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स्वच्छ भारत अभियान निबंध | Essay About Swachh Bharat Mission in Hindi

स्वच्छ भारत अभियान निबंध  | Essay About Swachh Bharat Mission in Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-11 months ago
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स्वच्छ भारत अभियान- एक कदम स्वच्छता की ओर | All About Swachh Bharat Mission in Hindi

स्वछता एक ऐसा शब्द है जिसमे शरीर मन और हमारे अगल - बगल के वातावरण को साफ़ रखने का अनमोल सन्देश छुपा हुआ है सृष्टि के निर्माण से लेकर आज तक प्रकृति ने मनुष्य को जीवन जीने के सारे संसाधन मुहैया कराये हैं| ऐसे में मनुष्य का भी कुछ उत्तरदायित्व इस धरा के लिए बनता है, जिसमे से प्रथम दायित्व यह है की प्रकृति द्वारा दिए गए अप्रतिम और नैसर्गिक सौंदर्य को बरक़रार रखा जाये, जिसके लिए सबसे पहले इस धरा को हमें स्वच्छ रखना होगा |

Clean India Campaign

स्वछता मानव समुदाय का गुण होता है, जिसके जरिये मानव समुदाय अपने को स्वस्थ और स्फूर्तिवान महसूस करते हैं| दूसरे शब्दों में स्वच्छता मानव जीवन की आधार शिलाएं हैं| इसमें मानव को गौरवमई शालीनता और आस्मिता के दर्शन हमें मिलते हैं| स्वछता एक ऐसी पूंजी हैं जो मनुष्य की सात्विक प्रवृत्ति को बड़ा बना देता हैं| 

Clean India Campaign

आज हमारी धरती पर 7.6 बिलियन की आबादी निवास करती है| जिसके जरीये पूरे विश्व में प्रतिवर्ष लाखों-करोङों टन कचरा उत्सर्जित किया जाता है  जिसके चलते हमारी पृथ्वी का प्राकृतिक संतुलन पूर्णतया बिखर चूका है| लिहाजा हम मनुष्यों को अपनी धरती को ग्लोबल वार्मिंग की भयावहता से बचाने के लिए जहाँ एक तरफ भौतिक संसाधनों के उपयोग को कम करना शामिल है वहीँ दूसरी तरफ प्रकृति को उसके मूल स्वरुप से जोड़े रखने के लिए प्रतिवर्ष प्लास्टिक के रूप में निकल रहे हानिकारक कचरे से भी बचाने की जिम्मेदारी मानवीय सभ्यता की ही है| 

स्वछता मानव जीवन का एक अभिन्न अंग बन सके और स्वछता के जरीये भारत के प्रत्येक गांव, प्रत्येक राज्य और सम्पूर्ण  राष्ट्र को पश्चिमी देशों के तुल्य बनाने की पहल भारवर्ष में समय-समय पर की गयी है| भारत राष्ट्र के राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी ने भारत राष्ट्र को स्वच्छ बनाने का एक स्वप्न देखा था परन्तु 1947 में भारत को आजादी दिलाने में कामयाब रहे बापू को भारत को स्वच्छ बनाने में उतनी कामयाबी नहीं मिली| 

स्वाधीनता संग्राम के दिनों भारत की आबादी 33 करोड़ हुआ करती थी जो आज बढ़कर 125 करोड़ हो गयी है| भारत एक ऐसा राष्ट्र है जिसका क्षेत्रफल दुनिया के कई कम आबादी वाले देशों की तुलना में काफी कम है| लिहाजा संसाधनों पर प्रत्येक नागरिक के आधिपत्य को लेकर भी रस्साकशी ज्यादा है| ऐसे में भारत की जनता द्वारा स्वछता के संकल्प को पूरा कर पाने के एक दमदार चुनौती है|

हालाँकि भारत राष्ट्र भारतवर्ष को स्वच्छ रखने के लिए सरकार द्वारा समय- समय पर अनेकों कदम उठाये गए हैं, परन्तु शासन व नागरिकों की शानदार पहल का तालमेल भारत के कुछ ही हिस्सों में मिलता है| हमें ये तालमेल पूरे राष्ट्र में लाना है ताकि हमारे हमारे प्राकृतिक संसाधनों के साथ हमारा सामाजिक जीवन भी पूर्णतया सुरक्षित हो सके|

via : newscentral24x7.com

भारत राष्ट्र में समय - समय पर अलग पार्टियों ने शासन किया है, कभी कांग्रेस ने तो कभी महागठबंधन ने तो कभी भारतीय जनता पार्टी ने, पर भारत में बनी इन सभी सरकारों ने राष्ट्र स्तर और राज्य स्तर दोनों पर भारत को स्वच्छ बनाये जाने की पुरजोर कोशिश की है| 1999 से शुरू भारत सरकार ने व्यापक ग्रामीण स्वछता कार्यक्रम का पुनर्गठन किया और पूर्ण स्वछता अभियान (टी.एस.सी) शुरू किया जिसको बाद (1 अप्रैल 2012) को प्रधान मंत्री श्री मनमोहन सिंह द्वारा निर्मल भारत अभियान ( एन. बी. ऐ.) का नाम दिया गया| स्वच्छ भारत अभियान के रूप में 24 दिसंबर 2014 के केंद्रीय मंत्री मंडल की मंजूरी से निर्मल का पुनर्गठन किया गया और 02 अक्टूबर 2014 नई दिल्ली से भारत स्वछता अभियान की भारत सरकार द्वारा घोषणा की गई| इस अभियान के तहत भारत सरकार का उद्देश्य व्यक्ति, क्लस्टर, और सामुदायिक शौचालयों के निर्माण माध्यम से खुले में शौच की समस्या को कम करना और समाप्त करना है|
 

भारत सरकार के निगरानी बड़े ने महात्मा गाँधी की 150वीं वर्षगाँठ तक ग्रामीण भारत में 196 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत ( यू एस डॉलर 30 बिलियन) के 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण करके खुले में शौच मुक्त भारत को हासिल करने का लक्ष्य रखा है| भारत सरकार द्वारा समय-समय पर अलग-अलग योजनाओं के रूप भारत को स्वच्छ रखने की पहल स्वच्छ भारत को भारतियों के लिए ही बनाने की विचारधारा को भले ही दार्शित है परन्तु हम नागरिकों को भी सरकार के इस अभियान में पूर्ण सहयोग देना होगा तभी हम स्वच्छ भारत की इस परिकल्पना के साथ पूरा न्याय कर पाएंगे| ये एक राष्ट्रीय मुहीम जिसका हिस्सा भारत के प्रत्येक नागरिक को बनना होगा, भारत की इस योजना को शहरी विकास पेयजल और स्वछता तहत ग्रामीण और दोनों किया गया है| अगर भारत के गांव पंचायत स्तर पर, जिला परिषद् स्तर पर, राज्य सरकार के स्तर पर और राष्ट्र भारत सरकार स्तर के पर स्वच्छ बन गए तो पूरा हमारा राष्ट्र स्वच्छ और सुन्दर बन जायेगा|

सोचिये इस कल्पना को कि हमारे समुद्रों के किनारे पलास्टिक के जगह रेत पुनः नज़र आएगी, नदियों का पानी पुनः पावन पवित्र और स्वच्छ हो जायेगा , हमारी सड़क कचरा मुक्त होगी तो चारों ओर हमें सिर्फ और सिर्फ प्रकृति के मधुर संगीत सुनाई देने लगेंगे| अतः हमारी कोशिश को हमें सरकार के साथ जोड़कर इस राष्ट्र को स्वच्छ बनाना होगा|