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जॉब के साथ भूखो की भूख के लिए काम करता है यह इंजीनियर | An Engineer Hari Singh who Works for Hungry

By N.j / About :-2 years ago

भूख क्या होती है यह बात अच्छी तरह वही बता सकता है जो भोजन की असली कीमत जानता हो। आज हम Global Hunger Index की जारी साल 2018 की रिपोर्ट बात करें तो भारत देश के लिए शर्मिंदा कर देने वाले आंकड़े इस लिस्ट में कुल 119 देश शामिल है जिनमें हम भारतीय 103 वें नंबर पर आते है। हम आज चीन नेपाल म्यांमार, श्रीलंका व बांग्लादेश जैसे शहरो से इस मामले में पिछड़ रहें है।

एक और जहां लोग खाने का महत्व न समझते हुए शादी पार्टियों  में भोजन को भारी मात्रा में कचरें का हिस्सा बना देते है वही दुसरी और ऐसा भी वर्ग है जो खाना न मिलने के कारण बिना कुछ खाए सो रहा है। दोस्तो इन बिगड़ते हालातों से हमें जल्द सबक लेना होगा एवं भोजन की असली अहमियत समझते हुए भोजन को व्यर्थ करने से बचना होगा । हम जो खाना वेस्ट करने वाले है उसे अपनी भूख को मिटाने के लिए तड़प रहे लोगो तक चहुंचा सकते है।

दोस्तो आज हमारे बीच ऐसे भी लोग मौजूद है जो भोजन की अहमियत समझते उन्हीं में से एक है जमशेदपुर झारखंड के रहने वाले हरि सिंह, जो एक इलेक्ट्रिल इंजीनियर है। हरि सिंह आज अपने शहर में भूखमरी को जड़ से खत्म करने के अपने प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहे है। हरि सिंह ने अपनी इसी पहल के चलते अपनी एक संस्था की शुरुआत की जिसका नाम में “ Voices of Humanity ” इनकी इस संस्था का मकसद है कि कोई भी भूखा न सोए.

2015 में की संस्था की स्थापना

हरि सिंह ने जब अपनी इस मुहिम पर काम करने की शुरुआत की तब वो अकेले थे लेकिन जब उन्होंने साल 2015 में संस्था "Voices of Humanity" की स्थापना की, तब लोग हरि  सिंह की नेक सोच के साथ जुड़ने लगे आपको बता दे की दोस्तो आज हरि सिंह व उनकी संस्था के साथ 250 से ज्यादा लोगो की टीम इस मुहिम पर काम कर रही है।

यह है संस्था का काम

हरि सिंह की यह संस्था शहर में होने वाली शादी पार्टियों मे बचे हुए खाने को जमा करती है एवं इस खाने को शहर के जरुरत मंद लोगो तक पहुंचाते है। बता दे की भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ी गौतम गंभीर ने हरि सिंह का अपने एक टॉक शो में इंटरव्यू लिया था साथ ही उनके इस नेक कार्य के लिए उनकी प्रशसा की।

हरि सिंह ने "दा लॉजिकल इंडियन" से बात करते हुए कहा - जब भी लोगो को कचरे के ढेर में खाना चुनते हुए देखा तब अंदर बहुत तकलीफ होती थी। आज लोग शादी व अन्य अवसरों पर बिना सोचे समझे भोजन को कचरा पात्र में डाल देते है वही दुसरी तरफ आज सड़को पर ऐसे लोग रहते है खाना न मिलने के कारण भूखे सोते है। बस कोई भूखा न सोए इसी वजह से मैने इस संस्था की शुरुआत की।

इस तरह करती है संस्था काम

शहर में जब भी कोई समारोह का आयोजन होता है अगर इस दौरान वहां खाना बच जाता है तो संस्था के पास इसके लिए फोन आ जाता है। हरि  सिंह इस संस्था की टीम बताएं गए स्थान पर 30 मिनट के समय तक पहुंच कर उस खाने को वहां से जमा कर जरूरतमंद लोगो तक पहुंचाती है। हरि सिंह बताते है की कई बार ऐसा होता है की हमें काम करते-करते रात की 1 तक बज जाते है।

जरूरतमंद लोगो तक खाना पहुचाने के साथ हमारी टीम गरीब व असहाय बच्चों को मिशन साक्षरके तहत शिक्षा भी प्रदान करते है। आज हमारी टीम देवनगर की बस्ती में मौजूद 90 से ज्यादा कोढ़ पीड़ित बच्चों को शिक्षा दे रही है। आज सरकारी स्कूलों में लगातार शिक्षा का स्तर गिर रहा है आज गरीब व असाहय लोगो के बच्चों को शिक्षा मिलना सबसे जरुरी कदम है- हरि सिंह

संस्था के कैम्पेन को मिली सराहना

हरि सिंह ने अपने "Voices of Humanity"  के साथ "Wall of Humanity" कैम्पेन की भी शुरुआत की "Wall of Humanity" की शुरुआत के बाद से लोगो ने इसकी सराहना की । इस कैंपेन के तहत करोड़ो की संख्या में कपडे संस्था को मिले । इन कपड़ो में जो बच गए थे उन्हें हरि सिंह की की टीम ने एक स्कूल की दीवार के टांग दिए जिन लोगो को इसकी आवश्यकता थी वो अपनी जरुरत के हिसाब से कपड़े ले गए।

बता दे की हरि सिंह के संस्था मिशन जीवनरक्षक अभियानके तहत अब तक जरुरतमंद लोगो तक 1200 यूनिट तक खून पहुंचा चुकी हैं।

दोस्तो एक तरफ अपनी नौकरी दुसरी तरफ लोगो की भलाई के लिए रात-दिन एक एक करने वाले आज मानवता की सबो बड़ी मिशाल है।


जॉब के साथ भूखो की भूख के लिए काम करता है यह इंजीनियर | An Engineer Hari Singh who Works for Hungry