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गरीबी से संघर्ष कर किसान का बेटा बना आईपीएस अधिकारी | IPS Officer Bhojram Patel In Hindi

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जब जीवन में कुछ हासिल करने की चाह हो और आपका लक्ष्य के प्रति नजरिया बड़ा हो तो जीवन में मुश्किल से मुश्किल हालातो में भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है. दोस्तो आज हम ऐसी ही एक कहानी आपके सामने लेकर आए है, छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ के पास स्थित एक गांव तारापुर के रहने वाले भोजराम पटेल की. दोस्तो भोजराम पटेल के जीवन से जुड़ी यह कहानी उन लोगो के लिए खास तौर पर प्रेरणा बनने वाली है जो अपने परिवार में आयी मुश्किल परिस्थितियों में हार मान कर जीवन में आगे बढ़ने के बारे में सोचना बंद कर देते है और अपनी किस्मत का रोना रोते है. दोस्तो इस कहानी में हम जिस भोजराम पटेल की बात कर रहे है वो आज एक आईपीएस अधिकारी (IPS Officer Bhojraj Patel ) है लेकिन दोस्तो भोजराम पटेल का आईपीएस बनने का सफर इतना आसान भी नही था. आईपीएस भोजराम पटेल के जीवन में एक समय ऐसा भी था जब उनके घर में दो समय का भोजन बनाने के लिए अनाज नही होता था.
भोजराम पटेल का परिवार और परिस्थिति | IPS Bhojraj Patel
भोजराम पटेल का जन्म एक छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ के पास स्थित एक छोटे से गांव तारापुर में एक किसान के घर में हुआ था. भोजराम पटेल के पिता का नाम महेशराम पटेल और माता का नाम लीलावती था. शिक्षा और सरकारी नौकरी का इनके परिवार में किसी भी सदस्य का दूर-दूर तक कोई रिश्ता नही था. भोजराम पटेल की मां लीलावती एक गृहणी थी जो बिलकुल निरक्षर थी. परिवार का पेट भरने के लिए भोजराम के पिता के पास केवल पुरखों से मिली 2 बीघा जमीन थी. उसी में खेती कर वो अपने परिवार का गुजर बसर करते थे अपने परिवार की शुरुआती हालात के बारे में बात करते हुए भोजराम पटेल ने बताया की “ मैने बचपन में गरीबी को अच्छें से अपने जीवन में देखा है एक समय था जब मां सब्जी और दाल में अधिक मिर्च डाल देती थी वो यह सब इसलिए करती थी की घर में अनाज की कमी होती थी और सब्जी तीखी होने के कारण खाना कम खाया जाएगा और खाने की बचत होगी“.
गांव के स्कूल में पढ़ाई फिर की सिविल सर्विस की तैयारी | IPS Bhojraj Patel Story In Hindi
अपने परिवार की परिस्थितियों के चलते भोजराम ने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से पुर्ण की और अपने परिवार के हालात को समझते हुए सफलता की और बढ़ने के लिए शिक्षा को चुना और उन्हें पहली सफलता मिली शिक्षक के रूप में. लेकिन भोजराम अपनी इस सफलता से भी कुछ बड़ा करना चाहते थें वो दिन के समय अपने स्कूल के बच्चों को शिक्षा देते और समय निकाल कर अपनी पढ़ाई करते दोस्तो उनकी लगन का ही नतीजा है की भोजराम आज एक आईपीएस अधिकारी है.
आज भी स्कूल के बच्चों की पढ़ने में करते है मदद | Bhojraj Patel IPS In Hindi
दोस्तो भलें ही भोजराम पटेल आज एक आईपीएस अधिकारी बन गए है आज भी वो अपने बचपन के समय को नही भूलें है, वो अपनी गांव की सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की मदद करते है. वर्तमान में भोजराम पटेल छत्तीसगढ़ के दुर्ग में डीएसपी के तौर पर कार्यरत है.
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स्कूल के बाद पिता की खेत के काम में करते थे मदद | IPS Bhojraj Patel Success In Hindi
बचपन में गरीबी को करीब से देखने वाले आईपीएस अधिकारी भोजराम पटेल ने बताया की “ शुरुआत से ही गरीबी में जीने वाले उनके पिता हमेशा मुझें पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते थे. वो जब भी स्कूल से फ्री होते अपने पिता के खेत के कामो में मदद करते थे. दोस्तो आज एक आईपीएस अधिकारी बनने के बाद भी जब भी वो गांव आते है तो अपनी बचपन की उस स्कूल में जाना नही भुलते.
गरीबी से संघर्ष कर किसान का बेटा बना आईपीएस अधिकारी | IPS Officer Bhojram Patel In Hindi




