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47 आईपीएस अधिकारी देने वाला भारत का एकमात्र गांव माधोपट्टी | IPS Village Madhopatti In Hindi

47 आईपीएस अधिकारी देने वाला भारत का एकमात्र गांव माधोपट्टी | IPS Village Madhopatti In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-5 months ago
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भारत एक महान देश है । जहां हमें समय-समय पर कई महान लोगो के महान प्रतिभा भरे कार्य सुनने व देखने को मिलते है। भारत देश की तरक्की शहर से लेकर हर गांव की गली तक जुड़ी हुई है। आज तक आप ने भारत उभरते भारत के कई गांवो की उपलब्धियों की कहानियां सुनी होगी, मगर आज हम एक ऐसे गांव के बारे में बताने वाले है जो भारत का सबसे अलग व अनोखा गांव है। दोस्तो हम बात कर रहे है माधोपट्टी गांव की। वो माधोपट्ट गांव जिसने एक नही दो नही बल्कि भारत देश को अब तक पुरे 47 आईएएस, आईपीएस व आईएस अधिकारी दिए है। तो चलिए दोस्तो पुरे भारतवर्ष के लिए शिक्षा की प्रेरणा बने माधोपट्टी गांव के बारे में और अधिक जानते है।

प्रशासनिक अधिकारियों से भरा यह गांव उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित है। दोस्तो माधोपट्टी भारत देश का अकेला ऐसा गांव है जहां पुरे 47 आईएएस व अन्य प्रशासनिक अधिकारी है। माधोपट्टी गांव एक आम गांव की तरह महज 75 घरों की बस्ती वाला गांव है। लेकिन इस गांव को बाकी गांवो से कुछ अलग है तो वो है इस गांव से प्रशासनिक सेवाओं भारत के लिए सेवा दे रहे आईपीएस व आईएस। आज भारत के विभिन्न राज्यों में माधोपट्टी के करीब 47 आईएएस अधिकारी कार्यरत है। माधोपट्टी गांव की अपलब्धियां आईपीएएस, आईएएस तक खत्म नही होती आज इस गांव के लोग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान ( इसरो )  व विश्व बैंक के साथ देश के अन्य कई बड़े सरकारी पदों पर कार्यरत है।

इस तरह शुरु हुआ यह सफर

IPS Village Madhopatti In HindiSource qph.fs.quoracdn.net

प्रशासनिक अधिकारियों के से भरे इस गांव की यह कहानी साल 1914 से शुरु हुई, जब उस के जाने माने कवी वामिक जौनपुरी के पिता मुस्तफा हुसैन प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत हुई। इसके बाद साल 1952 में माधोपट्टी गांव को इन्दू प्रकाश सिंह आईएएस परीक्षा में चयनित हुए। बस यही वो मौका था जब माधोपट्टी गांव के बच्चों में प्रशासनिक सेवाओं में जाने का जुनून पैदा हुआ।

माधोपट्टी गांव के इस सिलसिले के बारे में गांव के ही एक बुजुर्ग राम नारायण मौर्य ने बताया कि इस गांव के अनोखी बात यह है कि यहां माता“ इस गांव के अनोखी बात यह है कि यहां माता-पिता बच्चें को छोटी सी उम्र में प्रशासनिक परीक्षाओं के लिए तैयार करना शुरु कर देते है। गांव की बच्चों बचपन से मिली इसी शिक्षा का नतीजा है जो बच्चें इस क्षेंत्र में आगे बढ़े।

पुरे भारत में लोकप्रिय माधोपट्टी गांव के ही एक आईएएस ऑफिसर इन्दू प्रकाश सिंह इंग्लैंड व दुनिया के देशो में भारत के राजदूत के रुप में अपनी भुमिका निभाई। इस गांव में एक घर ऐसा जिसमें 4 भाई है जो सभी के सपाम आईएएस अफसर है। जो भारत देश के इतिहास के लिए एक बड़ा कीर्तिमान है। एक भाई बिहार के चीफ पर थें। वही श्रीप्रकाश सिंह यूपी के नगर विकास सचिव भी है।

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माधोपट्टी गांव की इस उपलब्धि में बेटों के साथ बेटियों का भी अहम योगदान है। माधोपट्टी गांव की बेटियां भी आज प्रशासनिक सेवाओं में अपना योगदान निभा रही है। माधोपट्टी में आज आईपीएस, आईएएस के साथ भी कई ऐेसे बड़े पद है जिन पर यह कार्यरत है।

दोस्तो आज भारत देश के हर शहर के युवा के युवा के लिए यह गांव एक प्रेरणा है। जिसने भारत की सेवा में एक के बाद एक इन बड़े पदो पर चयन हुए।

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