले की बात है एक गॉव में एक मूर्तिकार रहता था। वह मूर्तिकार ऐसी मूर्तियाँ बनता था की लोगो को मूर्तियों के जीवित होने का भ्रम हो जाता था। आस-पास के सभी गाँव में उसकी प्रसिद्धि थी,लोग उसकी मूर्तिकला के कायल थे। जिस कारण मूर्तिकार को अपनी कला पर बड़ा घमंड था। मूर्तिकार के जीवन में एक वक़्त ऐसा भी आया जब उसे लगने लगा की अब उसकी मृत्यु होने वाली है,और वह ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाएगा। तब वह मृत्यु के डर से परेशानी में पड़ गया।
मूर्तिकार ने यमदूतों को भ्रमित करने के लिए उसने एक योजना बनाई। मूर्तिकार ने हुबहू अपने जैसी दस मूर्तियाँ बनाई और खुद उन मूर्तियों के बीच जा कर बैठ गया। यमदूत जब उसे लेने आए तो एक जैसी ग्यारह आकृतियों को देखकर दंग रह गए। वे पहचान नहीं कर पा रहे थे की उन मूर्तियों में से असली मनुष्य कौन है। वे सोचने लगे अब क्या किया जाए। अगर मूर्तिकार के प्राण नहीं ले सके तो श्रथि का नियम टूट जाएगा और सत्य परखने के लिए मूर्तियों को तोड़ा गया तो कला का अपमान हो जाएगा।
अचानक एक यमदूत को मानव स्वाभाव के सबसे बड़े दुर्गुण अहंकार को परखने का विचार आया। उसने मूर्तियों को देखते हुए कहा, “कितनी सुन्दर मूर्तियाँ बनी है, लेकिन मूर्तियों में एक त्रुटी है। काश मूर्ति बनाने वाला मेरे सामने होता, तो में उसे बताता मूर्ति बनाने में क्या गलती हुई है”।
यह सुनकर मूर्तिकार का अहंकार जाग उठा, उसने सोचा “मैंने अपना पूरा जीवन मूर्तियाँ बनाने में समर्पित कर दिया भला मेरी मूर्तियों में क्या गलती हो सकती है”। मूर्तिकार झट से बोल उठा “कैसी त्रुटी”…
झट से यमदूत ने उसे पकड़ लिया और कहा “बस यही गलती कर गए तुम अपने अहंकार में, कि बेजान मूर्तियाँ बोला नहीं करती”…
कहानी का तर्क :- इस कहानी से ये ही सिखने को मिलता है की “इतिहास गवाह है, अहंकार ने हमेशा इन्सान को परेशानी और दुःख के सिवा कुछ नहीं दिया”। इसलिए मनुष्य को अहंकार नहीं करना चाहिए।
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#2. नकारात्मक सोच
एक समय की बात है एक व्यक्ति, एक हाथी को रस्सी से बांध कर ले जा रहा था । एक दूसरा व्यक्ति ये सब देख रहा था । उसे बढ़ा आश्चर्य हुआ की इतने बड़े जानवर को इस हलकी से रस्सी से कैसे बांध कर ले जाया जा सकता है। उस व्यक्ति ने हाथी के मालिक से पूछा ” यह कैसे संभव है की इतना बढ़ा जानवर एक हलकी सी रस्सी को नहीं तोड़ पा रहा और तुम्हारे पीछे - पीछे चल रहा है।
हाथी के मालिक ने बताया जब ये हाथी छोटे होते हैं तो इन्हें रस्सी से बांध दिया जाता है उस समय यह कोशिश करते है रस्सी तोड़ने की पर उसे तोड़ नहीं पाते । बार - बार कोशिश करने पर भी यह उस रस्सी को नहीं तोड़ पाते तो हाथी सोच लेते है की वह इस रस्सी को नही तोड़ सकते और बड़े होने पर कोशिश करना ही छोड़ देते है .
कहानी का तर्क :- हम भी ऐसी बहुत सी नकारात्मक बातें अपने दिमाग में बैठा लेते हैं की हम नहीं कर सकते । और एक ऐसी ही रस्सी से अपने को बांध लेते हैं जो सच में होती ही नहीं है ।
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