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आनंदीबेन पटेल जीवनी | Anandiben Patel Biography In Hindi

By N.j / About :-8 years ago

आनंदीबेन पटेल जीवनी एवं राजनीतिक सफ़र |  All About Anandiben Patel Biography in Hindi

  • पूरा नाम - आनंदीबेन मफ़तभाई पटेल
  • जन्म -    21 नवम्बर 1941 (आयु 76 साल  8 माह )
  • जन्म स्थान- खरोड, बॉम्बे प्रेसिडेंसी, ब्रिटिश इंडिया (अब गुजरात, भारत में)
  • पिता का नाम- जेठाभाई पटेल
  • माता का नाम-   मेनबेन पटेल
  • पति का नाम- मफ़तलाल पटेल
  • संतान-  अनार पटेल (बेटी), संजय पटेल (बेटा)
  • व्यवसाय-  शिक्षाशास्त्री
  • राजनीतिक दल - भारतीय जनता पार्टी
  • प्रमुख पद - 15 वीं गुजरात की मुख्यमंत्री (कार्यकाल- 22 मई 2014 - 7 अगस्त 2016)

वर्तमान में मध्यप्रदेश के गवर्नर के पद पर तथा इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के पद पर कार्य कर चुकी आनंदीबेन पटेल को तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री तथा भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास विश्वास पात्रों में गिना जाता है । आनंदीबेनपटेल को गुजरात कि “आयरन लेडी” के रूप में भी जाना जाता है । आनंदीबेनपटेल एक सक्षम प्रशासक और कठोर फैसले लेने वाली निर्भीक नेता हैं । आनंदीबेनपटेल को गुजरात कि पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त है । वे 1998 में पहली बार गुजरात में विधायक बनीं थीं । आनन्दिबेन पटेल सर्वप्रथम 1987 में गुजरात भारतीय जनता पार्टी  के वरिष्ठ पार्टी नेताओं की नजर में आयीं । तीन दशकों तक अध्यापक के रूप में कार्य करने के बाद आनंदीबेनपटेल को 1994 में राज्यसभा के सदस्य के रूप में देश सेवा करने का मौका मिला। 
 

प्रारम्भिक जीवन –


महसाणा के वीजापुर तालुका के खरोद गाँव में आनन्दिबेन पटेल का जन्म 21 नवंबर 1941 को हुआ था । ये पाटीदार परिवार से ताल्लुक रखती हैं । बचपन से ही इन्हें गांधीवादी आदर्शों के बीच में रहने का मौका मिला था । क्योकि इनके पीता जेठाभाई पटेल एक गांधीवादी नेता थे । इनके पिता को उनके प्रगतिशील विचारों के कारण तथा जात-पात का विरोध करने के लिए उनके गाँव से कई बार निकाल दिया गया था । उनके पिता के गांधीवादी विचारों और समाज के प्रति नए दृष्टिकोण ने आनंदीबेनपटेल में भीं सामाजिक सेवा का करने का भाव उत्पन्न किया । राजनीतिक जीवन में आदर्शवाद एवं ईमानदारी से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ने वाली आनंदीबेनपटेल ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अतुलनीय कार्य किया है । वे ऐसे स्कूल में पढ़ी जहाँ  700 लड़कों के बीच वे अकेली लड़की थीं । शिक्षा के दौरान खेलकूद में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वीर बाला पुरस्कार मिला । आनन्दिबेन पटेल ने विज्ञान स्नातक की पढ़ाई वीसनगर के भीलवाई कालेज से की। 
आनंदीबेनपटेल का राजनीति में प्रवेश एक अकस्मात घटना के द्वारा हुआ था। 1987 में एक स्कूल की पिकनिक के समय जब वो मुहिनाबा विद्यालय की प्रधानाचार्य थी तो उन्होने दो डूबती हुई लड़कियों को सरदार सरोवर बांध से बचाया था , जिसके कारण उन्हें राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया । इसी समय भारतीय जनता पार्टी  के वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर उन्होने राजनीति में आने का निश्चय किया । सर्वप्रथम उन्होने भारतीय जनता पार्टी के गुजरात इकाई के महिला मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में अपने राजनैतिक जीवन का आरंभ किया था।  राजनीति में आकर वे समाज के अधिक से अधिक लोगों की सेवा कर सकती थीं । 

एक राजनीतिक व्यक्ति के रूप में उन्होने महिलाओं के सशक्तिकरण एवं शिक्षा के लिए बहुत अधिक कार्य किया है। आनन्दिबेन पटेल ने महिलाओं के उत्थान के लिए सबसे पहली नौकरी महिला विकास गृह में की। इन्होने  अहमदाबाद में स्नातकोत्तर  की पढ़ाई विज्ञान विषय के साथ पूरी की है। यहीं से उन्होने M. Ed. की पढ़ाई की है । 30 वर्षों तक मोनिबा कन्या विद्यालया में अध्यापन कार्य कर चुकी हैं और वहाँ की प्रधानाचार्य भी रह चुकी हैं । उनके दो बच्चे संजय पटेल और अनार पटेल हैं। आनंदीबेनपटेल को प्रकृति से बहुत लगाव है तथा वो बागबानी में अपना समय बिताना पसंद करती हैं । भोजन में उन्हे शाकाहारी पसंद है। 
 

उपलब्धियां एवं पुरस्कार-


महिला उत्थान के लिए भारतीत विकास मण्डल द्वारा विशेष सम्मान ,वीरबाला पुरस्कार,विद्या गौरव पुरस्कार(सन 2000), 

राष्ट्रपति द्वारा दिया गया सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार(1989),गुजरात के राज्यपाल द्वारा दिया गया श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार (1988) इत्यादि 

राजनीतिक गतिविधियाँ-


भारतीय जनता पार्टी के 1992 की एकता यात्रा में भाग लेकर आनंदीबेन ने कन्या कुमारी से श्रीनगर तक का भ्रमण किया । गुजरात की वो एकमात्र महिला थी जिन्होने 26 जनवरी 1992 में श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराया । अपने राजनीतिक जीवन के कार्यकल में इन्होने कई सफल विदेश यात्राएं भी की है जिसमें चीन,अमेरिका, कनाडा,मैक्सिको ,साउथ अफ्रीका तथा इंग्लैंड इत्यादि शामिल हैं । गुजरात के शिक्षा मंत्री के रूप में आनंदीबेनपटेल ने गुजरात के सभी जिलों में योग दरबार आयोजित कर नागरिकों की समस्याओं को तुरंत हल करने का प्रयत्न किया । इसके अलाव 2001 में आए गुजरात के भूकंप के बावजूद सफलता पूर्वक दसवीं व बारहवीं की बोर्ड की परीक्षाएँ करवाईं । उनके द्वारा शुरू की गयी योजनाओं में विद्या सहायक योजना ,कन्या केलवानी महोत्सव तथा शल प्रवेशोत्सव इत्यादि हैं । आनंदीबेनने ही गुजरात में सर्वप्रथम महिला एवं बालकल्या  विभाग,एक स्वतंत्र विभाग के रूप में बनाया,जिसने महिला कल्याण और शिक्षा के क्षेत्र में काफी परिवर्तन किए । इसके अलावा गुजरात के सड़क एवं भवन मंत्री के रूप में तेजी से किए गए निर्माण कार्यों के कारण  गुजरात में विकास की दर तेज हुई  । गुजरात में शहरी विकास और राजस्व मंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होने ई-जमीन कार्यक्रम तथा भूमि के रेकार्डों को कम्प्यूटरीकृत करके जमीन  के खरीद में होने वाले भ्रष्टाचार को कम कर दिया है। किन्तु 1 अगस्त 2016 को मुख्यमंत्री पद से अनन्दिबेन ने इस्तीफा दे दिया । वर्तमान में वे जनवरी 2017 से मध्यप्रदेश की गवर्नर हैं । 

आनंदीबेन पटेल  की जीवनशेली 

आनंदीबेन पटेल  की जीवनशैली काफी नियंत्रित और अनुशासित है।  प्रतिदिन सुबह योग और प्राणायाम करने के साथ साथ ये अध्ययन के लिए भी समय निकालती हैं । मध्य प्रदेश के गवर्नर के रूप में इन्होने मध्यप्रदेश की सरकार को दलितों और किसानों के लिए कार्य करने के लिए विशेष तौर पर प्रेरित किया है। वे अभी भी नियमित रूप से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का स्वयं दौरा कर जमीनी स्थिति को जानने का प्रयत्न करती हैं । आनन्दिबेन पटेल ने ही गुजरात के 52 प्रतिशत किसानो के अँगूठों के निशानों का सफलता पूर्वक कंप्यूटरीकरण कराया था । 
एक निडर नेता के रूप में विख्यात आनंदीबेन, अन्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठती हैं । किन्तु बाहर से वो जितनी सख़्त हैं अंदर से उतनी ही भावुक और नरम भी हैं । राज्य सरकार में काम करते हुए उन्होने कई महत्वपूर्ण समितियों में भी अपने योगदान दिया है । राजनीति के शिखर को छूने वाली इस महिला ने सामाजिक जीवन के आदर्शों को बनाए रखा है । उन पर भ्रष्टाचार का किसी भी प्रकार का कोई भी आरोप अब तक नहीं लगा है । इस कारण वो सामान्य जनता के बीच काफी लोकप्रिय भी हैं । उम्मीद है कि वो गवर्नर के रूप में अपने कार्यकाल में देश सेवा के लक्ष्य को पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगी और 

आनंदीबेन पटेल जीवनी | Anandiben Patel Biography In Hindi