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बेटी के प्रति सोच के लिए अफगानिस्तान के मिया बने रियल हीरो | Mia khan Afghanistan Story In Hindi

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आज हम उस समाज का हिस्सा है जहां कुछ लोग बेटियां का एक बेटे के समान मानते है तो कुछ लोग होते है जो बेटी के जन्म को खुद के लिए एक बोझ मानते है। कई माता-पिता होते है जो बेटियो का चारदीवारी से बाहर निकलना उचित नही समझते है उन्हें शिक्षा से वंचित रखा जाता है। आज बेटो को हर अधिकार माता-पिता देते है फिर बेटियों के साथ यह अन्याय क्यों ?
आज इन्हीं लोगो के लिए प्रेरणा बने है एक पिता जो आज अपनी बेटियो को शिक्षा दिलाने के लिए हर रोज मोटरसाइकिल से करीब 12 किलोमीटर का सफर तय करते है। खास बात यह है कि मिया जी तब तक स्कूल के बाहर बैठ कर अपनी बेटियों इंतजार करते जब उनकी छुट्टी नही हो जाती। जब यह स्टोरी सोशल मीडिया तक पहुंची तक लोग मिया जी की सोच को सलाम करने लग गए। एक यूजर ने मिया जी को सुपर डेड बताया।
कौन है मिया जी क्या है इनकी पूरी कहानी ?
बेटीयों की शिक्षा के लिए दुनिया के लिए सबक बनें मिया खान अफगानिस्तान पक्तिका प्रांत के रहने वाले है। मिया खान तीन बेटीयों के पिता है, मिया चाहते है की उनकी बेटीयों को शिक्षा मिले और वो शिक्षित होकर आगे बढ़ें। मिया खान कहते है की “ मै अनपढ़ हूं और अपने परिवार का गुजारा दिहाड़ी कर चलाता हूं । सब हालात विपरीत होने के बावजूद मेरी बेटीयां शिक्षित होना जरुरी है क्योंकि आज हमारे आस-पास के क्षेत्र में एक भी महिला डॉक्टर उपलब्ध नही है। मेरी इच्छा है की मै दुनिया की सोच के परे अपनी बेटीयों को एक बेटे की तरह शिक्षा दिलाऊ।
एक ही स्कूल में है तीनों बेटीयां
बेटीयों की शिक्षा को प्राथमिकता देने वाले मिया हर रोज अपनी तीनो बेटीयों को “ नूरानिया स्कूल ” लेकर जाते है। इस स्कूल को 1980 में स्थापित “ स्वीडिश कमेटी ऑफ अफगानिस्तान ” संचालित करता है। मिया खान की एक बेटी रोजी ने बताया की - “ मै खुश हूं की आज हमें शिक्षा पाने का मौका मिल रहा है। मै कक्षा 6 में हूं। सुबह स्कूल पहुंचने के लिए कभी पापा तो कभी भाई हमें छोड़ देते है व छुट्टी का समय होता है तब हमें लेने के लिए पहुंच जाते है।” मिया जी की तीनों बेटीया इसी स्कूल पढ़ रही है। दोनो बड़ी लड़कियां कक्षा-6 में है वह छोटी बेटी 5 वी कक्षा में है।
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लोगो को पसंद आई मिया जी यह कहानी
“ नूरानिया स्कूल को संचालित करने वाली “ स्वीडिश कमेटी ऑफ अफगानिस्तान ” संस्था ने मिया जी बेटीयों के प्रति इस सोच को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अपने फेसबुक पेज के साथ लोगो के बीच शेयर किया। मिया जी की यह सोच लोगो को काफी पसंद आ रही है। पोस्ट शेयर होने के बाद से इसे करीब 400 बार शेयर, 2 हजार लाइक, व 200 से ज्यादा कमेंट आ चुके है।
एक यूजर नायला इनायत ने मिया खान की इस स्टोरी को प्रेरणा बताते हुए अपने अकांउट से इस स्टोरी को शेयर किया। जहां इसे काफी लोग पसंद कर रहें है।
दोस्तो आज मिया खान की बेटीयों के प्रति इस सोच से समाज में बेटीयों की शिक्षा को लेकर एक नया संदेश गया है ।
बेटी के प्रति सोच के लिए अफगानिस्तान के मिया बने रियल हीरो | Mia khan Afghanistan Story In Hindi




