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बचपन की ये हरकतें जो हम कभी नहीं भूल सकतें | Childhood Funny Memories In Hindi

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झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम,
ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम।
बचपन जो हर इंसान के जीवन में आता है जो जीवनभर उसे याद रहता है बचपन की सुनहरी यादों से गुजरा हर व्यक्ति बचपन की बातों को याद कर कई बार बोल ही देता है यार बचपन कितना अच्छा था अब दोस्तों बचपन की बातें होती ही ऐसी है जो याद आने पर सारे ग़मो को दूर भगा देती है
कोई बात नहीं दोस्तों आज हमारे साथ हमारा बचपन नहीं है लेकिन उसकी यादें तो आज भी हमारे दिल में बसती है
अब तैयार हो जाइये हम फिल्मों की तरह आपके भी बचपन को रिमाइंड करने वाले है जो आपको एक बार फिर से बचपन की गलियों में घुमाने ने वाला है.
सायमंड्स की तरह होठों को सफ़ेद करना
जब भी ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत का मैच होता एंड्रू सायमंड्स के मैदान में अपने होठो पर एक सफ़ेद क्रीम लगा कर आते थे. बस अगले दिन ही गली क्रिकेट में बच्चे अपने होठो पर बोरोलीन लगा कर आ जाते थे. अब दोस्तों उस नादान बचपन को कौन समझाए की बोरोलीन से धुप में गर्मी लगती है समयमंड्स की तरह रन नहीं बनते.
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WWE देख खुद को जॉन सीना समझना
बचपन में WWE की फाइट देखने का मजा ही कुछ और था और मम्मी की डाट पड़ने पर इसे कम आवाज में देखना और फाइट खत्म होते ही बिस्तरों में अपने भाई के साथ उस फाइट के पैंतरे आजमाना शुरू हो जाते है. जब जॉन सीना की तरह मैने भाई को पटका तब से मेरा WWE देखना बंद हो गया.
बोर्नविटा को पी कर पढ़ाई करना
बचपन में जब भी टीवी पर बोर्नविटा क्विज कांटेस्ट प्रोग्राम में बच्चो के सामने बोर्नविटा का कप रखा जाता था उस समय ऐसा लगता था जैसे बोर्नविटा को पीते हुए पढ़ने से दिमाग और तेज होता है लेकिन ऐसा बचपन में ही होता था अब नहीं.
Takeshi's Castle गेम को देख गड्डे कूदना
टीवी पर आने वाले चीन के सबसे फेमस गेम Takeshi's Castle को देख सभी का बचपन में मन करता था की एक बार तो इस गेम में हिस्सा ले और इसी खुशी में इससे जुड़ने के लिए प्रेक्टिस करते थे जैसे पेड़ पर चढ़ना, टहनियों के उल्टा लटकाना , बड़े गड्ढे को कूदना.
हर्षा भोगले की तरह इंग्लिश कमेंट्री करना
जब भी क्रिकेट मैच में अंग्रेज़ी कमेंटरी यानी हर्षा भोगले की फटाफट एवं तेज तर्रार आवाज में इंग्लिश कमेंट्री सुन हम भी उनके दीवाने हो जाते थे जब भी मौका मिलता दोस्तों के सामने कुछ भी हाथ में लेकर इंग्लिश कमेंट्री करने लग जाते और अंग्रेजी में कुछ भी अंट-शंट बोलते थे. और बाद में ये भी तय करते थे की कौन हर्षा भोगले बनने के लायक है.
खुद को हीरो बनाने के चक्कर हेयर स्टाइल बदलना
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बचपन में खुद को हीरो जैसा दिखाने के चक्कर में हम कई बार मम्मी के हाथों पीट चुके है कभी सलमान खान की तरह तो कभी गजनी तो कभी अजय देवगन जैसी हेयर स्टाइल लेकिन जब मम्मी की मार पड़ती थी तब अपनी सारी हीरो गिरी निकल जाती थी.
बचपन की ये हरकतें जो हम कभी नहीं भूल सकतें | Childhood Funny Memories In Hindi




