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भारत के मुख्य रक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का जीवन परिचय | Ajit Doval Biography In Hindi

By N.j / About :-7 years ago

​​​भारत के 5 वें रक्षा सलाहकार विषेज्ञय अजीत डोभाल | Ajit Doval  Life Story In Hindi

  • नाम - अजीत डोभाल
  • जन्म दिनांक - 20 जनवरी 1945 (74 साल )
  • जन्म स्थान - पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड )
  • पिता का नाम - गुणानंद डोभाल 
  • माता का नाम - ज्ञात नहीं
  • पत्नी का नाम - अनु डोभाल
  • संतान - शौर्य डोभाल
  • शिक्षा - डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (1967), नेशनल डिफेंस कॉलेज, आगरा कॉलेज, अजमेर मिलिट्री स्कूल
  • राष्ट्रीयता - भारतीय
  • पद - भारत के मुख्य रक्षा सलाहकार (2014) 

जब भी देश में रक्षा से जुड़ा कोई मुद्दा उठता है तब अखबारों की सुर्खियों में अजीत डोभाल का कई बार नाम  आता है और ये आपने भी पढ़ा और सुना होगा लेकिन दोस्तों आपने कभी जानने की कोशिश की क्या अजीत डोभाल आखिर कौन है चलिए हम बताते है अजीत कुमार डोभाल वर्तमान समय में भारत देश के राष्ट्रीय रक्षा सलाहकार है इन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक आईपीएस अधिकारी के रूप में की आज अजीत डोभाल का देश की रक्षा से जुड़े मुद्दों पर कई अहम योगदान है साल 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक और अभी बीते दिनों में पाकिस्तान पर वायु सेना का एयर स्ट्राइक इन सब में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी देश के लिए महत्वपूर्ण योगदानों में खुद को शामिल करने वाले अजीत डोभाल के जीवन के बारे में ही आज हम आपके लिए ये लेख लिख रहे है जिसने भारत देश की सुरक्षा गतिविधियों में अहम रोल अदा किया

अजीत डोभाल का जन्म व परिवार | Early life Ajit Doval

अजीत कुमार डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को भारत के राज्य उत्तराखंड राज्य में पौड़ी गढ़वाल नामक गांव में गढ़वाल परिवार में हुआ था अजीत कुमार ने अपनी शुरुआती शिक्षा राजस्थान के अजमेर जिले के मिलिट्री स्कूल से पूर्ण की अपनी शुरुआती शिक्षा पूर्ण होने होने के बाद अजीत कुमार ने आगरा के विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और यहां से इन्होंने अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल की इसके बाद अजीत अपने आईपीएस बनने के सपने को पूरा करने में  जुट गए अपने लक्ष्य के लिए कड़ी मेहनत का नतीजा आया और साल 1968 में अजीत कुमार का आईपीएस में चयन हो गया अजीत कुमार के आईपीएस बनने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग केरल राज्य के केडर में हुई और यही उनके करियर की पहली सीढ़ी थी

अजीत कुमार डोभाल का करियर | Ajit Kumar Doval Career

जैसे की हमने बताया अजीत कुमार का आईपीएस में चयन के साथ करियर की शुरुआत इस पद पर रहते हुए अजीत कुमार ने अपने कार्य में काफी शौर्य दिखाए और इसी वजह से आज वे भारत के 5 वें रक्षा सलाहकार विषेज्ञय है 

आईपीएस में चयन होने के बाद अजीत डोभाल अपनी पोस्ट केरल के केंडर में साल 1968 में हुई इस पद पर रहते हुए अजीत डोभाल ने देश के राज्य पंजाब ,मिजोरम , में हुए उग्रवादी विरोधी आंदोलन में सक्रीय रहे थे इन्होंने मिरोराम के संगठन अनित जी मिजो नेशनल फ्रंट की जड़े कमजोर की और शांति की स्थापना की 

साल 1999 में में हुए कंधार IC -814 में यात्रीयों के अपहरण मसले में अजीत कुमार भी शामिल थे यात्रियों की रिहाई और सलामती के लिए देश की और से आतंकी संगठनो से बातचीत की थी अजीत कुमार को साल 1971 से 1999 तक हुई कुल 15 हाइजैकिंग मामलों का भी काफी अनुभव है

अजीत कुमार को इन अनुभवों के साथ आईबी विंग संचालन का भी अनुभव प्राप्त है साथ ही मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) और जाइंट टास्क फोर्स ऑन इंटेलिजेंसी मुख्य अध्यक्ष और सस्थापक भी है

देश की रक्षा और आतंकी गतिविधोओं जैसे कार्यो के लिए अजीत कुमार ने देश के तीसरे सुरक्षा सलाहकार एम के नारायण से शिक्षण लिया था 

पंजाब राज्य में हुए रोमानियों के रेस्क्यू के दौरान अजीत कुमार का अहम योगदान था साल 1988 में हुए ऑपरेशन ब्लैक थंडर के लिए अजीत कुमार ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से जुडी कई जानकारियां बटोरीं थी 

साल 2005 अजीत डोभाल भारत की इंटेलेजेंसी ब्यूरो के डाइरेक्टर पद सेवानिवृत्त हुए थे

आपको इस बात को जानकर हैरानी होगी की अजीत डोभाल ने 7 साल तक अपना धर्म बदल कर पाकिस्तान में गुजारे थे और इसी दौरान अजीत डोभाल ने वहां अनेक सीक्रेट जानकारियां बटोरीं

अजीत डोभाल के करियर में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब साल 2014 में उन्हें देश का मुख्य रक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया था 

साल 2014 में इराक में फसी भारत की करीब 46 नर्सो को बचाने और उनकी रिहाई में अजीत डोभाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और इराक जाकर एक मिशन पर काम किया था

अभी हाल ही में हुए पुलवामा अटैक के बाद भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान पर की कई एयर स्ट्राइक में भी अजीत कुमार डोभाल का अहम योगदान है और साथ ही पाकिस्तान से होनी वाली हरकत का जबाब देने की जिम्मेदारी अजीत डोभाल सौंपी गई है 

अजीत डोभाल के प्रमुख सम्मान | Major honors of Ajit Doval

1. अजीत डोभाल वो सक्श है जिन्होंने सबसे काम उम्र में अपने उम्दा कार्यो के लिए मैडल प्राप्त किया था अपने पद पर मात्र 6 साल रहते हुए उन्होंने उपलब्धि प्राप्त कर ली थी 

2. अजीत डोभाल को प्रेसिडेंट पुलिस मेडल सम्मान भी मिल चूका है भारत में ये मैडल हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी को देश के चयनित अधिकारियो को दिया जाता है ये सम्मान भारत के राष्ट्रपति के द्वारा दिया जाता है 

3. देश का दूसरा सबसे बड़ा सम्मान कीर्ति पुरस्कार साल 1988 में अजीत डोभाल प्राप्त कर चुकें है

दोस्तों आज 74 साल की उम्र में भी अजीत डोभाल भारत देश के लिए मुख्य सलाहकार के रूप में अपनी सेवा दे रहे है आज भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही कसमकस के बीच अजीत डोभाल भारत देश के लिए रणनीति तैयार कर रहे है दोस्तों अजीत भारत के लिए वो काम कर रहे है जो हमारी फौजी भाई देश की सीमा पर बैठकर हमारे लिए कर रहे है दोस्तों स्टोरी टाइम्स की और से हम सभी अजीत डोभाल के देश के लिए इस काम के लिए सलाम करते है

भारत के मुख्य रक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का जीवन परिचय | Ajit Doval Biography In Hindi