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ये था इतिहास का सबसे छोटा युद्ध 38 मिनट में समाप्त हुआ | Anglo Zanzibar War of 1896 Story In Hindi

By N.j / About :-7 years ago

युद्ध शब्द यानी दो देश दो राज्यों में एक का विनाश आज जब भी हम इतिहास को पढ़ते है तो इतिहास के उन सबसे खतरनाक युद्धो की कहानियाँ पढ़ कर रुह कांप जाती है। यही कारण है की आज भी इतिहास के युद्धो की चर्चा चलती है। आज हम आपको इतिहास के इन्हीं युद्धों में एक युद्ध के बारे में  बताने वाले जो इंग्लैंड व ज़ांज़ीबार के बीच में लड़ा गया। इस युद्ध की खास बात है की इस युद्ध को इतिहास का सबसे छोटा युद्ध कहा जाता है।

क्यों व कैसे हुई इस युद्ध की शुरुआत ?

यह युद्ध साल 1896 में ज़ांज़ीबार व इंग्लैंड के मध्य लड़ा गया इस वार की खास बात यह थी की यह केवल 38 मिनट तक ही चला। युद्ध में इंग्लैंड की एक मजबूत रणनीति और एक बेहद ही शक्तिशाली सेना को देखकर ज़ांज़ीबार ने युद्ध की शुरुआत होते ही इंग्लैंड की सेना के बल के आगे हार स्वीकार कर ली। ज़ांज़ीबार के इस समर्पण के बाद युद्ध महल 38 मिनट में ही खत्म हो गया। साल 1890 में ज़ांज़ीबार ने ब्रिटेन व जर्मनी के बीच की गई संधि पर हस्ताक्षर किए थे। जब इन तीनो देशों के मध्य सधिं हुई तब ब्रिटेन अपने राज्य का विस्तार पूर्वी अफ्रिका तक करना चाहता था। यही कारण था की ब्रिटेन को जांजीबार की सत्ता दे दी गई। इस फैसले के बाद तंजानिया का अधिकाश भूभाग जर्मनी के हिस्से में चला गया।

इस संधि के बाद ज़ांज़ीबार  की देखभाल का जिम्मा हमद बिन तुवानी के हाथों मे दिया गया। ज़ांज़ीबार की सत्ता हाथ में आने के बाद हमद बिन तुवाली ने 3 साल तक शांति व जिम्मेदारी पूर्वक ज़ांज़ीबार पर अपना शासन चलाया लेकिन 25 अगस्त 1896 को हमद बिन तुवानी का निधन हो गया, हमद बिन की मुत्यु के बाद ज़ांज़ीबार की सत्ता पर उनके भतीजे खालिद बिन बर्गश ने खुद को ज़ांज़ीबार का सुल्तान घोषित कर लिया । हमद बिन तुवानी की मौत के बारे मे ऐसा कहा जाता है कि उनके भतीजे खालिद बिन बर्गश ने सत्ता के लोभ में आकर उन्हें जहर दे कर मार दिया था।

वही दुसरी तरफ ज़ांज़ीबार  की सत्ता खालिद संभालने की वजह से ब्रिटेन के अधिकारी उनके बिलकुल नाखुश थे। यही कारण रहा की बाद में ब्रिटेन के चीफ डिप्लोमैट बेसिल केव ने ज़ांज़ीबार के सुल्तान पद से खालिद को हटने का आदेश दे दिया। लेकिन खालिद ने बेसिल केव के इस आदेश को अनसुना कर अपने महल की रक्षा के लिए महल के चारो तरफ 3 हजार सैनिकों का पहरा बांध दिया। केव को जब इस बात की सुचना मिली तो उन्होंने शांतिपूर्वक ज़ांज़ीबार का सुल्तान पद त्यागने की बात खालिद से कही। लेकिन खालिद को सत्ता का नशा व लालच था इस वजह से उसने यह बात मानने से साफ इनकार कर दिया।

वही दुसरी और ज़ांज़ीबार को जितने के लिए केव को ब्रिटिश सरकार से युद्ध की किसी भी नीति से जीतने के आदेश मिल चुंके थैं। सरकार के इसी आदेश पर चलते हुए केव ने 26 अगस्त के दिन ज़ांज़ीबार के सुल्तान खालिद को अगले दिन 9 बजे तक पुर्ण आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दे दी थी।

ब्रिटेन चीफ के आदेश के बाद ब्रिटेन की विशाल सेना व युद्ध की सभी तैयारियां हो चुंकी थी। लेकिन दुसरी और अतिंम चैतावनी के बाद भी खालिद आत्मसमर्पण के लिए तैयार नही था। तब ब्रिटिस सेना ने सुबह की 9 बजकर 2 मिनट होते ही खालिद की सेना व महल पर हमला कर दिया एवं 9 बजकर 40 मिनट पर ब्रिटिस सेना ने युद्ध समाप्त कर दिया।

दोस्तो यह थी इतिहास के सबसे छोटे युद्ध की कहानी इस युद्ध को लेकर आपकी क्या प्रतिक्रिया?

ये था इतिहास का सबसे छोटा युद्ध 38 मिनट में समाप्त हुआ | Anglo Zanzibar War of 1896 Story In Hindi