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भगवद्गीता की 9 सीख जो बदल देगी आपका जीवन | Bhagavad Gita In Hindi

By N.j / About :-2 years ago

भगवद्गीता की 9 बातें जो हर मनुष्य को करती है सफल | Bhagavad Gita Gyan In Hindi

ये बात हम सब जानते है कि हिन्दुओं मे श्रीमद् भगवद्गीता सबसे पवित्र ग्रन्थ है । जब महाभारत का युद्ध हुआ था तब भगवान श्री कृष्ण ने अपने मित्र अर्जुन को इस दौरान कुछ बातें बताई थी । इस युद्ध मे भगवान श्री कृष्ण अर्जुन के सारथी थे उसी समय उन्होंने अर्जुन को जीवन के रहस्य कुछ कथनों के द्वारा समझाए थे उन कथनों ने उस अर्जुन का कार्य सिद्ध किया था और आज वर्तमान मे इन पर अमल करने वाले मनुष्य का भी , यदि दोस्तों आप अपने जीवन मे किसी मोड़ पर दोराहे पर हो उस समय आपके सामने आयी हर परेशानी का हल आपको भगवत गीता मे मिल जायेगा देश के कई महान लोगो ने भगवद्गीता को उनका जीवन दर्शन माना है.

#1. "जो हुआ, अच्छे के लिए ही हुआ। जो हो रहा है, वह भी अच्छे के लिए ही हो रहा है, जो होगा वो भी अच्छे के लिए ही होगा" - श्रीमद् भगवद्गीता

दोस्तों आप अपने जीवन मे किसी भी वजह से परेशान या निराश हो तो उसे भूल जाये यदि आपको वो बहुत दुःख दे रहा है तो ये निश्चित है उसके पीछे आपके लिए कोई अच्छा कारण छुपा हुआ है। ये जीवन चक्र जिसे आपको अपने जीवन मे स्वीकार करना होगा इसलिए ना भविष्य और ना ही अपने बीते हुए वक्त के बारे मे सोचे आप जिस वर्तमान में जी रहे है उससे खुश हो कर अपना आगे का जीवन जिये.

#2. "परिवर्तन ही संसार का नियम है"- श्रीमद् भगवद्गीता

समय कब राजा बना दे और कब रंक ये बात आप भी अच्छी तरह जानते है। पृथ्वी कभी स्थिर नहीं रहती है वो अपना चक्र पूरा करती है दिन पूरा हुआ तो रात आती है। गर्मी ख़त्म होने के बाद सर्दी आती है दोस्तों ये सब किसी कथन कि पूर्ण पुष्टि करते है परिवर्तन ही इस संसार का नियम है इसलिए उस वस्तु के लिए कभी अपने आप को दुखी मत करो जो आपके पास नहीं है और संसार के इस परिवर्तन को स्वीकार करना सीखो और यही सब बातें आपको विपरीत परिस्थितियों मजबूत बनाएगी.

#3. "ध्यान (Meditation) से मन एक दीपक की लौ की तरह अटूट हो जाता है"-श्रीमद् भगवद्गीता

हमारे जीवन कि सबसे बड़ी समस्या ये है कि हम खुद को नहीं जान नहीं पाते इस संसार मे हमारे साथ ऐसे कई लोग है जिन्होंने कभी खुद को जानने कि कोशिश नहीं कि दोस्तों मैडिटेशन एक ऐसी चीज है जो इंसान को खुद से मिलाती है और जब हम अपने आप को पहचान लेते है तब हमें इस बात का पता चलता है कि ये दुनिया सिर्फ एक जादू है ये किसी भी इंसान के जीवन मे बदलाव ला सकती है.

#4. "आप खाली हाथ आये थे और खाली हाथ ही जाओगे" - श्रीमद् भगवद्गीता

आज संसार मे मोह -माया का लोभ इंसान को सबसे ज्यादा हो गया है। आज जिस भी इंसान को देखो बस पैसो के लिए भाग रहा है। लेकिन उन्हें इस बात का ज्ञान नहीं है कि वह कहा जा रहा है और क्यों जा रहा है  और आगे उसे कहा जाना है । बस वो यही सोचते है कि मुझे खूब सारे पैसे कमाने है मुझे दुनिया मे पैसे वाला बनना है  लेकिन वो ये बात क्यों नहीं सोचते है कि हम इस दुनिया क्या लेकर आये थे और क्या लेकर जाएंगे.

#5. "मनुष्य विश्वास से बनता है, आप जैसा विश्वास रखते है वैसे बन जाते हैं" -श्रीमद् भगवद्गीता

दोस्तों इंसान जो सोचता है और जिन बातों पर विश्वास करता है - जो इंसान जैसा सोचता है वो वैसा ही बन जाता है । यदि विश्वास करना सीख गए तो आप दुनिया के सबसे खुश मिजाज इंसान हो और यदि आप हर समय अपने दिमाग नकारात्मक विचार लाएंगे तो आप हर समय दुखी रहोंगे और यदि आप हर समय अपनी सोच सकारात्मक रखोगें तो आप अपने जीवन में कभी दुखी नहीं होंगे

#6. "कर्म करो और फल की चिंता मत करो" - श्रीमद् भगवद्गीता

अपने जीवन में जिस दिन इस पंक्ति को उतार लेंगे आप अपने जीवन में कभी परेशान नहीं होंगे जब भी हम कोई कार्य करते है तब पहले एक अच्छा घर, अच्छी गाड़ी एवं अपने भविष्य के बारे में सोचते है। कई लोग अपने जीवन को एक रेस मानते हो और अपनी मंजिल के लिए दौड़ते रहते है। जब उन्हें अपनी मंजिल मिल जाती है तो उन्हें खुशी नहीं होती और वो फिर दूसरी मंजिल के लिए भागना शुरू कर देते है। वो इस बात को जीवन में कभी समझ नहीं पाते की.

"जिंदगी एक यात्रा है, न कि मंजिल और जिंदगी में ख़ुशी आपको अच्छी यात्रा करने से मिलेगी न कि अच्छी मंजिल प्राप्त करने से" - श्रीमद् भगवद्गीता

#7. संदेह (Doubt) के साथ कभी भी ख़ुशी नहीं मिल सकती – न इस लोक में न परलोक में -श्रीमद् भगवद्गीता

संशय वो शब्द है जो हमारे दिमाग में आये अस्पष्ट विचार को सामने आने से रोकता है। संदेह मनुष्य को जीवन में डरपोक बना देता है। इसी कारण व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सही निर्णय नहीं ले पाता और जीवन में कठिन परिश्रम के बावजूद एक हारे हुए व्यक्ति की तरह जीवन जीता है।

#8. "मनुष्य अपने विचारो से ऊंचाईयां भी छू सकता है और खुद को गिरा भी सकता है – क्योंकि हर व्यक्ति खुद का मित्र भी होता है और शत्रु भी" - श्रीमद् भगवद्गीता

इस पुरे संसार में आप खुद अपने सबसे अच्छे मित्र हो आपके जीवन की सभी परेशानियों का हल सिर्फ आपके पास है ना की किसी और के पास, आप यदि अपनी परेशानी का जिक्र अपने दस दोस्तों से करोंगे तो सब के अलग-अलग विचार होंगे और आप उन विचारो में उलझ जाएंगे । आपको अपने आप से जुड़ना होगा और खुद पर विश्वास करना होगा।

#9. "आत्मा न जन्म लेती है और न मरती है"- श्रीमद् भगवद्गीता

भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद् भगवद्गीता की एक पंक्ति में लिखा है ना आत्मा जन्म लेती है और ना ही कभी मरती है आत्मा को ना जलाया जा सकता ना उसे किसी हथियार से मारा जा सकता है। एक शरीर ही है जो घटता बढ़ता रहता और अंत में खत्म हो जाता है लेकिन आत्मा हमेशा अमर रहती है।


भगवद्गीता की 9 सीख जो बदल देगी आपका जीवन | Bhagavad Gita In Hindi