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भीम की पत्नी हिडिम्बा देवी का हिमाचल में अनोखा मंदिर | Hidimba Devi Temple History In Hindi

भीम की पत्नी हिडिम्बा देवी का हिमाचल में अनोखा मंदिर | Hidimba Devi Temple History In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-1 month ago
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हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत वादियों के कारण पुरे भारत वर्ष में अपनी एक अलग पहचान रखता है देश विदेश से भ्रमण के लिए आने वाले लोग हिमाचल की खूबसूरती का अनुभव जरूर लेते है साथ ही दोस्तों हिमाचल के मनाली में देवी हिडिम्बा मंदिर है यह मंदिर एक गुफा के अंदर बना हुआ है जहां हिडिम्बा देवी की पूजा अर्चना होती है दोस्तों हम थोड़ा इतिहास में थोड़ा और गहरा जाएं तो हिडिम्बा देवी का वर्णन महाभारत काल में भी मिलता है महाभारत में हिडिम्बा देवी को पांडव भीम की अर्धागनी के रूप में तथ्य मिलते है

हिन्दू धर्म के इतिहास के पन्नो के अनुसार हिडिम्बा देवी मदिर का निर्माण राजा बहादुर सिंह ने 1553 ने अपने शासन के दौरान करवाया था हिडिम्बा देवी का भारतवर्ष में विख्यात मंदिर भारत के हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों के लिए हिल स्टेशन मनाली से 1 किमी की दुरी पर डूंगरी नामक गांव में हिडिम्बा देवी का भव्य मंदिर बना हुआ है हिमाचल में बसने वाले कुल्लु राजवंश की यह माता कुलदेवी है

हिडिम्बा देवी मंदिर का इतिहास । Hidimba Devi Temple History

Hidimba Devi Temple History In HindiSource media-cdn.tripadvisor.com

भारत के इतिहास में जब धर्मिक स्थानों के बारे में जिक्र होता है तब हमें उनका एक अलग ही इतिहास सुनने को मिलता है जिस वजह से आज के कलयुगी इन धार्मिक मान्यताओं से जुड़े रहते है आज बात कर रहे है हिमाचल के हिडिम्बा देवी मंदिर की जिसका इतिहास से से एक अलग रिश्ता है  दोस्तों ऐसा माना जाता है की देवी हिडिम्बा राक्षसी कुल की थी और  हिडिम्बा मनाली के इस पर्वत अपने भाई हिडिम्ब साथ रहती थी जब महाभारत में पड़ावों के साथ कौरवो ने चल के साथ राज पाट सब छीन लिया तब कौरवो के पास रहने का भी ठिकाना नहीं था 

जब पांचो पांडव और माता कुंती अपना वनवास जीवन बिता रहे तो एक दिन यह चलते चलते हिडिम्बा देवी के इस पर्वत के पास पहुंच गए पुरे दिन की थकान की वजह से पड़ावों को वहीं नींद आ गई लेकिन इन सब में भीम नहीं सोये और वो सभी के लिए पानी लाने के लिए नदी के पास चले गए तब हिडिम्बा ने पांडवो को खुद पर खतरा महसूस होने के चलते उन पर हमला करने के बारे में सोचा लेकिन वो भीम के उत्कृष्ट शरीर को देखकर उन पर मोहित हो गई और उनसे प्रेम करने लग गई

Hidimba Devi Temple History In HindiSource beingpahadi.com

जब इस पुरे माजरे का पता हिडिम्बा के भाई को लगा तो तब उसने भीम के साथ युद्ध छेड़ दिया दोनों के इस भयंकर युद्ध में हिडिम्बा के भाई मौत हो गई इस पुरे माजरे की बात जब माता कुंती तक पहुंची तब कुंती ने भीम को हिडिम्बा से विवाह करने का आदेश दिया तब भीम ने हिडिम्बा से विवाह किया और इन दोनों से इनको एक पुत्र हुआ भीम ने इसी गुफा में हिडिम्बा का वध भी किया था

हिमाचल के कुल्लु राजवंश की है कुलदेवी

हिमाचल में निवास करने वाले कुल्लु राजवंश की हिडिम्बा देवी के मंदिर से खास मान्यता है इस मान्यता के पीछे एक कहानी जुडी है माना जाता है की विहंगम दास अपने जीवन चलाने के लिए एक कुम्हार के यहां करता था एक दिन रात को विहंगम दास को सपने में देवी हिडिम्बा ने दर्शन दिए और यह वरदान दिया की तुम कुल्लु वंश का राजा बनने वाले हो

और यह सोच भी साबित हो रहा था कुल्लु के राजा को अकेले ही दिन किसी चोर ने मार दिया और इस तरह विहंगम दास कुल्लु वश का राजा नियुक्त कर दिया गया आज भी हिमाचल के कुल्लुवश के लोगो से यह मान्यता जुडी हुई है लोग देवी हिडिम्बा पूजा अर्चना भी करते है

हिडिम्बा देवी मंदिर की बनावट । Architecture Hidimba Devi Temple

Hidimba Devi Temple History In Hindi

Source beingpahadi.com

हिडिम्बा देवी के गुफा में बने इस मंदिर में अलग सा सुकून है हिडिम्बा देवी के मंदिर की खास बात है की यह मंदिर चार छतो में बना हुआ है इन छतों का निर्माण लकड़ियों की सहायता से किया गया है इस मंदिर की निचे की तीनो छतों का निर्माण करने के लिए  देवदार की लकड़ी प्रयोग में लिया गया है और छोटी छत का निर्माण तांबे और पीतल से किया गया है इन चारो छतों का निर्माण स्टेप बाई स्टेप किया गया है जैसे सबसे निचे वाली छत की साइज सबसे बड़ी फिर उससे ऊपर वाली उससे छोटी फिर इससे ऊपर इससे छोटी इस तरह मंदिर का निर्माण का कर कला का अद्भुत नमूना पेश किया गया है

पर्यटक स्थल के रूप में विख्यात हिडिम्बा मंदिर | Himachal Pradesh Hidimba Devi Temple

हिमाचल वैसे भी अपनी खूबसूरती के लिए विख्यात है और इसकी खूबसूरती हिडिम्बा मंदिर के कारण और बढ़ जाती है हिडिम्बा मंदिर के चारो तरह वृक्ष और वहां होने वाली बर्फ़बारी से इस मंदिर की खूबसूरती और बढ़ जाती है मनाली की सैर के लिए जाने वाला हर पर्यटक इस मंदिर में दर्शन के लिए जरूर जाता है हिडिम्बा मंदिर के पट सुबह 8 बजे खुलते और शाम के समय 6 बजे आरती के बाद बंद कर दिया जाता है

Hidimba Devi Temple History In HindiSource toim.b-cdn.net

हर साल भारी तादात में लोग यहां आते है हिडिम्बा मंदिर मंदिर तक पहुंचने के लिए आप हवाई मार्ग से भी पहुंच सकते है हिडिम्बा मंदिर से 40 किलोमीटर दुरी पर ही भुंतर हवाई अड्डा  स्थित है और सड़क मार्ग से भी आप टेक्सी या अपने प्राइवेट वाहन से आ सकते है 


हिडिम्बा देवी के मंदिर में हर वर्ष एक मैले का आयोजन होता है जिसे देखने के लिए भारी संख्या में देश विदेश के पर्यटक यहां आते है

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