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भारत को 17 बार लूटने वाला क्रूर शासक महमूद गजनवी | Cruel Ruler Mahmud Ghaznavi In Hindi

By N.j / About :-2 years ago

इतिहास के क्रुर शासको के बारे में जाने तो इस लिस्ट में सबसे ऊपर कोई नाम आता है तो वो महमूद गजनवी। महमूद गजनवी का शासनकाल (971 -1030 ) तक रहा था। भारत में लूट व इस्लामी शासन स्थापित करने के मकसद महमूद गजनवी ने भारत पर करीब 17 बार हमले किए और देश को लूटा। महमूद गजनवी के इस क्रुर शासन का आज इतिहास के हर पन्नें में जिक्र मिलता है।

महमूद गजनवी का जन्म 2 नवम्बर 971 ई. में हुआ था। गजनवी यामीनी वंश के तुर्क सरदार व गजनवी वंश के शासक सुबुक्गीन के पुत्र थें। महमूद गजनवी ने बचपन से ही युद्ध कलाओं में निपुणता व अपने शौर्य के चलते महज 27 साल की उम्र में ही महमूद गजनवी गजनवी सेनाध्यक्ष बन गया। गजनवी सेनाध्यक्ष बनने बाद वो मध्य अफगानिस्तान के शासक बनें।

अफगानिस्तान का शासक बनने के बाद गजनवी ने अपने समकालीन व तुर्की साम्राज्य की नीती के अनुसार सुन्नी इस्लामी साम्राज्य के निमार्ण में सफल हुआ। आज गजनवी के शासनकाल में जीते गई साम्राज्यो की बात करे तो इसमे पूर्वी ईरान व अफगानिस्तान के साथ मध्य एशिया के खोरासान , पाकिस्तान व भारत का पश्चिमी भाग भी आता है।
महमूद गजनवी ने भारत की अपार धन दोलत के बारे में बचपन में सुनना शुरु कर दिया था। एक बार जब उनके पिता ने हिंदू राजा जयपाल के राज्य को लुटा तब वहां से लुटी हुई संम्पती को देख कर महमूद गजनवी ने यह सपना देखना शुरु कर दिया की वो एक दिन पूरे भारत वर्ष को लूट कर मालामल बन जाएगा।

महमूद गजनवी ने अपनी इस मंशा के साथ 1001 ई. से भारत पर हमलों की शुरुआत की। इस दौरान गजनवी ने भारत पर 17 बार हमले किए और संम्पती को लूटकर गजनी ले गया।

हर वर्ष भारत पर हमले की ली प्रतिज्ञा

महमूद गजनवी जब 999 ई. में सिंहासन में बैठा तब उसने इस बात का प्रण लिया की वो हर वर्ष भारत पर हमला कर वहां से धन-दौलत लूटेगा। अपने इस मसूबे के साथ उसने भारत पर एक के बाद एक 17 हमले किए। गजनवी ने पहला हमला 1001 ई. में भारत के समीपवर्ती इलाकों में किया मगर इस हमले में उन्हें ज्यादा कुछ हासिल नही हुआ। लेकिन वो रुका नही और भारत पर एक के बाद एक हमले करता गया। महमूद गजनवी ने भारत पर सबसे बड़ा हमला 1025 ई. में किया जो उनका भारत पर सोहलवाँ हमला था। इस हमले ने गजनवी काठियावाड़ में स्थित सोमनाथ मंदिर पर हमला किया जब काठियावाड़ के हिंदू राजा चालुक्य वंश का भीम महमूद गजनवी के हमले का नाम सुन कर वहां से भाग गए।

सोमनाथ मंदिर पर हमला कर लूटने के साथ गजनवी ने हिंदूओ पर अत्याचार क्रूरता की हद पार कर दी । गजनवी ने लूट के साथ करीब 50,000 हिंदू ब्राहाणों को मौत के घाट उतार दिया। इस हमले के बाद गजनवी ने 1027 ई. में भारत पर अतिंम आक्रमण किया। इस हमले में सिंध व मुल्तान में रहने वालो जाटो पर यह हमला हुआ । जिसमें जाटो की हार हुई।

कैसे हुई इस क्रूर शासक की मौत ?

गजनवी वंश के शासक की मृत्यु को लेकर इतिहासकारों के अनुसार महमूद गजनवी अपने अतिंम समय में कई बीमारीयों के शिकार हो गए थे। जीवन अपनी क्रुरता की नीतियों का याद कर वो मानसिक बीमारी की चपेट में आ गए। इसी बीमारीयों के बीच अपने जीवन के अतिंम 3 साल जीने के बाद महमूद गजनवी का 30 अप्रैल 1030 ई. में निधन हो गया।

भारत को 17 बार लूटने वाला क्रूर शासक महमूद गजनवी | Cruel Ruler Mahmud Ghaznavi In Hindi