x

हीर रांझा के सच्चे प्यार की कहानी | Heer Ranjha Love Story in Hindi

By Ravi / About :-2 years ago

इतिहास के सच्चे प्यार की कहानी | Heer Ranjha Love Story in Hindi

पाकिस्तान की चेनाब नदी के किनारे पर तख़्त हजारा नामक गाँव था यहा पर रांझा जनजाति के लोगो की बहुतायत थी गाँव का मुख्य ज़मींदार मौजू चौधरी था उसके आठ पुत्र थे और राँझा उन भाइयो में सबसे छोटा था राँझा का असली नाम ढीदो था और उसका उपनाम राँझा था इसलिए उसे सभी राँझा कहकर बुलाते थे वह अपने पिता का बहुत लाडला था उसके भाई खेती में कड़ी मेहनत करते रहते थे और राँझा बाँसुरी बजाता रहता था।

 रांझा ने अपने भाइयो से जमीन के उपर विवाद के कारण घर छोड़ दिया रांझा ने एक रात मस्जिद में आश्रय लिया और सोने से पहले समय व्यतीत करने के लिए बांसुरी बजाने लगा मस्जिद के मौलवी साब ने संगीत सुना और बांसुरी बजाना बंद करने को कहा राझा ने बंद कराने का कारण पूछा तो मौलवी ने बताया कि इस बांसुरी का संगीत इस्लामिक नही है और ऐसा संगीत मस्जिद में बजाना वर्जित है तो रांझा ने कहा कि उसकी धुन इस्लाम में कोई पाप नही है इस बात को सुन कर मूक मौलवी ने उसे मस्जिद में रात रुकने दिया।

सुबह वो मस्जिद से रवाना हो गया और एक दुसरे हीर का गाँव में पंहुचा गया| जहां सियाल जनजाति के सम्पन्न जाट परिवार की एक सुंदर युवती हीर से मुलाकात हुई जिसका नाम हीर था| इसके बाद रांझा को हीर के पिता ने मवेशी चराने का काम सौंप दिया| रांझा की बांसुरी की आवाज से हीर मंत्रमुग्ध हो जाती थी और धीरे धीरे हीर को रांझा से प्यार हो गया वो गुप्त जगहों पर कई सालो तक मिलते रहे हीर के चाचा कैदो ने एक दिन उन्हें साथ साथ देख लिया और हीर के पिता चुचक और माँ मालकी को सारी बात बता दी।

तब राँझा को हीर के घरवालो ने नौकरी से निकाल दिया और मिलने से दोनों को  मना कर दिया उसके पिता ने सैदा खेरा नाम के व्यक्ति से शादी करने के लिए हीर से कहा हीर ने मौलवियों और उसके परिवार के दबाव में आकर उसने सैदा खरा से निकाह कर लिया जब राँझा को इस बात की खबर पता चली तो उसका दिल टूट गया वो अकेला दर दर  ग्रामीण इलाको में भटकता रहा एक दिन उसे एक जोगी गोरखनाथ मिला वो सम्प्रदाय के “कानफटा” समुदाय से  गोरखनाथ जोगी था और उसके सानिध्य में रांझा भी जोगी बन गया तो रांझा ने भी अपने कान छीद्वा लिए और कानफटा समुदाय की प्रथा का पालन करते हुए भौतिक संसार त्याग दिया।

वो पुरे पंजाब में रब्ब का नाम लेता हुआ  भटकता रहा और अंत में उसे वो गाँव मिल गया जहा हीर रहती थी वो हीर के पति सैदा के घर गया और उसका दरवाजा खटखटाया । सैदा की बहन सहती ने दरवाजा खोला उनके प्यार के बारे में सेहती ने पहले ही सुन रखा था सेहती अपने भाई के इस अनैच्छिक शादी के विरुद्ध थी उसने हीर को राँझा के साथ भागने में मदद की क्योकी वो अपने भाई की गलतियों को सुधारने के लिए उनकी मदद की  हीर और रांझा वहा से भाग गये लेकिन उनको राजा ने पकड़ लिया राजा ने उनकी पुरी कहानी सूनी और मामले को सुलझाने के लिए काजी के पास लेकर गये अपने प्यार की परीक्षा देने के लिए हीर ने आग पर हाथ रख दिया और राजा उनके असीम प्रेम को समझ गया और उन्हें छोड़ दिया।

वो दोनों वहा से गाँव गये जहा हीर के माता पिता निकाह के लिए राजी हो गये हीर के चाचा कैदो ने शादी के दिन उसके खाने में जहर मिला दिया ताकि ये शादी रुक जाये  राँझा को ये सुचना जैसे ही मिली वो दौड़ता हुआ हीर के पास पहुचा लेकिन बहुत देर हो चुकी थी हीर ने जहर मिला वो खाना खा लिया था और उसकी मौत हो गयी रांझा भी वो जहर वाला खाना खा लिया वो अपने प्यार की मौत के दुःख को झेल नही पाया और उसके बाद रांझा की भी मौत हो गयी हीर और राँझा दोनों को उनके पैतृक गाँव झंग में दफन किया गया।

ऐसा माना जाता है कि हीर राँझा की कहानी का सुखद अंत था लेकिन वारिस शाह ने अपनी कहानी में दुखद अंत बताया था हीर रांझा की प्रेम कहानी के बारे में वारिस शाह ने स्थानीय लोकगीतों और पंजाब के लोगो से पता कर कविता लिखी थी जिसे ही सभी लोग अनुसरण करते है  उसके अनुसार आज से 200 साल पहले ये घटना वास्तविकता में घटित हुयी थी जब लोदी बश का शाषन पंजाब पर था।

भारत और पाकिस्तान में इस कहानी से प्रेरित होकर कई फिल्मे बनी क्योंकि इस घटना के वक़्त भारत-पाकिस्तान अलग नही हुआ था विभाजन से पहले “हीर रांझा”नाम से 1928 से 1948 तक  कुल चार फिल्मे बनी हालांकि ये चारो फिल्मे उतनी सफल नही रही विभाजन के बाद पहली बार 1971 में “हीर रांझा ”फिल्म भारत में बनी जिसमे राजकुमार और प्रिया राजवंश मुख्य कलाकार थे और ये फिल्म काफी सफल रही  इसके बाद पंजाबी में 2009 में “हीर रांझा ”फिल्म बनी जिसमे मुख्य अभिनेता गुरदास मान थे और 1970 में हीर रांझा फिल्म पाकिस्तान में बनी थी और 2013 में हीर रांझा धारावाहिक पाकिस्तानी चैनल PTV पर प्रसारित होता था।

हीर रांझा के सच्चे प्यार की कहानी | Heer Ranjha Love Story in Hindi