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इतिहास रचने वाली प्रथम महिला अध्यक्ष मीरा कुमार की जीवनी | Meira Kumar Biography in Hindi

By Ravi / About :-8 years ago

भारत की प्रथम लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का जीवन परिचय ।Meira Kumar Biography in Hindi

  • नाम  - मीरा कुमार

  • जन्म - 31 मार्च 1945

  • जन्म स्थान - पटना

  • शिक्षा - दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज एवं मिरांडा हाउस से 

  • पिता -  स्व. बाबू जगजीवनराम

  • माता - श्रीमती इंद्राणी देवी

  • पती - श्री मंजुल कुमार

परिचय -

मीरा कुमार लोकसभा अध्यक्ष पद पर रहने वाली प्रथम महिला है। इतिहास रचने वाली मीरा कुमार को लोकसभा का प्रथम अध्यक्ष बनाया गया। उनका जन्म 31 मार्च 1945 को पटना में हुआ था। उनके पिता का नाम स्व. बाबू जगजीवनराम तथा माँ का नाम श्रीमती इंद्राणी था। उनकी पहले की शिक्षा दिल्ली पुरी कि गई और बाद में उन्होने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज एवं मिरांडा हाउस से शिक्षा ग्रहण की। तथा अंग्रेजी साहित्य में M.A. की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके दौरान उनको देश की सेवा के लिए चुना गया। उनका राजनीती में बहुत लगाव था। इसलिए वो राजनीती कार्यो में जुट गई।

मीरा कुमार का राजनितिक कार्य बिजनौर से शुरू किया गया। उन्होने 1985 में लोकसभा के उपचुनाव में अपनी मेहनत से मायावती और रामविलास को हराकर लोकसभा में प्रवेश किया। अगले चुनाव में वे बिजनौर से हारने के बाद उन्होने चुनाव क्षेत्र बदल दिया। और उन्होने दिल्ली के क्षेत्र चुनाव के बाद जीत हासील कर संसद में पहुची।

उसके पश्चात उन्होने अपनी जन्मस्थली बिहार को अपनी कर्मभूमि बनाया। तथा अपने पिता की राजनितिक कार्यो को सम्भालने के लिए सासाराम जा पहुंच गई। और वहाँ 1999 के चुनावों में जनता पार्टी के मुनिलाल ने उनको पराजित कर दिया। इस के दौरान 2004 के लोकसभा चुनाव में मुनिलाल को ढाई लाख से अधिक वोटो से पराजित कर दिया। तथा उन्हे केन्द्रीय मंत्री बना दिया और सहकारिता मंत्रालय का कार्य सौप दिया गया। 

 15वी लोकसभा चुनाव में पुन: मुनिलाल को हरा कर कैबिनेट मंत्री बन गई। और उनको जलसंसाधन मंत्रालय का कार्य सौप दिया गया। वो देश के अनेक कार्यो के साथ जुडी रही तथा उन्होने अनेक पदों पर कार्य किया। वे कांग्रेस पार्टी में भी सदस्य रही।

मीरा कुमार का विवाह वकील श्री मंजुल कुमार के साथ हुआ। इसके बाद उनके एक पुत्र और दो पुत्री हुई। उनका कहना था कि दुसरे समाज के युवाओं से विवाह करने पर 50 हजार रूपये देने की बात करती है। वो लोगो की रक्षा तथा समाज सेवा के लिए अनेक कार्यो से जुडकर रहती थी।

मीरा कुमार अपनी भाषा के अलावा अन्य भाषा भी बोल लेती थी। उन्होने 12 वर्ष तक पत्रिका “पवन प्रसाद” की सम्पादक भी रही है। और वो  निशाना लगाने में बहुत सक्षम थी इसके दौरान वो राइफल शूटिंग में अनेक पद हासिल कर चुकी थी। उनको राजनितिक कार्यो के साथ - साथ अनेक कार्यो में रुचि थी। उनको पेंटिंग , शास्त्रीय नृत्य तथा  घुडसवारी का शौक था। और स्पेनिश भाषा में डिप्लोमा किया था। उन्होने भारत के अनेक कार्यो में अपना सहयोग दिया।

जब मीरा कुमार 22 साल की थी तब उन्होने एक योजना चलाई जिससे गरीब लोगो को सहायता मिल सके। जिस योजना का नाम “परिवार अपनाओ स्कीम” रखा गया। उनको देश की रक्षा के लिए अनेक कार्य करने की इच्छा रही। वे समझ ने लगी थी कि हिन्दुस्तानी दुनिया में लाजवाब है और ऐसे में उनका संरक्षण जरुरी है|

अध्यक्ष बनने के बाद उन्होने सभी लोगो को आश्वासन दिया कि में आपके हीत में कार्य करने में कोई कसर नही छोड़ेगी। उनकी सभी पार्टी में बहुत पैठ थी इसके दौरान सभी पार्टीयो में उनका अच्छा सहयोग था। तथा वे अनेक कल्याण कार्यो से जुडी थी। उन्होने पूर्व मंत्री श्री अर्जुन सिंह द्वारा प्रस्तावित पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण नीति का समर्थन किया। मीरा कुमार भारत की शून्य से शिखर तक यात्रा करने वाली पहली महिला है।

इतिहास रचने वाली प्रथम महिला अध्यक्ष मीरा कुमार की जीवनी | Meira Kumar Biography in Hindi