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बूम बूम जसप्रीत बुमराह का जीवन परिचय | Jasprit Bumrah Biography In Hindi

By N.j / About :-7 years ago

वर्ल्ड क्रिकेट मे बल्लेबाजों के सबसे बड़े दुश्मन जसप्रीत बुमराह की जीवन कहानी | Jasprit Bumrah Cricket Career History In Hindi

दोस्तों ये कहावत किसी ने सही कहीं की समय उसी का इम्तिहान लेता है जो मेहनत के दम पर कुछ अलग करना चाहता है दोस्तों हम इस कहावत को भारत के वर्तमान समय के यॉर्कर मैन और दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज बनें जसप्रीत बुमराह से जोड़े तो गलत नहीं होगा एक समय भारतीय क्रिकेट टीम की कमजोर गेंदबाजी की पुरे वर्ल्ड क्रिकेट में टीम  की कमजोरी बन गई थी इसे मजबूती देने वाले जसप्रीत बुमराह का ये सफर इतना आसान नहीं था एक सामान्य से परिवार में जन्म लेने के बाद घर में पिता के निधन के बाद उनके जीवन में कहीं मुश्किलों ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए रोकना चाहा  लेकिन दोस्तों किस तरह बुमराह ने अपनी इन परेशानियों से पार पाते हुए आज वर्ल्ड क्रिकेट में नंबर- 1 गेंदबाज बन गए है तो चलिए दोस्तों बूम बूम बुमराह के इस पुरे सफर के बारे में जानते है.

अपनी गेंदबाजी से बल्लेबाजों की गिल्लियां बिखेरने वाले जसप्रीत बुमराह का जन्म 6 दिसंबर 1993 को गुजरात के अहमदाबाद मे एक सामान्य परिवार मे हुआ था बुमराह के पिता का नाम जसबीर सिंह था जो अपना छोटा मोटा बिजनेस चलाकर परिवार को चलाते थे बुमराह की माता का नाम दलजीत कौर जो स्कूल मे एक शिक्षिका थी बुमराह के एक बहन भी है जिसका नाम जुहिका है

शुरुआत मे ही खेलों मे रूचि रखने वाले बुमराह को क्रिकेट से काफी ज्यादा लगाव था और वो बचपन से ही बाकि बच्चों से अलग थे क्योंकि बाकि बच्चे बैटिंग के लिए ज्यादा मेहनत करते है वहीं बुमराह को इनसे उलट गेंदबाजी करने का शौक था उनकी इसी आदत से वो अपनी गेंदबाजी को धीरे धीरे आगे ले जा सकें बुमराह ने अपनी स्कूली शिक्षा अहमदाबाद के निर्माण हाई स्कूल से पूर्ण की और इसी स्कूल मे उनकी माता शिक्षिका के तौर पर कार्यरत थी दोस्तों जब बुमराह महज़ 7 साल के तब उनके सिर से पिता का साया उठ गया बुमराह के जीवन का ये सबसे कठिन समय था इस हादसे के बाद उनके परिवार के लोगो को गहरा सदमा पहुंचा  लेकिन बुमराह की माता ने इन परिस्थितियों से खुद को जल्द संभाला और बच्चो के भविष्य के लिए फिर से अपने प्रयासों मे जुट गई धीरे धीरे बुमराह का भी क्रिकेट से काफी लगाव हो गया और अपनी इस इच्छा को उन्होंने अपनी माँ को बता दिया जब बुमराह की माता ने उनके मुँह से ये बात सुनी तो पहली बार मे तो उन्होंने ऐसा करने के लिए मना कर दिया और बताया की तुम्हें पता है इंडियन क्रिकेट टीम मे जाने के लिए आज कितना कॉम्पिटिशन है लेकिन उन्होंने जब बुमराह का क्रिकेट के प्रति प्यार और लगातार मेहनत देखी तो उन्होंने भी इसके लिए हां कर दी

तब बुमराह ने कई छोटे मोटे क्रिकेट टूर्नामेंटों मे भाग लिया और तब अपनी शानदार गेंदबाजी से सभी का दिल जीत लिया गेंदबाजी मे उनकी इस काबिलियत को देख कर ही उन्हें MRF पेस फाउंडेशन मे चुना गया दोस्तों MRF पेस फाउंडेशन चैन्नई मे स्थित है जहां गेदबाजो को गेंदबाजी के लिए खास कोच होते है जो उन्हें गेंदबाजी की ट्रेनिंग देते है दोस्तों आपको जानकारी होनी चाहिए के भारतीय टीम की शान रह चुकें इरफान पठान ज़हीर खान मुनाफ पटेल RP सिंह और श्रीसंत जैसे भारत के टॉप गेंदबाज इसी फाउंडेशन से ट्रेनिंग ले कर टीम इंडिया मे शामिल हुए थे

बुमराह को भी यहां गेंदबाजी को और अच्छे से समझने मे काफी मदद मिली और और तब उनकी गेंदबाजी मे धार को देखते हुए अक्टूबर 2013 मे पहली बार गुजरात की अंडर-19 टीम के लिए उन्हें चुना गया गुजरात के सामने पहला मैच विदर्भ क्रिकेट टीम के साथ था और इस मैच मे बुमराह ने अपनी गेंदबाजी से विदर्भ की टीम को पस्त कर दिया और कुल 7 विकेट अपने नाम किये इस तरह बुमराह ने अपने फर्स्ट क्लास के पहले ही मैच की शानदार शुरुआत की

बाद मे खेली गई सईद मुश्ताक़ अली ट्रॉफी मे उनकी शानदार गेंदबाजी के कारण उन पर भारत के कोच रह चुकें जॉन राइट की नजर पड़ी उन्हें बुमराह की गेंदबाजी काफी पसंद आयी और भारत मे खेलें जाने वाले आईपीएल मे उनको मुंबई इंडियंस की टीम मे शामिल कर लिया और बुमराह ने महज़ 19 साल की उम्र मे आईपीएल मे अपना मैच खेला मैच मे उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर मे 32 रन देकर बैंगलोर की टीम के टॉप बल्लेबाज विराट कोहली मयंक अग्रवाल और करुण नायर के विकेट लिए

साल 2014 मे बुमराह फिर से मुंबई इंडियंस की टीम मे शामिल किये उन्होंने कुल 11 मैच मे 5 विकेट लिए साल 2015 मे खेलें गए आईपीएल मे वो इंजरी की वजह से टीम मे नहीं खेल पाए लेकिन उन्होंने घेरलू क्रिकेट जारी रखा और इसमें शानदार प्रदर्शन किया उनके इस शानदार खेल को देखते हुए 27 जनवरी 2016 को भारत की इंटरनेशनल टीम मे शामिल कर लिया गया और ऑस्ट्रेलिया टीम के खिलाफ उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय T-20 मैच खेला इस मैच मे बुमराह ने 6.57 की इकनॉमी से 3.3 ओवर मे महज़ 23 रन देकर ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट झटकायें टीम मे मिले इसे मौके को बुमराह ने जाया नहीं जाने दिया और साल 2016 मे अपनी शानदार गेंदबाजी की धार कायम रखी और साल 2016  ने 28 विकेट लेकर T-20 के मोस्ट विकेट टेकर गेंदबाज बने बाद उन्हें इंग्लैंड के साथ होने वाली घेरलू सीरीज के लिए टीम मे शामिल किया गया

15 जनवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला ODI मैच खेलते हुए बुमराह ने 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए इस सफल कदम के बाद बुमराह ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा और टीम की गेंदबाजी की रीढ़ की हड्डी बन गए अपनी शानदार गेंदबाजी के चलते आज बुमराह ICC रैंकिंग मे नंबर-1 गेंदबाज है वर्तमान मे चल रहे वर्ल्ड कप मे भी वो टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे है उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 विकेट ऑस्ट्रेलिया मैच मे 3 विकेट और पाकिस्तान के मैच मे भले ही  उन्हें विकेट नहीं मिला लेकिन पाकिस्तान की हार के लिए बुमराह का अहम योगदान था साथ ही अफगानिस्तान के खिलाफ मैच मे टीम के लिए 2 विकेट लेकर मैच अपने नाम किया दोस्तों हम यही कामना करते है की बुमराह आगे भी टीम इंडिया के लिए ऐसे ही गेंदबाजी करते रहे और भारत को वर्ल्ड कप जीता कर देश लोटे.

बूम बूम जसप्रीत बुमराह का जीवन परिचय | Jasprit Bumrah Biography In Hindi