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रन-गेट-सिंह नाम से मशहूर महान क्रिकेटर रणजीत सिंह की जीवनी | Cricketer Ranjit Singh In HIndi

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10 शतक के साथ 2780 रन बनाकर "सर डब्ल्यूजी ग्रेस" का 25 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था | Ranjit Singh Biography In Hindi
दोस्तों आज हम बात करेंगे कुमार श्री रणजीत सिंह विभाजी की. रणजीत सिंह वर्ल्ड क्रिकेट के उन महानतम क्रिकेटरों में से एक थे जो एक शानदार क्रिकेटर होने के साथ-साथ भारत के गुजरात शहर के शासक भी थे। उनके शानदार खेल को देखकर उनके चाहने वाले उन्हें "रन-गेट-सिंह" और हर मुकाबले में रनो की बौछार करने के लिए "नाईट" नाम से सम्मानित किया। रणजीत सिंह मार्च 1907 नवागढ़ के राजा के रूप में प्रजापालक और राजनेता रहे । रणजीत सिंह ने अपनी राजधानी जामनगर को अपने शासन में काफी आधुनिक बना दिया था। प्रथम वर्ल्ड वॉर के दौरान रणजीत सिंह फ्रांस सेना के कर्नल के पद पर स्टाप ऑफिसर थे। साल 1920 में जिनेवा सम्मेलन में रणजीत सिंह ने "लीग ऑफ़ नेशन्स" असेम्ब्ली में भारत देश के राज्यों का नेतृत्व किया था। साल 1932 में वो "इंडियन चैम्बर ऑफ़ प्रिंसेस" के चांसलर बने। दोस्तों रणजीत सिंह रणजी टेस्ट मैच खेलने वाले भारत के पहले व्यक्ति थे। रणजीत सिंह "द जुबिली बुक ऑफ़ क्रिकेट" की भी रचना की थी।
रणजीत सिंह का जन्म गुजरात राज्य के जामनगर के पास सरदार गांव में 10 सितम्बर 1872 को हुआ था। स्कूली शिक्षा के दौरान ही रणजीत सिंह को क्रिकेट से काफी लगाव था। जब साल 1888 में रणजीत सिंह शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंग्लैंड चले गये, इंग्लैंड में उन्हें त्रिनित्री कॉलेज की क्रिकेट टीम ने साल 1892 शामिल कर लिया उस समय इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष लार्ड हैरिस ने रणजीत सिंह ये कहकर टीम में जगह नहीं दे रहे थे की वो एक भारतीय है। लेकिन इंग्लैंड के क्रिकेट प्रेमियों ने ऐसा नहीं होने दिया जब रणजीत सिंह को ऑस्ट्रेलिया से होने वाले मैच के लिए लॉर्ड्स की इंग्लैंड टीम में शामिल नहीं किया गया। लेकिन दूसरी बार रणजीत सिंह को इंग्लैंड टीम में दूसरे टेस्ट मैच के लिए टीम में शामिल किया गया।
इस टेस्ट मैच में रणजीत सिंह ने शानदार खेल दिखाते हुए 62 रन की पारी खेली और दूसरी पारी में तो रणजीत सिंह ने कमाल कर दिया और 154 रनो की शानदार पारी खेली । इस टेस्ट में में कुल 216 रन का योगदान दे कर अपना शानदार खेल दिखाया । उस मैच के बाद कई बड़े क्रिकेटरों ने उनकी इस पारी के तारीफों के पुल बांधे लेकिन दोस्तों शानदार पारी के बाद भी रणजीत सिंह खुश नहीं थे क्योकि उस मैच में इंग्लैंड की टीम को हार का सामना करना पड़ा था। रणजीत सिंह ने साल 1896 में 10 शतक के साथ 2780 रन बनाकर "सर डब्ल्यूजी ग्रेस" का 25 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था ।
रणजीत सिंह साल 1899 में 3000 रनों का आकड़ा चुने वाले वर्ल्ड के पहले खिलाड़ी बन गये उन्होंने 61.18 की शानदार औसत से 3159 रन बनाये। रणजीत सिंह जब भी बल्लेबाजी करते थे तब अपनी कलाई का ऐसे प्रयोग करते थे की दर्शको को ऐसा लगता जैसे वो हर बॉल को बॉउंड्री से बाहर भेज देंगे। दोस्तों उनके चाहने वालो ने केवल उनका खेल ही देखा उनको रणजीत सिंह की उदासी कभी नहीं देखी दोस्तों रणजीत सिंह आजीवन अविवाहित रहे इतनी लोकप्रियता के बाद भी इनको कभी घमंड नहीं हुआ। रणजीत सिंह 1896 से 1900 तक सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गये थे। रणजीत सिंह के नाम एक और नायाब रिकॉर्ड नाम है उन्होंने प्रथम क्षेणी क्रिकेट में नाबाद 365 रनों की पारी खेली थी।
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रणजीत सिंह अपना पूरा क्रिकेट हुनर इंग्लैंड टीम को दे दिया और उन्हें वहां के क्रिकेट फैंस से भी काफी प्यार मिला । यदि उनका जन्म इंग्लैंड में होता तो भी उन्हें इतना प्यार नहीं मिल पाता । आखिर इस महान सख्शियत ने 2 अप्रैल 1933 ने दुनिया को अलविदा कह दिया।
रन-गेट-सिंह नाम से मशहूर महान क्रिकेटर रणजीत सिंह की जीवनी | Cricketer Ranjit Singh In HIndi




