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ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील सीईओ कुणाल बहल की संघर्ष की पूरी कहानी | Kunal Bahl Success Story In Hindi

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नमस्कार दोस्तों आज मार्केट में किसी भी बिजनेस को करने के बारे में सोच लो आपको उसमे कॉम्पिटिशन बहुत अधिक मिलेगा कारण आज का युग स्तर काफी ऊपर उठ गया है आज कोई भी बिजनेस खड़ा करना एक बड़ी चुनौती बन गया है, लेकिन ऐसा नहीं है की मार्केट में इतना कॉम्पिटिशन है तो आप हार मान ले जब आपने तय कर लिया की मुझे इसी कार्य में सफलता हासिल करनी है तो आपको दुनिया का बड़ा से बड़ा कॉम्पिटिशन सफल होने से नहीं रोक सकता और इस बात का सबसे बड़ा उदारण है ई-कॉमर्स क्षेत्र में अपनी धाक जमा चुके स्नैपडील के संस्थापक और CEO कुणाल बहल- Snapdeal CEO Kunal Bahl Biography In Hindi
कुणाल बहल ने उस समय ई-कॉमर्स क्षेत्र में हाथ डाला जब बड़ी बड़ी कंपनियां जोरों सोरों से मार्केट में चल रही थी लेकिन कुणाल ने ठान लिया था की मुझे इस क्षेत्र में उतरना है और अपने दम पर उन्होंने अपनी ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील की नींव रखी और अपने इस बिजनेस को हर सफल कदम तक भी पहुंचाया ये बात हो गई इनके सफल होने की लेकिन दोस्तों क्या आप इनकी सफलता के पीछे छुपी पूरी कहानी को जानते हो नहीं तो आज हम आपको इस बारे में बताते है
कुणाल बहल का जन्म एक मध्यम परिवार में 1 जनवरी 1984 को दिल्ली में हुआ था इनके पिता का नाम रोहित बंसल है कुणाल के पिता चाहते थे की अपने बड़े बेटे की तरह उनका छोटा बेटा कुणाल भी इंजीनियर की पढ़ाई करें और एक अच्छा और सफल इंजीनियर बनें अपने पिता के कहे नक़्शे कदम पर चलते हुए कुणाल ने इंजीनियर के लिए काफी मेहनत की लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो सके उनको IIT कॉलेज में दाखिला नहीं मिल पाया लेकिन कुणाल इस बात से बिलकुल निराश नहीं हुए ये उनकी लाइफ का सबसे बड़ा सबक साबित हुआ था.
इस असफलता को भूलते हुए कुणाल ने अपने शहर की एक कंपनी में 6000 रूपये महीने से नौकरी करना शुरू कर दिया लेकिन कुणाल को ये काम ज्यादा दिन रास नहीं आया और वो कुछ अलग सोचने लगे आखिर में कुणाल ने कॉमन इंजीनियर और एमबीए में अपनी पहचान बनाने के बारे में विचार किया वो बिजनेस पढ़ाई के बारे अधिक जानकारी लेना चाहते थे.
ये सभी विचार अपने दिमाग में रख कुणाल ने यूएस के वार्टन स्कूल में इसके लिए अप्लाई कर दिया ये एक ऐसा विश्वविद्यालय है जो इंजीनियर के साथ बिजनेस की डिग्री भी देता है कुणाल ने अपना दिमाग दौड़ाया और इस डिग्री को 5 साल की बजाय 4 साल में ही हासिल कर लिया.
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डिग्री हासिल करने के बाद कुणाल ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में जॉब करने का ऑफर मिला लेकिन महज 3 माह नौकरी करने के बाद उनके जीवन में एक और घुमाव आ गया UAS में रहते उनका वीजा H1V की समय सीमा खत्म हो गयी थी. इस कारण वो वहां से नौकरी छोड़ भारत आ गए लेकिन दोस्तों कुणाल हार मानने वालो में से नहीं थे अपनी मंजिल को पाने के लिए रात दिन मेहनत करते रहे.
कुणाल ने अब खुद का बिजनेस सेटअप शुरू करने के बारे में विचार किया और साल 2009 में कुणाल ने एक डिस्काउंट कूपन बुक कंपनी "‘मनी सेवर" से शुरुआत की.इस कंपनी में कुणाल लोगो तक डिस्काउंट कूपन पहुंचाकर उन्हें बड़ी होटल्स और रेस्टोरेंट में खाना और खरीददारी करने पर बड़ी छूट दिलवाते थे लेकिन इस सेटअप में भी उन्हें हर बार की तरह असफलता ही मिली जहां 1 साल में 1.5 करोड़ कूपन बेचने वो महज 53 पर ही रुक गए.
चलते रहो एक दिन जरूर सफल होंगे इस बात को ध्यान में रखते हुए कुणाल आगे बढ़ते रहे और साल 2010 में कुणाल ने अपने एक दोस्त के साथ मिल कर ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील की शुरुआत की शुरुआत में स्नैपडील लोगो को कूपन और बेस्ट डील प्रोवाइड करवाती थी. कंपनी के शुरुआती दिनों में निराशा जरूर हाथ लगी लेकिन धीरे-धीरे इसे लोगो का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा.
कुणाल ने ई-कॉमर्स के क्षेत्र में और ज्यादा जानने के लिए साल 2011 में चीन गए और चीन की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी के मालिक अलीबाबा के संस्थापक जैक मा से मिले और उनसे इस बारे में और अधिक जाना और उनके द्वारा किये गए बदलाव से स्नैपडील को काफी सफलता मिली.
दोस्तों आज स्नैपडील सफलता के उस चरम पर है की आज इस कंपनी के पास 4 लाख से भी अधिक सेलर्स और 30 मिलियन से भी अधिक प्रकार के प्रोडक्ट है स्नैपडील आज भारत के कुल 6000 शहरों में डिलीवरी प्रोवाइड करवाता है आज कुणाल खुद करोड़ो रूपये कमा रहे है और साथ में देश के कई युवाओ को रोजगार दे रहे है स्नैपडील को आज ई-कॉमर्स में सफतम कंपनियों की लिस्ट में शामिल किया जाता है. कुणाल ने अपनी सफलता के बाद उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा बन गए है जो एक हर के बाद निराश हो जाते है और अपनी किस्मत को ताना देते है.
ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील सीईओ कुणाल बहल की संघर्ष की पूरी कहानी | Kunal Bahl Success Story In Hindi




