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ये है दुनिया के वो महान जादूगर जिनकी कला के सामने झुक गई पूरी दुनिया...

By pawan / About :-2 years ago

जादू एक इंद्रजाल है। जादू जानने और करने वाले को जादूगर कहते हैं। चमत्कार, इन्द्रजाल, अभिचार, टोना या तन्त्र-मन्त्र जैसे शब्द भी जादू कि श्रेणी में आते हैं। दरअसल जादू दो तरह का होता है पहला हाथ की सफाई और दूसरा सम्मोहन। जादू अनंतकाल से किया जाने वाला सम्मोहन भरा प्रदर्शन है, जिसका उपयोग पश्चिमी धर्मों व सम्प्रदायों के प्रचारक अशिक्षित लोगों को डराकर उन्हें अपना आज्ञाकारी अनुयायी (Follower) बनाने के लिए किया करते थे।

Top magician in the world

दुनिया (word) में एक से बड़कर एक जादूगर हुए हैं। उनके जादू (magic) देखकर लोग हैरत में पड़ जाते थे। विज्ञान भी कभी इनके जादू को पकड़ नहीं पाया। आजकल विज्ञान की मदद से पश्‍चिम (west) में जादू की विद्या खूब फल-फूल रही है इसीलिए आजकल भारत (india) की अपेक्षा वहां अच्छे और ज्यादा जादूगर पैदा होते हैं। 

मोहम्मद छैल

यह एक भारतीय जादूगर था। गुजरात के भावनगर के पास के एक गांव में 1850 को इसका जन्म हुआ था। 75 वर्ष की उम्र में सन् 1925 को उसकी मृत्यु हो गई थी।

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कहते हैं कि छैल को अपनी जादूगरी पर घमंड था। वह रेलवे में बिना टिकट यात्रा करता और टीटी से टिकट मांगे जाने पर हाथ की मुट्ठी को बंद कर खोलता और टिकट (ticket) बना देता था। उसने अपनी जादू की विद्या का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया था।

हैरी हुडीनी

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पश्‍चिमी (west) जगत में हुडनी या हुडिनी सबसे बड़ा नाम (name) है। सभी जादूगर उनसे प्रेरणा लेते हैं। हालांकि वे कुछ खास नहीं बस किसी भी प्रकार के बंधन या ताले से बाहर निकलने की कला जानते थे। यह भी सच (ture) है कि उन्होंने जो किया उनके जैसा कोई शायद ही कर पाए। हुडनी को मूलत: स्टंट परफॉर्मर के तौर पर जाना जाता था। हंगरी-अमेरिका में जन्मे हुडनी ने 52 साल की उम्र (age) में अंतिम सांस ली।

यहूदी धर्मगुरु के बेटे हुडिनी ताले और बेडियों के जकडज़ाल से बच निकलने को जादुई (magical) अंदाज में पेश करने में माहिर थे। हुडिनी का वास्तविक नाम एरिक वेस था। उनका जन्म हंगरी के बुडापेस्ट शहर में 24 मार्च, 1874 को हुआ था। पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण अपने सभी भाई बहिनों के साथ वे अमेरिका में जाकर बस गए। 

पीसी सरकार

via : amarujala.com

इनका जन्म 1913 में बंगाल में हुआ। 50-60 के दशक में अपने प्रसिद्ध शो ‘इन्द्रजाल’ के माध्यम से दुनिया भर के लोगों का दिल जीतने वाले बंगाल के जादूगर को सरकार कहते थे। बंगाल के जिस क्षेत्र में उनका जन्म हुआ था, अब वह बांग्लादेश में आता है। 6 जनवरी 1971 में जापान में एक शो करते समय 58 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से जादूगर पीसी सरकार का निधन हो गया था। उन्हें भारत सरकार ने वर्ष 1964 में पद्मश्री से पुरस्कृत किया।

पीसी सरकार जूनियर

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इन दिनों पीसी सरकार के पुत्र ने उनकी कला को प्रचलित कर रखा है। भारत के मशहूर जादूगर पीसी सरकार जूनियर ने नब्बे के दशक में कलकत्ता के विक्टोरिया मेमोरियल को और एक चलती हुई ट्रेन को गायब कर दिया था, यहां तक कि वह तो सात (sevan) अजूबों में से एक ताज महल को भी गायब कर के दिखा चुके हैं। 

डेविड कॉपरफील्ड

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कॉपरफील्ड का जन्म (birth) अमेरिका के न्यूजर्सी में हुआ था। महज 16 साल की उम्र में ही न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में उन्हें मैजिक का कोर्स कराने का मौका मिल गया, जबकि 10 साल की उम्र (age) में उन्होंने जादू दिखाना शुरू शुरू कर दिया था। डेविड कॉपरफील्ड 11 बार ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

ये है दुनिया के वो महान जादूगर जिनकी कला के सामने झुक गई पूरी दुनिया...