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हल्दीराम कैसे बना इंटरनेशनल ब्रांड इसके पीछे की पूरी कहानी | Haldiram Success Story In Hindi

हल्दीराम कैसे बना इंटरनेशनल ब्रांड इसके पीछे की पूरी कहानी | Haldiram Success Story In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-24 days ago
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"हर छोटा बदलाव ही बड़ी कामयाबी का एक दिन हिस्सा बन जाता है,जिंदगी में आगे बढ़ते रहो रास्ता खुद मिल जाता है"

नमस्कार दोस्तों आज सभी लोगो के दिमाग में सोच होती है की जीवन में छोटी छोटी कोशिशें कर कभी बड़े मुकाम को हासिल नहीं किया जा सकता दोस्तों आपको अपनी इस सोच को बदलने के लिए आज हमारे इस लेख में सक्सेस की एक प्रेरणा देने वाले इस ब्रांड के बारे में जरूर पढ़े जिसने छोटी छोटी कोशिशों से अपने ब्रांड भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में नंबर-1 बना दिया आज ये सक्सेस स्टोरी उन सभी लोगो के लिए प्रेरणा है जो जीवन में थोड़ा कुछ करने के बाद हार मान कर बैठ जाते है दोस्तों आज हम बात करने वाले है भारत की फ़ूड इंडस्ट्री में नंबर-1 ब्रांड हल्दीराम के सफल होने की पूरी कहानी के बारे में तो चलिए दोस्तों इसकी शुरुआत करते है.

दोस्तों हल्दीराम एक ब्रांड ही नहीं है बल्कि इसे राजस्थान के लोगो द्वारा इतना पसंद किया जाता है की राजस्थान के हर घर में इसे बड़े ही चाव के साथ खाया जाता है दोस्तों हल्दीराम भारत ही नहीं बल्कि विदेशो में भी अपने स्वाद के लिए काफी लोकप्रिय है नागपुर बेस्ट इस नमकीन और स्वीट्स ब्रांड की शुरुआत साल 1937 में राजस्थान के जिले बीकानेर से हुई थी इस कहानी की शुरुआत तब हुई जब बीकानेर के रहने वाले तनसुख दास ने एक बार अपनी बहन से भुजिया कैसे बनाया जाता है उसके बारे में सीखा और तब वो अपने इस हुनर के साथ बीकानेर शहर में एक छोटी सी भुजिया की दुकान चला कर अपने परिवार का पेट भरने लगे दोस्तों वो कहावत तो आपने सुनी होगी की " वक्त भी उन्ही की साथ देता है जो खुद का साथ देता है " और ऐसा ही हुआ तनसुख दास के साथ उनके बेटे गंगाबिशन अग्रवाल ने जब उनके पिता के इस कार्य को देखा तो उन्होंने इसे और नया और स्वादिष्ट बनाने के लिए योजना बनानी शुरू कर दी

Haldiram Success Story In Hindi

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तब गंगाबिशन अग्रवाल ने काफी सोचने के बाद अपने पिता के भुजिया को नया रूप देने के लिए पहले उन्हें बारीक़ किया और उसके टेस्ट को बढ़ाने के लिए उसमे कुछ जायके का इस्तेमाल किया और जब उन्होंने इस भुजिया को टेस्ट किया तो वो पहले से काफी टेस्टी और क्रंची बन गई गंगाबिशन अग्रवाल द्वारा किया गया ये बदलाव काफी सफल हुआ और बीकानेर में बनी भुजिया की छोटी सी दुकान पर लोगो की काफी भीड़ लगने लग गई लोग उसे घंटो लाइन में लग कर खरीदने लगे क्योकि दोस्तों लोगो को तब उसका स्वाद इतना पसंद आया थी की वो इसे पाने के लिए घंटो लाइन में खड़े होने के लिए भी तैयार थे

तब बीकानेर के सभी लोग हल्दीराम भुजिया के स्वाद के इतने कायल हो गए की वो बीकानेर की सभी नमकीन की दुकानों को भूल गए और तनसुख दास की दुकान पर जमा होने लग गए समय के साथ लोगो का प्यार मिलने के कारण इस छोटी सी भुजिया की दुकान से हल्दीराम का एक ब्रांड बन गया दोस्तों हल्दीराम नाम तनसुख दास के बेटे गंगाबिशन अग्रवाल का दूसरा नाम था क्योकि दोस्तों इनका ही वो आईडिया था जिसने बीकानेर के हर व्यक्ति पर अपने भुजिया का स्वाद चढ़ा दिया था और तब उन्हीं के नाम से इस बिजनेस का आगे बढ़ाने का फैसला किया गया दोस्तों ये बात आप सभी जानते है यदि एक बार इंसान को मंजिल का सही रास्ता पता लग जाये तो वो कभी असफल नहीं होता है और इस बात का सबसे बड़ा सबूत है हल्दीराम जिसने अपने इस बिजनेस को आगे बढ़ाते हुए भारत के बड़े शहर कलकत्ता,नागपुर, नई दिल्ली में अपने ब्रांड की ब्रांचे स्थापित कर दी

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नमकीन के साथ मार्केट में कदम रखने वाली हल्दीराम ने बाद में अपने कई प्रोडक्ट बनाये हल्दीराम ने नमकीन के साथ मिठाई की कई सारी वेरायटी मार्केट में उतार दी और दोस्तों ये बात हम सभी ने हर सक्सेस स्टोरी में देखी है की समय के साथ कुछ न कुछ अलग करते रहे तो वो स्टार्टअप जरूर सफल होता है और ये बात हल्दीराम ने अच्छी तरह समझी भी और इसे अपने ब्रांड पर लागु भी किया दोस्तों ऐसा नहीं है की हल्दीराम अपने नमकीन और मिठाई तक के ब्रांड तक मार्केट में सीमित हो गया बल्कि मार्केट में अपने प्रोडक्ट और उसमे अलग अलग बदलाव करता रहा तभी तो दोस्तों आज मार्केट में हल्दीराम के करीब 100 फ़ूड प्रोडक्ट चल रहे है है ना चौकाने वाली बात साथ ही हल्दीराम के हर प्रोडक्ट में अलग अलग वेरियसन भी देखने को मिलता है इनके प्रोडक्ट में आइसक्रीम डेयरी प्रोडक्ट, कुकीज , और फ्रोजन मिल्स भी इसमें सम्मलित है

Haldiram Success Story In HindiSource resize.indiatvnews.com

आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोगो के पास कम समय होता है और सभी चाहते है की उनके समय की बचत हो सके और जल्दी से खाना बन जाएं और इस बात को हल्दी राम ने अच्छे से समझा और साल 2010 में उन्होंने Ready to Eat Food प्रोडक्ट भी बनाना शुरू कर दिया दोस्तों हल्दीराम का ये ब्रांड लोगो को इतना पसंद आया की फिर चाहें मीडियम फैमेली हो या उच्च फैमली सभी के किचन में हल्दीराम के इस ब्रांड ने अपनी जगह बना ली दोस्तों आज भारत के बड़े शहर नागपुर कोलकता दिल्ली जैसे कई बड़े शहरो में हल्दीराम ने अपने रेस्टोरेंट भी खोल दिया है जहां जा कर आप हल्दीराम के द्वारा बनाये गए सभी प्रोडक्ट का स्वाद ले सकते है

दोस्तों हल्दी राम ब्रांड कितना सफल हुआ है इस बात का पता चलता है की आज हल्दीराम राम भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशो तक अपने ब्रांड को ले जा चूका है आज हल्दीराम ब्रांड ने अमेरिका श्रीलंका UAE ऑस्ट्रिलिया कनाडा जापान थाईलैंड और दुनिया के करीब 50 से ज्यादा शहरो में हल्दीराम के  प्रोडक्ट बेचे जाते है आज सभी लोगो द्वारा टेस्ट और ट्रेडिशन से जानी जाने वाली हल्दीराम कंपनी के इस फिल्म में 80 साल इस कंपनी के पुरे सफर को बया करते है अपने नए विचारो से हल्दीराम यानि गंगाबिशन अग्रवाल के परिवार ने भी अपने इस बिजनेस को उसी तरह आगे बढ़ाया है और एक बेहतरीन मार्केटिंग के साथ हल्दीराम ब्रांड को आज उस मुकाम पर पंहुचा दिया है की साल 2016 का हल्दीराम का फाइनेंशियल रेवन्यू करीब 4000 हजार करोड़ था और अपने सभी कस्टमर के स्वाद का ध्यान रखने वाली हल्दीराम की फैमेली इस रेवेन्यू को 15000 हजार करोड़ तक पहुंचना चाहती है क्योकि दोस्तों आज भी हल्दीराम ने लोगो के बिच अपना ट्रेंड बनाया रखा है आज लोग इस ब्रांड को उतना ही पसंद करते है जितना लोग इसे लेने के लिए शुरुआत में छोटी सी दुकान पर घंटो लाइन में खड़े रहकर इसे खरीदते थे

Source knowstartup.com

दोस्तों हल्दीराम की इस सक्सेस से सभी के लिए एक प्रेरणा जाती है की सभी मंजिलो के रास्ते आसान नहीं होते है उसे पाने के लिए जब हम आगे बढ़ेंगे तो हमारे सामने कई तरह की परेशानियां होगी लेकिन दोस्तों इस बात को ध्यान में रख कर हमेशा आगे बढ़ते रहे की आखिर ये लाइफ भी तो एक संघर्ष है तो दोस्तों ये थी हल्दीराम ब्रांड की सफलता की कहानी हमारा ये लेख पढ़कर आपको कैसा लगा इस बारे में कमेंट बॉक्स में जरूर बताये.

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